विषय: kumbh 2019

कंगना और कुंभ पर सवाल खड़े करने वाले आमिर और यूनिलीवर की करतूतों पर चुप बैठ जाते हैं

कुम्भ के आयोजन में 200 वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि कोई बड़ी भगदड़ नहीं मची। किसी के भीड़ में कुचल कर मारे जाने की ख़बर चलाने का गिद्धों को मौक़ा ही नहीं मिला। भला आयातित विचारधारा और उपनिवेशवादी मानसिकता के लोग ऐसी कामयाबी कैसे सहन कर पाते?
कुम्भ मेला

200 साल बाद पहला कुम्भ मेला, जिसमें नहीं हुई भगदड़ से एक भी मौत

इतने विशाल जनसैलाब का सफलतापूर्वक प्रबंधन करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती मानी जाती थी। लेकिन मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने यह साबित कर दिखाया कि हिन्दुओं की आस्था को यदि प्राथमिकता और समय दिया जाए तो उन्हें आसानी से ही किसी आपदा में बदलने से रोका जा सकता है।
नरेंद्र मोदी

कुंभ सफाईकर्मियों के लिए PM मोदी ने निजी बचत से दान किए ₹21 लाख

पीएम मोदी ने प्रयागराज कुम्भ में जाकर वहाँ के सफाई अभियान की तारीफ करते हुए कहा था कि 22 करोड़ लोगों के बीच सफाई बड़ी जिम्मेदारी थी और इन सफाईकर्मियों ने साबित किया कि दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी

इस बार के कुंभ को डिजिटल कुंभ के तौर पर भी याद किया जाएगा – PM मोदी

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "प्रयाग की भूमि पर आकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूँ। इस बार संगम में पवित्र स्नान करने का अवसर मिला। प्रयागराज का तप और तप के साथ इस नगरी का युगों पुराना नाता रहा है।"
नरेंद्र मोदी

पीएम ने प्रयाग दौरे के दौरान सफाईकर्मियों पैर धोए, चरण वंदना की, जानिए क्या रही उनकी प्रतिक्रिया

PM मोदी ने कहा सफाई कर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने साबित कर दिया है कि नामुमकिन कुछ भी नहीं है। कर्मयोगियों-स्वच्छाग्रहियों की मेहनत का पता मुझे दिल्ली में चलता था। मोदी ने कहा कि मीडिया में भी मैंने देखा है कि इस बार लोगों ने कुंभ की सफाई की चर्चा की। इस बार कुंभ की पहचान स्वच्छ कुंभ के रूप में हुई है।

महिमा हिन्दू आध्यात्म की: सस्ती लोकप्रियता के लिए ‘सनातन सद्गुरु’ यीशु भी ले रहे हैं कुम्भ की मदद

हिन्दू धर्म की सहिष्णुता का ये एक बहुत बड़ा उदाहरण है। त्यौहार हिन्दुओं का, डुबकी हिन्दुओं की, ताम-झाम हिन्दुओं का और हाथ धो रहे हैं ईश्वर के पुत्र पवित्र यीशु!
कुम्भ

कुम्भ: स्नान करती महिलाओं के फोटो लेने पर हाई कोर्ट सख़्त

प्रशासन 1000 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहा है। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए 40 निगरानी टावर का भी निर्माण किया गया है।
तीर्थ

हिन्दुओं की जिस परिक्रमा को अकबर ने करवा दिया था बंद, योगी सरकार ने करवाई विधिवत शुरुआत

पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रयागराज पहुँचकर इन चारों पावन स्थानों के दर्शन मात्र से ही प्रयाग की परिक्रमा पूरी मानी जाती है।
कुंभ 2019 का विहंगम दृश्य

ग्राउंड रिपोर्ट #3: दिल्ली की बीमार यमुना कैसे और क्यों प्रयागराज में दिखने लगी साफ?

सरकारी बयान के बाद मैंने कुंभ को एक पत्रकार के नजरिए से देखना शुरू कर दिया। मैं देखना चाहता था कि क्या वाकई में कुंभ में पहुँचने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अच्छी तैयारी की गई है या सबकुछ कागजी और हवा-हवाई है?
कुम्भ

माघी अमावस्या पर मौन साधना का महत्व, कुम्भ का दूसरा शाही स्नान

आप प्रयागराज कुम्भ में हैं तो बहुत अच्छा, नहीं तो कहीं भी गंगा स्नान कर इस दिन के माहात्म्य का स्वतः अनुभव करें। हो सके तो मौन रहें और ख़ुद अनुभव करें कि क्यों मौन को नाद से भी प्रभावशाली माना गया है।
कम्भ पर डाक टिकट

कुम्भ पर डाक टिकट जारी: आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस अवसर पर एक विशेष ‘फस्ट डे कवर’ भी जारी किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले की सरकारें इस प्रकार के आयोजनों पर स्मारक डाक टिकट जारी करने से बचती आई हैं लेकिन हमने...
बाबा रामदेव

कुम्भ मेले में साधु-संतों से ‘चिलम’ माँगते दिखे बाबा रामदेव

55 दिन तक चलने वाला कुंभ मेला 4 मार्च को ख़त्म होगा। एक अंदाज़ के अनुसार, 13 करोड़ श्रद्धालु कुम्भ में भाग ले सकते हैं।

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