Sunday, June 4, 2023
Homeदेश-समाजJ&K: बाहर नहीं भेज सकते सेब, आतंकियों ने बागान में घुस मालिक को धमकाया

J&K: बाहर नहीं भेज सकते सेब, आतंकियों ने बागान में घुस मालिक को धमकाया

घाटी में अमन-चैन आतंकियों को रास नहीं आ रहा। हालात बिगाड़ने की वे रोज नई साजिशें रच रहे हैं। घाटी में आर्थिक युद्ध छेड़ने के लिए आतंकवादियों द्वारा किया गया यह अपनी तरह का पहला प्रयास है।

आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बाद से जम्मू-कश्मीर के हालात नियंत्रण में है। स्थिति क़ाबू में रखने के लिए सरकार ने आतंक-प्रभावित क्षेत्रों में पैनी नज़र बना रखी है। लेकिन, आतंकियों को यह रास नहीं आ रहा और वे माहौल बिगाड़ने के लिए नई साजिशें रच रहे हैं।

इस कड़ी में अब आतंकी कश्मीर में फल और सब्जी व्यापारियों को धमकाने लगे हैं। सोमवार को आतंकी शोपियां के एक सेब बाग में दाखिल हुए और उसके मालिक को धमकी देते हुए कहा कि वह सेब बाहर नहीं भेजा जा सकता। जम्मू-कश्मीर सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @diprjk ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

जिस वक्त आतंकी बाग में घुसे थे सेब गाड़ी में लोड किया जा रहा था। आतंकियों ने बागान मालिक को धमकी देने के बाद गाड़ी में रखे सेब नीचे उतरवा दिए।

ट्वीट के अनुसार, घाटी में आर्थिक युद्ध छेड़ने के लिए आतंकवादियों द्वारा किया गया यह अपनी तरह का पहला प्रयास है। यह कश्मीर में शांति प्रक्रिया को बाधित करने का नया तरीका है। जहाँ एक तरफ लोग आतंकवाद से जूझ रहे क्षेत्र में शांति और विकास की एक नई सुबह की शुरुआत कर सरकार के साहसिक कदम का समर्थन कर रहे है, वहीं इस तरह की गतिविधियाँ वहाँ की शांति में खलल डालने के प्रयास का हिस्सा हैं।

कुछ अराजक तत्व घाटी में फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और फ़र्ज़ी ‘क्लैंपडाउन स्टोरीज’ को गढ़ कर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात सामान्य करने में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें वो सफल भी रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बालासोर रेल हादसे के बाद घटनास्थल पर घंटो डटे रहे रेल मंत्री, खुद की राहत और बचाव कार्यों की निगरानी: लोग बोले- कोई और...

बालासोर रेल हादसे के बाद 25 घंटों तक घटनास्थल पर रह कर रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की।

भोजन, पानी, जूस… सब लेकर बजरंग दल उतरा मैदान में: बालासोर ट्रेन हादसे के पीड़ितों को रक्त देने के लिए अस्पतालों में भीड़ लगी

बालासोर ट्रेन हादसे के बाद घायलों के राहत बचाव कार्य में बजरंग दल के कार्यकर्ता ग्राउंड पर उतरे हुए हैं। अस्पतालों में जरूरत का सामान पहुँचाया जा रहा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
259,793FollowersFollow
415,000SubscribersSubscribe