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‘आवश्यक वस्तु’ के नाम पर बेची जा रही थी मीट: 6 क्विंटल मीट के साथ सईद बसीर दामाद सहित गिरफ़्तार, 8 महिलाएँ भी शिकंजे में

पुलिस को यहाँ से भी एक लोडर में मुर्गे का मीट बरामद हुआ। कुल मिलाकर पुलिस ने 6 क्विंटल मीट को बरामद किया। साथ ही तत्काल बीपीएफ ट्रेडर्स के मुख्यालय को सील कर दिया गया, जबकि ट्रेडर्स के मालिक सईद बसीर, उसके दामाद कानपुर के विधनू निवासी सैय्यद कफील अहमद, सुपरवाइजर निमहालुद्दीन उर्फ निहाल, मो. शाहिद और बूचड़ इरशाद रजा को गिरफ्तार कर लिया।

देश में जारी लॉकडाउन के बीच पुलिस-प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी समुदाय विशेष के लोग अपनी गंदी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस बार लखनऊ पुलिस ने सात ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले कई दिनों से आवश्यक वस्तु आपूर्ति का पोस्टर लगाकर दुकानों पर मीट सप्लाई कर रहे है। दूसरी ओर लखनऊ पुलिस ने आठ ऐसी महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जो एक मिनी बस में बैठकर मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि इंदिरानगर थाने की टीम सोमवार सुबह छह बजे खुर्रमनगर चौराहे पर गश्त कर रही थी। इस बीच निकले लोडर को पुलिस ने जाँच के लिए रोका। जाँच के बाद पता चला कि लोडर के अंदर मुर्गे का मीट लदा हुआ था। इसके बाद तत्काल पुलिस ने चालक मोहम्मद अकील और परिचालक मोहम्मद अस्जद गाजी को पकड़ पूछताछ शुरू कर दी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने बीपीएफ ट्रेडर्स खुर्रमनगर में छापा मारा। पुलिस को यहाँ से भी एक लोडर में मुर्गे का मीट बरामद हुआ। कुल मिलाकर पुलिस ने 6 क्विंटल मीट को बरामद किया। साथ ही तत्काल बीपीएफ ट्रेडर्स के मुख्यालय को सील कर दिया गया, जबकि ट्रेडर्स के मालिक सईद बसीर, उसके दामाद कानपुर के विधनू निवासी सैय्यद कफील अहमद, सुपरवाइजर निमहालुद्दीन उर्फ निहाल, मो. शाहिद और बूचड़ इरशाद रजा को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद पुलिस ने सभी सातों आरोपितों को जेल भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर धनंजय पांडेय के मुताबिक मीट की निर्बाध आपूर्ति के लिए कारोबारी सईद बसीर ने फर्जी पास का इंतजाम कर लिया था, जो कि लॉकडाउन के बाद से ही मीट की फर्जी तरीके से आपूर्ति कर रहा था।

वहीं बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने जा रही समुदाय विशेष की आठ महिलाओं को लखनऊ पुलिस ने दबोच लिया। इंस्पेक्टर मडियांव विपिन कुमार सिंह के मुताबिक रविवार देर रात पुलिस की एक टीम दरोगा बृजेश कुमार के साथ रोड़ पर गश्त कर रही थी। इस दौरान पुलिस टीम ने एक मिनी बस में समुदाय विशेष की महिलाओं को चढ़ते हुए देखा।

इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक और मीट फैक्ट्री के मैनेजर सहित खदरा निवासी आफरीन, नौबस्ता मडियांव निवासी आयशा, हिना, फातिमा, मेसरजहाँ, अजीजनगर निवासी अमीना, डालीगंज निवासी रूही और प्रीति नदर मडियांव निवासी अमीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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