Homeदेश-समाजमास्क पहनने बोला तो सलीम बौखलाया: गैंग के साथ दो सिखों पर चाकू, तलवार,...

मास्क पहनने बोला तो सलीम बौखलाया: गैंग के साथ दो सिखों पर चाकू, तलवार, डंडे से मुंबई में जानलेवा हमला

कीर्तिसिंह राणा और उनके भाई इन्दर सिंह अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी 5 लोगों ने उन्हें टोका और उन पर चाकू, तलवार और बाँस के डंडों से हमला बोल दिया गया। इस जानलेवा हमले में...

मुंबई के चेम्बूर में फेस मास्क को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दो व्यक्तियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। कीर्तिसिंह राणा और उनके भाई इन्दर सिंह अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी 5 लोगों ने उन्हें टोका और उनके साथ मारपीट की। उन पर चाकू, तलवार और बाँस के डंडों से हमला बोल दिया गया। गंभीर रूप से घायल हुए दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने एक आरोपित 38 वर्षीय सलीम सिद्दीकी को गिरफ़्तार किया है।

ये घटना तिलक नगर थाना क्षेत्र की है। नागेवड़ी के लोखंडे रोड में दोनों भाइयों पर रविवार (अप्रैल 3, 2020) की रात सवा 8 बजे हमला किया गया। वहाँ के एक पब्लिक टॉयलेट में जब ये विवाद हुआ, तब कई लोग वहाँ मौजूद थे, जिन्होंने दोनों घायलों को अस्पताल पहुँचाया। ये विवाद मास्क पहनने को लेकर हुआ, जिसने बाद में तूल पकड़ लिया। उन दोनों की हत्या का प्रयास किया गया। 4 आरोपित अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

दोनों घायलों का घाटकोपर स्थित राजावाड़ी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया है कि इंदरसिंह की हालत ज्यादा गंभीर है। उन्हें सिर और पीठ पर गहरी चोटें आई हैं। पीड़ित कीर्तिसिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने इंडियन पैनल कोड के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पाया है कि रविवार की सुबह आरोपितों के साथ दोनों भाइयों की कहासुनी हो गई थी, जो शाम को मारपीट में बदल गया। नीचे ट्वीट में आप घायल को देख सकते हैं (चेतावनी: ये वीडियो खौफनाक है):

सलीम अपने साथियों के साथ बिना फेस मास्क के खुला घूम रहा था। कोरोना वायरस संक्रमण के बीच सरकार ने फेस मास्क को अनिवार्य कर दिया है। पीड़ित दोनों भाइयों ने उन लोगों को मास्क पहनने को कहा, इससे सलीम और उसके दोस्त नाराज़ हो गए। शाम को उन्होंने दोनों भाइयों पर हमला बोल दिया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमिटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने घायल का वीडियो शेयर कर सिखों पर हुए हमले की निंदा की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -