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BJP की जीत के बाद शर्त से मुकरा शेर अली, 1 साल के लिए विजय सिंह को अब नहीं दे रहा खेत: SP की हार के बाद भी अवधेश ने निभाया वादा

शर्त के अनुसार बीजेपी की सरकार बनने पर शेर अली शाह को अपनी चार बीघा जमीन विजय सिंह को एक साल तक खेती के लिए देना था। सपा की जीत पर यही शर्त विजय सिंह के लिए भी थी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में योगी आदित्यनाथ की हार और अखिलेश यादव की जीत पर लगी चर्चित शर्त में शेर अली अपने वादे से मुकर गए हैं। भाजपा की जीत पर विजय सिंह को अपने 4 बीघे खेत 1 साल तक देने का पंचायत नामा अब शेर अली नहीं मान रहे। वहीं विजय सिंह ने इस वादाखिलाफी की शिकायत पुलिस में करने का मन बनाया है। यह मामला UP के बदायूँ विधानसभा के शेखूपुर विधानसभा का है।

सोशल मीडिया पर यह शर्त बहुत वायरल हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधानसभा चुनाव परिणाम आ जाने के बाद विजय सिंह ने शेर अली से खेत देने को कहा। इस पर शेर अली ने सीधे इनकार कर दिया। साथ ही शेर अली ने धमकाते हुए कहा, “जाओ थाने में शिकायत कर दो, हम तब भी खेत नहीं देंगे।” विजय सिंह पंचायत के आगे शर्त में हुए करार को लागू करवाना चाह रहे हैं।

गौरतलब है कि इस शर्त में था कि यदि बीजेपी की सरकार बनी तो शेर अली शाह अपनी चार बीघा जमीन विजय सिंह को एक साल तक खेती के लिए देंगे। वहीं, यदि सपा की जीत हुई तो विजय सिंह को 4 बीघा जमीन एक साल के लिए शेर अली के हवाले करनी होगी। कोई बात से न पलटे इसके लिए गाँव के 12 लोग गवाह बनाए गए थे।

बांदा जिले में लगी बाइक की शर्त पूरी हुई

वहीं उत्तर प्रदेश के ही बांदा जिले में भाजपा और सपा समर्थक के बीच बाइक की शर्त लगी थी। मटौंध थाना क्षेत्र के गाँव बसहरी में प्लास्टिक सामान की फेरी लगाने वाले सपा समर्थक अवधेश कुशवाहा और भाजपा समर्थक टेम्पो चालक ब्रजकिशोर सैनी के बीच 100 रुपए के स्टाम्प पर शर्त लगी थी। इसमें कहा गया था कि अगर बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो ब्रजकिशोर अपनी टेंपो अवधेश को देगा। वहीं अगर सपा हारेगी तो अवधेश अपनी बाइक ब्रजकिशोर सैनी को देंगे। 10 मार्च को परिणाम आने के बाद अवधेश कुशवाहा ने अपनी बाइक ब्रजकिशोर सैनी को दे दी है।

अवधेश कुशवाहा (बाएँ) और बृजकिशोर सैनी (दाएँ) चित्र साभार – दैनिक भास्कर
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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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