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‘बाबा’ बनकर दरबार चला रहे रियाजुद्दीन-सद्दाम: कोई ‘जिन्नत बाबा’ बन ‘माँ काली से बात करने का करता है दावा, कोई ‘समीर बाबा’ बन ताबीज मिलाकर पिला रहा पानी

जाँच में खुलासा हुआ है कि कैसे रियाज़ुद्दीन और सद्दाम जैसे नकली बाबा अंधविश्वास का फायदा उठाकर लोगों को ठगते हैं। ये बाबा सिक्कों, लौंग और झाड़-फूंक जैसी चालों के जरिए फीस वसूलते हैं। यहाँ तक कि पैथोलॉजी लैब्स से साठगांठ कर महिलाओं को धोखा देने का काम करते हैं। इसके जरिए वे हर महीने करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में नकली मुस्लिम पीर बाबाओं का जाल देखने को मिला है जहाँ सम्मान, प्रतिष्ठा, धन, व्यापार में वृद्धि या पुत्र प्राप्ति जैसी बातों का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को ठगने के कई मामले सामने आए हैं।

ये फर्जी पीर बाबा ‘दरबार’ चला रहे हैं और हाथों में चुंबक चिपकाकर सिक्कों को नचाने जैसे तमाशे दिखाते हैं। ऐसा करके वे समस्याओं के समाधान के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं।

एक पीर बाबा लौंग मिला पानी पिलाता है। उस पर हत्या के प्रयास का आरोप है। इसके बावजूद यह बाबा रोजाना 5 से 9 घंटे दरबार लगाकर 200 से 400 लोगों से 50,000 रुपये तक की कमाई कर रहा है। यानी हर महीने लगभग 14-15 लाख रुपये की मोटी कमाई। ये चौंकाने वाले खुलासे दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए हैं।

महराजगंज: रियाजुद्दीन उर्फ जिन्नात बाबा ‘माँ काली से बात करने’ का करता है दावा

महराजगंज के पास बिरैची गाँव में रियाजुद्दीन उर्फ जिन्नात बाबा का मामला सामने आया है। पुलिस ने उसके बड़े से दरबार के निर्माण को रोक दिया है। रियाजुद्दीन के पिता ने बताया कि वह जेल में था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया है। यह कार्रवाई स्थानीय भाजपा नेताओं और बजरंग दल की शिकायत के बाद हुई।

बताया गया कि जिन्नात बाबा का दरबार बिरैची गाँव से 10 किलोमीटर दूर कुशीनगर की सीमा से सटे छोटी गंडक नदी के किनारे घुघली बुजुर्ग श्मशान घाट के पास लगाया जा रहा था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, उनके रिपोर्टरों ने मौके पर पहुँचकर देखा कि रियाजुद्दीन/जिन्नात बाबा की सभा में लगभग 400 लोग आए थे। हैरानी की बात यह थी कि रियाजुद्दीन कोई इस्लामी तंत्र-मंत्र नहीं कर रहा था, बल्कि हिंदू धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहा था।

उसका दरबार एक हिंदू देवी के मंदिर के पास था। वह लोगों पर डंडा घुमाकर झाड़-फूँक करता था और कभी-कभी माँ काली से बात करने का नाटक करता था। वह भोजपुरी गीत गाता, माँ काली से सवाल करता और फिर बदली हुई आवाज में जवाब देता।

रियाजुद्दीन कुछ लोगों को तीन बार दरबार में आने को कहता, तो कुछ को अलग इलाज सुझाता। उसके पास बैठा लड़का 51 रुपये की फीस वसूलता और लोगों द्वारा लाए गए अगरबत्ती, कपूर, लौंग और लोबान ले लेता।

दिलचस्प बात यह थी कि जब कोई व्यक्ति उसके अंदाजे पर किसी तरह का सवाल करता तो वह चिल्लाकर उसे चुप करा देता या फिर कहता कि पहले तीन बार दरबार में आओ फिर माँ काली बताएँगी कि समस्या कैसे हल होगी।

रियाजुद्दीन उर्फ जिन्नात बाबा (फोटो-दैनिक भास्कर)

जिन्नात बाबा के दरबार में गए रिपोर्टर्स से 51 रुपये की फीस ली गई। इसके अलावा, पास की दुकान से अगरबत्ती, कपूर, लौंग और लोबान मँगवाए गए। इसकी कीमत 70 रुपये थी। इन्हें जलाने की अनुमति नहीं दी गई। रियाजुद्दीन के साथ के लड़कों ने इन्हें रख लिया और बाद में दुकान पर लौटाकर पैसे वसूल लिए।

इस तरह, रियाजुद्दीन हर व्यक्ति से कुल 121 रुपये की कमाई कर रहा है। जिस दिन उन रिपोर्टर्स ने दरबार का दौरा किया, उस दिन उसने लगभग 400 लोगों के फॉर्म भरवाए और सिर्फ 5 घंटे में 48,400 रुपये कमा लिए। इस हिसाब से, वह हर महीने लोगों को ठग कर लगभग 14.52 लाख रुपये की कमाई कर रहा है।

