Homeदेश-समाज'मंदिर तोड़ने वालों को वेद बॉंटने और कावड़ लाने का आदेश सुनाओ'

‘मंदिर तोड़ने वालों को वेद बॉंटने और कावड़ लाने का आदेश सुनाओ’

ऋचा भारती को कुरान बाँटने की शर्त पर जमानत देने के मसले पर साध्वी प्राची ने कहा है कि इस फैसले से ऐसा लगता है जैसे फतवा जारी किया गया हो। फैसला हिन्दुस्तान में नहीं बल्कि सीरिया में सुनाया गया हो।

ऋचा भारती को कुरान बाँटने की शर्त पर जमानत देने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली साध्वी प्राची ने कहा है कि इस फैसले से ऐसा लगता है जैसे फतवा जारी किया गया हो।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि यदि जज ऋचा भारती को कुरान बाँटने का फैसला सुना सकते हैं तो जिन लोगों ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मंदिर तोड़ने का काम किया है, उन्हें राम नाम का पटका गले में डाल कर कावड़ लाने का आदेश भी सुनाया जाए।

उन्होंने कहा कि ऋचा भारती के मामले में जैसा आदेश दिया गया उससे लगता है कि यह फैसला हिन्दुस्तान में नहीं बल्कि सीरिया में सुनाया गया हो। ऐसा लगता है कि हिन्दुस्तान में देश विरोधी गैंग सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि शांति चाहिए और शांति के लिए इस तरह के फैसले का हवाला दिया जा रहा हो तो जज को कुरान के बजाए वेद बॉंटने का आदेश देना चाहिए था।

कांवड़ लाने पर वाले समुदाय विशेष की आस्था पर सवाल उठाते हुए साध्वी ने कहा कि यह महज दिखावा होता है। यदि जज किसी समुदाय विशेष को कांवड़ लाने का आदेश दे तो वह इसे कभी नहीं मानेंगे। उनके फैसले को साजिश करार दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर मंगलवार (जुलाई 17, 2019) को राँची की एक अदालत ने ग्रेजुएशन की छात्रा ऋचा भारती को कुरान बाँटने की शर्त पर जमानत दी थी। ऋचा ने इस फैसले को मानने से इनकार किया है। इसके बाद से सोशल मीडिया में इस मसले पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग जहॉं ऋचा के स्टैंड की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग जज के फैसले का बचाव।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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