Tuesday, January 26, 2021
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TMC नेता ने महिला के पेट में मारी लात, 3 महीने की बच्ची को भी पीटा: पति की हत्या करने आए थे गुंडे

3 महीने पहले ही महिला की सर्जरी हुई है, ऐसे में उसे पेट में लात मारे जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मधुमिता किसी तरह अपने घर से निकल कर भागने में सफल रही। वो अपनी बच्ची को लेकर किसी तरह पुलिस थाने पहुँची। पश्चिम बंगाल के जीबनताला पुलिस स्टेशन स्थित घुटियरी शरीफ पुलिस आउटपोस्ट में TMC नेता के.........

पश्चिम बंगाल में अब तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं ने महिलाओं और बच्चियों के साथ भी हिंसा शुरू कर दी है। ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जहाँ बंगाल में TMC के नेता ने न सिर्फ अपने गुंडों के साथ मिल कर एक महिला को जम कर पीटा बल्कि उसकी 3 महीने पहले जन्मी बच्ची तक को भी नहीं बक्शा। ये घटना साउथ 24 परगना के जीबनताला स्थित रबिन्द्रनगर गाँव की है, जिसकी जम कर निंदा हो रही है।

26 वर्षीय पीड़िता का नाम मधुमिता हलदर है, जिसके साथ TMC नेता बापी मंडल ने बदतमीजी की। सोमवार (अगस्त 24, 2020) की रात अचानक से पहुँच गए और महिला के पति को खोजने लगे। जब पति घर पर नहीं मिला तो उन्होंने घर में ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। फिर महिला की पिटाई शुरू कर दी गई। गुंडे खिड़की तोड़ कर घर में घुसे थे, ताकि पीड़िता के पति की हत्या कर सकें। बापी मंडल ने महिला के पेट पर भी लात मारी।

3 महीने पहले ही महिला की सर्जरी हुई है, ऐसे में उसे पेट में लात मारे जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मधुमिता किसी तरह अपने घर से निकल कर भागने में सफल रही। वो अपनी बच्ची को लेकर किसी तरह पुलिस थाने पहुँची। पश्चिम बंगाल के जीबनताला पुलिस स्टेशन स्थित घुटियरी शरीफ पुलिस आउटपोस्ट में TMC नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अभी तक हमले के पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं है।

ये कोई राजनीतिक मामला भी हो सकता है क्योंकि पश्चिम बंगाल में TMC के गुंडों द्वारा भाजपा नेताओं की हत्या का सिलसिला अभी तक थमा नहीं है। अभी तक कई भाजपा नेताओं की हत्या हो चुकी है। महिला के घर में भी गुंडे हत्या की मंशा से भी घुसे थे, ऐसे में इस घटना में भी राजनीतिक बदले की भावना हो सकती है। पुलिस ने इस मामले की शिकायत दर्ज कर ली है। बापी मंडल स्थित सभी गुंडों की तलाश जारी है।

हाल ही में एक और घटना सामने आई थी, जब स्वतंत्रता दिवस के दिन दौलतचक में भाजपा और तृणमूल के कार्यकर्ता झण्डा फहरा रहे थे। अचानक सुबह 9 बजे दोनों के बीच संघर्ष शुरू हो गया। बाद में संघर्ष हिंसक हो गया। स्थानीय लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि बमबारी भी शुरू हो गई थी। इसी दौरान भाजपा सुदर्शन प्रमाणिक पर हमला किया गया और वे जमीन पर गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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