Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाज'अकेले मरा तो वह मेरी पत्नी-बेटियों को नहीं छोड़ेगा': परिवार के साथ जिंदा जले...

‘अकेले मरा तो वह मेरी पत्नी-बेटियों को नहीं छोड़ेगा’: परिवार के साथ जिंदा जले रामकृष्ण का Video, पत्नी ‘माँग’ रहा था MLA का बेटा

इस मामले में शिकायतकर्ता मृतक रामकृष्ण के साले हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधायक के बेटे वनमा राघव के समर्थकों ने फोन कर मुकदमा वापस लेने की धमकी दी है। उनको पैसे का भी लालच दिया जा रहा है।

तेलंगाना के भद्रादरी-कोठागुडम जिले के पलोंचा कस्बे में दो जनवरी 2022 की रात एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो जुड़वा बेटियों के साथ आग लगा ली थी। इस मामले में अब एक सेल्फी वीडियो सामने आया है​, जिससे पता चला है कि इस व्यक्ति की पत्नी को लेकर एक विधायक के बेटे ने अपमानजनक टिप्पणी की थी। अप्रत्यक्ष तौर पर उसके साथ सेक्स का दबाव डाला था। ये विधायक हैं, वी वेंकटेश्वर राव (MLA Vanama Venkateswara Rao)। वे सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) से जुड़े हैं और इस इलाके में उनका खासा दबदबा बताया जाता है। उनका आरोपित बेटा वनमा राघव राव (राघवेंद्र) फरार बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि 45 वर्षीय रामकृष्ण ने अपनी 12 वर्षीय दो जुड़वा बेटियों साहित्य और सहिति तथा 40 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी के साथ आत्मदाह कर लिया था। इस घटना में दंपती और उनकी एक बेटी की मौत हो गई थी। एक अन्य बेटी की बाद में इलाज के दौरान कोठागुडम सरकारी अस्पताल में मौत हो गई।

जाँच के दौरान पुलिस को मृतक का सुसाइड नोट भी मिला था। लेटर में भी राघवेंद्र का जिक्र था। साथ ही मृतक ने अपनी माँ सूर्यवती और बहन माधवी का भी नाम लिखा था। इसमें कहा गया था कि माँ और बहन ने मृतक को पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं दी। उस पर 30 लाख रुपए का कर्ज था और उसको किराया भी देना पड़ता था। इस मामले के समाधान के दौरान उसकी बहन ने स्थानीय विधायक के बेटे से उस पर दबाव डलवाया। विधायक के बेटे ने मृतक से ‘समस्या के समाधान के बदले’ कथित तौर पर अपनी पत्नी को पेश करने को कहा था।

वायरल हो रहे वीडियो में मृतक रामकृष्णन को कहते सुना जा सकता है, “MLA के बेटे वनमा राघव (Vanama Raghava) ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है। ऐसे लोगों से कोई सुरक्षित नहीं है। इन्हे बड़ा न बनने दें और न ही इनके अत्याचारों को सहन करें। वनमा राघव ने जो कुछ भी मेरी पत्नी के लिए कहा उसको कोई भी पति सुन नहीं सकता। वह मेरी पत्नी को मेरे बच्चों के बिना ही हैदराबाद बुला रहा था। अगर मैंने अकेले आत्महत्या की तो वह मेरी पत्नी और बच्चों को नहीं छोड़ने वाला। इसलिए मैंने सबके साथ मरने का फैसला किया है। मेरे बुरे हालातों में मेरी माँ और बहन ने मुझे प्रताड़ित किया। एक साथ मैं सभी से नहीं लड़ सकता।”

इस मामले में शिकायतकर्ता मृतक रामकृष्ण के साले हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधायक के बेटे वनमा राघव के समर्थकों ने फोन कर मुकदमा वापस लेने की धमकी दी है। उनको पैसे का भी लालच दिया जा रहा है। इस मामले में वनमा राघव के साथ मृतक की माँ और बहन को भी आरोपित किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपितों पर धारा 302, 306 & 307 IPC के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपितों की तलाश में पुलिस की 8 टीमें लगाई गई हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वनमा राघव ने खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने बताया कि उनका नाम बीच में क्यों आया उन्हें ये भी पता नहीं। इसी के साथ उन्होंने इस पूरे मामले को अपने राजनैतिक कैरियर के खिलाफ एक साजिश बताया है। वनमा राघव की गिरफ्तारी पर अभी संदेह है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में वनमा राघव की गिरफ्तारी की खबर प्रकाशित हुई है। ETV का दावा है कि खुद विधायक ने अपने बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही बेटे को बेगुनाह बताते हुए पुलिस की जाँच में पूरा सहयोग करने की भी बात कही है। इस मामले में विपक्षी दलों ने 7 जनवरी कोठागुडम विधानसभा में बंद का आह्वान किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -