Homeदेश-समाजप्रभारी प्राचार्य अफ़जल हुसैन ने 'वन्दे मातरम्' और राष्ट्रगान गाने से किया इनकार, Video...

प्रभारी प्राचार्य अफ़जल हुसैन ने ‘वन्दे मातरम्’ और राष्ट्रगान गाने से किया इनकार, Video वायरल

राष्ट्रगीत के सवाल पर शिक्षक ने कहा कि वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह के सामने सर झुका सकता है, और कहीं नहीं। उसने राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाने से भी साफ़ इनकार कर दिया।

बिहार के कटिहार से एक बड़ी ख़बर सामने आई है। मामला मनिहार प्रखंड के अब्दुल्लापुर प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा है। यहाँ के प्रभारी प्राचार्य अफ़जल हुसैन ने ‘वन्दे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद नाराज़ ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुँच गए। मामले ने विवाद का रूप ले लिया। अफ़जल हुसैन पर स्थानीय लोगों से हाथापाई करने का भी आरोप है। किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहा है। इसमें आरोपित शिक्षक हुसैन ‘वन्दे मातरम्’ गाने से मना कर रहा है। शिक्षक ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि कहीं ऐसा नहीं लिखा हुआ है कि ‘वन्दे मातरम्’ गाना अनिवार्य है।

राष्ट्रगीत के सवाल पर शिक्षक ने कहा कि वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह के सामने सर झुका सकता है, और कहीं नहीं। यही नहीं, झंडारोहण के बाद अन्य शिक्षक, छात्र-छात्राएँ और ग्रामीणों ने तो राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाया, लेकिन उस शिक्षक ने इससे भी साफ़ इनकार कर दिया। उसने कहा कि वह धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए राष्ट्रगान नहीं गाएगा। उसने कहा कि राष्ट्रगान भारत माता की पूजा है, जो कि इस्लाम के ख़िलाफ़ है।

वीडियो साभार: (Zee Bihar Jharkhand)

वहीं ज़िला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि उनके पास इस मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। आरोपित शिक्षक अपने बयान पर क़ायम है और उसने कहा है कि वह न तो राष्ट्रगान गाएगा और न ही ‘वन्दे मातरम्’।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -