Homeदेश-समाजरेप पीड़िता के चाचा को तत्काल रायबरेली से तिहाड़ जेल लाया जाए: उन्नाव मामले...

रेप पीड़िता के चाचा को तत्काल रायबरेली से तिहाड़ जेल लाया जाए: उन्नाव मामले पर SC का आदेश

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता का इलाज अभी लखनऊ में ही होने दिया जाए। अगर आगे जरूरत पड़ेगी तो पीड़िता की तरफ़ से रजिस्ट्री आकर ट्रांसफर के लिए कहा जा सकता है।

उन्नाव रेप केस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2019) को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के लिहाज से तत्काल पीड़िता के चाचा को रायबरेली की जेल से दिल्ली की जेल में स्थानांतरित किया जाए। जबकि इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़िता के ट्रांसफर पर कोई आदेश नहीं दिया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता का इलाज अभी लखनऊ में ही होने दिया जाए। अगर आगे जरूरत पड़ेगी तो पीड़िता की तरफ़ से रजिस्ट्री आकर ट्रांसफर के लिए कहा जा सकता है। बता दें कि पीड़िता की माँ ने भी सर्वोच्च न्यायालय से अपनी बेटी का उपचार लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में ही जारी रहने देने की गुहार लगाई थी, जिसके मद्देनजर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

कोर्ट ने इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया से पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए कहा है। कोर्ट का आदेश है कि उन्नाव केस में रिपोर्टिंग के दौरान मीडिया इस बात का ध्यान रखे कि पीड़िता की पहचान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उजागर न हो। इस मामले के मद्देनजर अगली सुनवाई सोमवार (अगस्त 5, 2019) को होगी।

शुक्रवार को हुई इस सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायलय को ये जानकारी दी कि उन्होंने 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा रेप पीड़िता को सौंप दिया है। मुआवजे की इस रकम का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को एक दिन पहले ही दिए थे। साथ ही सरकार ने ये भी कहा है कि उन्हें पीड़िता के चाचा को रायबरेली से तिहाड़ भेजने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -