Thursday, May 30, 2024
Homeदेश-समाजक्रिकेट मैच के दौरान कहासुनी पर गोली मारकर हत्या: सलीम, अजहरुद्दीन और सरवर को...

क्रिकेट मैच के दौरान कहासुनी पर गोली मारकर हत्या: सलीम, अजहरुद्दीन और सरवर को उम्रकैद

शामली में क्रिकेट मैच के दौरान शमशाद और सलीम के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके अजहरुद्दीन, सरवर और सलीम ने घेर कर शमशाद की हत्या कर दी थी। तीनों पर पचास-पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

उत्तर प्रदेश मजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2009 में एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान विवाद के बाद एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश वीरनायक सिंह ने शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) को दोषियों सलीम, अजहरुद्दीन और सरवर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया और उन पर पचास-पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

सरकारी अभियोजक जितेंद्र त्यागी ने बताया कि पाँच सितंबर 2009 को शामली जिले के गंगेरु गाँव में एक क्रिकेट मैच के दौरान शमशाद से तीनों की लड़ाई हो गई थी। इसके बाद शमशाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

जितेंद्र कुमार त्यागी ने कहा कि 5 सिंतबर 2009 को गंगेरू के रहने वाले बुंदा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके भतीजे शमशाद और सलीम के बीच क्रिकेट मौच के दौरान कहासुनी हो गई। इसके बाद सलीम, सरवर एवं अजहरुद्दीन ने मिलकर शमशाद को घेर लिया। फिर अजहरुद्दीन और सरवर ने शमशाद को पकड़ा और सलीम ने तमंचे से गोली मार कर हत्या कर दी। सलीम इस घटना के बाद से ही जेल में बंद है। सरवर और अजहरुद्दीन जमानत पर बाहर थे। सजा सुनाए जाने के बाद इन दोनों को भी जेल भेज दिया गया।

वहीं एक अन्य घटना में शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) को ही मुजफ्फरनगर जनपद में एक किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक का शव शुक्रवार सुबह जंगल में पड़ा मिला। हत्या का कारण संपत्ति विवाद बताया गया है। सीओ ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। सीओ ने कहा कि मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और हत्यारोपी की तलाश में पुलिस लगी है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ माता कन्याकुमारी के ‘श्रीपाद’, 3 सागरों का होता है मिलन… वहाँ भारत माता के 2 ‘नरेंद्र’ का राष्ट्रीय चिंतन, विकसित भारत की हुंकार

स्वामी विवेकानंद का संन्यासी जीवन से पूर्व का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र हैं। जगह भी वही है, शिला भी वही है और चिंतन का विषय भी।

बाँटने की राजनीति, बाहरी ताकतों से हाथ मिला कर साजिश, प्रधान को तानाशाह बताना… क्या भारतीय राजनीति के ‘बनराकस’ हैं राहुल गाँधी?

पूरब-पश्चिम में गाँव को बाँटना, बाहरी ताकत से हाथ मिला कर प्रधान के खिलाफ साजिश, शांति समझौते का दिखावा और 'क्रांति' की बात कर अपने चमचों को फसलना - 'पंचायत' के भूषण उर्फ़ 'बनराकस' को देख कर आपको भारत के किस नेता की याद आती है?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -