Thursday, July 25, 2024
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दिल्ली के मरकज़ में उपस्थित थे 9000 जमाती, 3200 को ही खोज पाई है पुलिस: वरिष्ठ पत्रकार का दावा

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में भरोसा करती हैं लेकिन कई बार इंसानियत के लिए कुछ चीजों पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात मुसलमानों को 1400 साल पुराने अरब दौर में ले जाना चाहता है। उन्होंने जमात के लाखों लोगों पर अज्ञान और अंधकार फैलाने का आरोप लगाया।

तबलीगी जमात के मुसलमानों ने पूरे देश में ऐसी तबाही मचाई है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जमातियों को पकड़ने के लिए कई राज्यों की पुलिस को दिन रात एक करना पड़ा। अब ‘इंडिया टीवी’ के एडिटर इन चीफ और चेयरमैन रजत शर्मा ने बताया है कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज़ मस्जिद में 9000 से ज़्यादा लोग मौजूद थे। उन्होंने जानकारी दी कि अभी पूरे देश में इनमें से 3193 को ही खोजा जा सका है, बाकियों का कोई अता-पता नहीं है। इनमें से 765 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

रजत शर्मा ने बताया कि सिर्फ़ दिल्ली में घरों और मस्जिदों से पुलिस ने तबलीगी जमात के 900 लोगों को निकाला है। उन्होंने पूछा कि बाक़ी बचे 6000 से ज़्यादा कहाँ हैं? बता दें कि अप्रैल के शुरूआती हफ्ते में ही ख़बर आई थी कि 9000 ऐसे लोगों को चिह्नित कर के क्वारंटाइन किया गया है, जो जमातियों के सम्पर्क में आए। मार्च के अंतिम हफ़्तों में मरकज़ मस्जिद में एक समय में 1500 से भी अधिक लोग उपस्थित थे और 1000 से अधिक लोग देश के विभिन्न राज्यों में गए थे। इनमें से 1300 तो विदेशी ही थे।

कई राज्यों में पुलिस के दबिश देने के बाद बड़ी संख्या में जमाती सामने आए, जो मुसलमानों के प्रभाव वाले विभिन्न इलाक़ों में मस्जिदों वगैरह में छिपे हुए थे। आज ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य से लापता तबलीगी जमात के 58 सदस्यों में से 40 का पता लगा लिया गया है। इन्हें क्वारंटाइन किया गया है। यानी, ये लोग अलग-अलग राज्यों में जाकर जाकर छिपे हुए थे। महाराष्ट्र सरकार ने बताया है कि इस इस्लामिक संगठन के बाकी 18 सदस्य अब भी लापता हैं तथा उन्हें ढूँढने की कोशिश की जा रही है।

आंध्र प्रदेश के उप-मुख़्यमंत्री के नारायणस्वामी ने भी कहा है कि जमाती अपने गंदे रहन-सहन और अजीबोगरीब दिनचर्या के कारण इस रोग को पूरे देश में लेकर गए। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में भरोसा करती हैं लेकिन कई बार इंसानियत के लिए कुछ चीजों पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात मुसलमानों को 1400 साल पुराने अरब दौर में ले जाना चाहता है। उन्होंने जमात के लाखों लोगों पर अज्ञान और अंधकार फैलाने का आरोप लगाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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