Homeदेश-समाजतेलंगाना: कुएँ से निकले बिहार और बंगाल के मजदूरों के शव, मृतकों में 6...

तेलंगाना: कुएँ से निकले बिहार और बंगाल के मजदूरों के शव, मृतकों में 6 एक ही परिवार के

यह घटना उस वक्त उजागर हुई जब जूट मिल के मालिक एस. भास्कर गुरुवार को गोदाम पहुँचे। उन्होंने देखा कि एक परिवार के सभी सदस्य लापता हैं। उनके मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ थे। लिहाजा उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके बाद शाम के वक्त खोजबीन के दौरान इन लोगों की लाश कुएँ से मिली।

तेलंगाना के वारंगल जिले से चौंकाने वाली घटना सामने आई हैं। यहाँ एक कुएँ से कल (21मई 2020) से लेकर अब तक कुल 9 प्रवासी मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं।

खबरों के अनुसार शव वारंगल जिले के गीसुकोंडा मंडल के गोर्रेकुंटा गॉंव में कोल्डस्टोरेज के पीछे बने कुएँ में मिले हैं। सभी मृतक प्रवासी मजदूर थे। बंगाल और बिहार के रहने वाले थे और कोल्डस्टोरेज में काम करते थे।

यह घटना उस वक्त उजागर हुई जब जूट मिल के मालिक एस. भास्कर गुरुवार को गोदाम पहुँचे। उन्होंने देखा कि एक परिवार के सभी सदस्य लापता हैं। उनके मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ थे। लिहाजा उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके बाद शाम के वक्त खोजबीन के दौरान इन लोगों की लाश कुएँ से मिली।

मकान मालिक ने बताया कि लॉकडाउन होने के बाद वे सभी उनके गोदाम के एक कमरे कमरे में रहते थे। आमदनी बंद होने के बाद वे परेशान हो गए थे और अपने-अपने गाँव जाना चाहते थे।

पुलिस ने बताया कि कुएँ से पहले पंप के जरिए पानी निकाला गया, उसके बाद शव बाहर निकाले जा सके। ये सारे शव दो परिवार के थे। छह मृतक एक ही परिवार से हैं। इनमें एक बच्चा और एक महिला भी थी।

बहरहाल गीसुगोंडा पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम हॉस्पिटल भेजा गया है। साथ ही संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जाँच में जुट गई है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पड़ताल की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -