Homeदेश-समाज3 दिन से मेरे दाँत में दर्द था, तिहाड़ जेल में इलाज नहीं: उमर...

3 दिन से मेरे दाँत में दर्द था, तिहाड़ जेल में इलाज नहीं: उमर खालिद ने कोर्ट को सुनाया अपना दर्द

दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार ने बुधवार को दिल्ली दंगे मामले में आरोपित 18 लोगों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत राजद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र का केस चलाने के लिए पुलिस को अपनी मंजूरी दे दी है।

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जिसे कि दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया है, ने बुधवार (दिसंबर 16, 2020) को एक अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि उसे पिछले तीन दिनों से उसके दाँतों में दर्द है इसके बावजूद भी तिहाड़ जेल अधिकारियों द्वारा कोई मेडिकल उपचार नहीं दिया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उमर खालिद की इस शिकायत के बाद मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने जेल अधीक्षक को जेल नियमों के अनुसार खालिद को उचित मेडिकल सहायता देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, अदालत ने जेल अधिकारियों को दो दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है।

अदालत ने अपने निर्देश में कहा कि अगर अगले दिन तक भी दाँत के डॉक्टर जेल में नहीं भेजे जाते, तो उमर खालिद को जेल के बाहर दाँत के डॉक्टर के पास जाँच के लिए और यदि आवश्यक हो, उपचार के लिए ले जाया जा सकता है।

साल के शुरुआत में दिल्ली के खजूरी खास इलाके में हुए दंगे से संबंधित एक मामले में अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्रनेता की न्यायिक हिरासत की अवधि 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। ज्ञात हो कि दाँतों के दर्द से जूझ रहे उमर खालिद को इस मामले में एक अक्टूबर माह में गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली सरकार ने दी राजद्रोह (Sedition Charges) के आरोप को मंजूरी

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार ने बुधवार को दिल्ली दंगे मामले में आरोपित 18 लोगों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत राजद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र का केस चलाने के लिए पुलिस को अपनी मंजूरी दे दी है।

इसमें जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम, ‘पिंजरा तोड़’ समूह की एक्टिविस्ट नताशा नरवाल, देवांगना कालिता, जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और आम आदमी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और इशरत जहाँ के नाम शामिल हैं।

उमर खालिद को इस मामले में 1 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें सितंबर माह में दंगों की एक बड़ी साजिश से जुड़े एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी को पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। नागरिकता कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शन के बाद कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और लगभग 200 लोग घायल हुए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।

क्या एक एथेनॉल फैक्ट्री ने ही बर्बाद कर दी बर्नीहाट की हवा? असम-मेघालय सीमा पर बसे इस ‘दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर’ और उमियाम...

मेघालय का बर्नीहाट प्रदूषण पर डॉक्यूमेंट्री के बाद बहस तेज हुई लेकिन इसकी टाइमलाइन और सरकारी रिपोर्ट अलग हकीकत दिखाती हैं।
- विज्ञापन -