कुशीनगर: भूत भगाने, बीमारियाँ ठीक करने और नौकरी दिलाने के नाम पर सद्दाम उर्फ समीर बाबा का ‘चमत्कारी’ इलाज

कुशीनगर जिले के कोहरगड्डी गाँव में ‘अजमेर वाले चमत्कारी बाबा समीर साहिब’ ने अपना दरबार जमा रखा है। समीर बाबा का असली नाम सद्दाम है। खुद को हिंदू संत नहीं बताता, लेकिन उनके दरबार में समाज के कई वर्गों से लोग आते हैं।

जिन्नात बाबा की तरह, समीर बाबा भी लोगों की समस्याओं का अनुमान लगाकर दावा करता है और बताता है कि उनके घरों में ‘जिन्न’ या ‘खबीस’ घुस आया है। इसके बाद वह ‘फ्री’ इलाज देने की बात कहता है। लेकिन यही उसकी छुपी हुई असली चाल है। यह इलाज वास्तव में मुफ्त नहीं होता। समीर बाबा ने इसे एक भरा पूरा व्यापार बनाया हुआ है।

सद्दाम उर्फ बाबा समीर (फोटो-दैनिक भास्कर)

समीर बाबा का असली नाम सद्दाम है। अपने दरबार में आने वाले लोगों को वह 30 रुपये की लौंग और 60 रुपये की पानी की बोतल खरीदने को कहता है। इसके बाद वह उन पर कुछ धार्मिक मंत्रों का पाठ करने का नाटक करता है और दावा करता है कि यह पानी अब ‘चमत्कारी’ हो गया है। वह लोगों से कहते हैं कि इस पानी को तीन दिन तक पीना होगा।

दैनिक भास्कर की टीम के रिपोर्टर्स ने खुद को ‘फरियादी’ बनाकर इस धोखाधड़ी की पूरी कार्यप्रणाली को समझने की कोशिश की। उन्हें पता चला कि सद्दाम रोजाना 200 से अधिक लोगों के साथ यही प्रक्रिया दोहराता है।

समीर बाबा हर व्यक्ति से 50 से 100 रुपये तक वसूलता है। महज अंधविश्वास और झूठे दावों के जरिए वह हर महीने लगभग 3 से 5 लाख रुपए की कमाई कर रहा है।

सद्दाम उर्फ समीर बाबा महिलाओं को संतान संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाने का दावा करता है। वह अरबी में लिखी पर्चियाँ देता है और ‘इलाज’ के नाम पर 1500 रुपये की गोलियाँ बेचता है।

इसके अलावा, उसने एक पैथोलॉजी संचालक अल्ताफ अंसारी से भी साठ-गाँठ कर रखी है। अंसारी महिलाओं की एक जाँच के लिए 800 रुपये वसूलता है और समीर बाबा के कहे अनुसार ही रिपोर्ट तैयार करता है।

दैनिक भास्कर की एक महिला रिपोर्टर ने खुद को संतान प्राप्ति में कठिनाई होने की बात कहकर इस धोखाधड़ी की तह तक जाने की कोशिश की। समीर बाबा ने उसे भी अल्ताफ अंसारी की पैथोलॉजी में टेस्ट करवाने भेजा।

टेस्ट के बाद अंसारी ने कहा कि रिपोर्ट में समस्या है और इलाज जरूरी है। उसने यह भी कहा कि अगर समीर बाबा चाहें तो रिपोर्टर को संतान प्राप्त हो सकती है।

इसके बाद जब रिपोर्टर ने असली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरहीता करीम से जाँच करवाई तो पता चला कि रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य है और अल्ताफ अंसारी द्वारा बताई गई परेशानियाँ पूरी तरह झूठी थीं।

सद्दाम, ‘समीर बाबा’ बनने से पहले गाँव में गुंडों का गिरोह चलाता था। धीरे-धीरे उसने काले जादू और अंधविश्वास के सहारे लोगों को बहकाना शुरू किया। अब वह अपनी बहन की 2 डिसमिल जमीन यानी लगभग 871 स्क्वायर फुट पर दरबार लगाता है। उनकी बीवी और बच्चे गाँव में ही रहते हैं।

पिता अमीरुल्लाह इलाके में घूम-घूमकर छाते ठीक किया करते थे। भाई फखरुद्दीन और सफुद्दीन मछली पालन करते हैं। एक भाई मुसाफिर लखनऊ में पेंट-पॉलिश का ठेकेदार है। दूसरा भाई लाल मोहम्मद गाय की तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है। सबसे छोटा भाई नईम अहमद गाँव का प्रधान है।

इन गतिविधियों पर पुलिस का कहना है कि झाड़-फूँक और आस्था के नाम पर अक्सर आपराधिक गतिविधियाँ होती हैं। इन मामलों में भी अगर कोई आपराधिक कृत्य पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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