Homeदेश-समाज'अंकल मैं मर जाऊँगी, मुझे छोड़ दो': शहजाद के सामने बिलखती रही बबली... खून...

‘अंकल मैं मर जाऊँगी, मुझे छोड़ दो’: शहजाद के सामने बिलखती रही बबली… खून वाली शर्ट, रस्सी, चप्पल मिली

शहजाद ने पूछताछ में कहा कि वह अक्सर बबली को आते-जाते देखता था। उसे देखकर उसकी नीयत खराब हो जाया करती थी। 10 सितंबर को भी उसने उसे जाता देखा और उसके वापस लौटने का इंतजार करने लगा।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 10 सितंबर 2021 को खो-खो की राष्ट्रीय खिलाड़ी बबली की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए शहजाद उर्फ खादिम को गिरफ्तार कर लिया है। रेप में नाकाम रहने पर उसने 24 वर्षीय बबली की गला दबाकर हत्या कर दी थी।

बबली के दोस्त की ओर से मुहैया कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग के सहारे पुलिस शहजाद तक पहुँची। वह रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता था और नशे का आदी है। पुलिस के मुताबिक आरोपित पहले भी कई बार जेल जा चुका है। पुलिस को उसके पास से खून के धब्बे वाली शर्ट, रस्सी, चप्पल और शर्ट के टूटे बटन भी मिले हैं।

रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 10 सितंबर को बबली नौकरी के लिए इंटरव्यू देकर लौट रही थी। दोपहर करीब दो बजे वह फोन पर अपने दोस्त से बात करते हुए गुजर रही थी। इसी दौरान शहजाद उसे खींचकर रेलवे स्लीपर्स के बीच खाली जगह में ले गया। इसके बाद दोस्त ने मोबाइल पर बबली की चीख सुनी जिसमें वह कह रही थी- अंकल मैं मर जाऊँगी, मुझे छोड़ दो। बाद में बबली के दोस्त ने इसकी जानकारी उसके एक पड़ोसी को दी। पड़ोसी को बोरियों के बीच बबली का शव मिला था, लेकिन फोन गायब था।

एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जाँच के दौरान बबली के फोन की लास्ट लोकेशन आदमपुर गाँव में मिली। उसके बाद शहजाद को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस के मुताबिक शहजाद नशे का आदी था। उसे पता था कि बबली रेलवे स्लीपर्स के बीच से गुजरती है। 10 सितंबर को उसके पास कोई काम नहीं था और वह नशे की हालत में पहले से बबली का इंतजार कर रहा था। वहाँ से जब वह गुजरी तो वह उसे खींच कर स्लीपर्स के बीच ले गया। जब बबली शोर मचाने लगी तो दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया।

पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि शहजाद ने पूछताछ में कहा कि वह अक्सर बबली को आते-जाते देखता था। उसे देखकर उसकी नीयत खराब हो जाया करती थी। 10 सितंबर को भी उसने उसे जाता देखा और उसके वापस लौटने का इंतजार करने लगा। करीब 2 बजे जब वह लौट रही थी तो शहजाद ने उसे स्लीपर्स के बीच खाली जगह में खींच लिया। एक रस्सी उसके गले में डाल दी और रस्सी तथा चुन्नी से उसका गला कस दिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपित शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। रेलवे स्टेशन से सामान चोरी करने के आरोप में उसके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में चार शिकायतें दर्ज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की जाँच पहले राजकीय रेलवे पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे बिजनौर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने इस मामले का खुलासा करने वाली टीम को 25,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

पुलिस को आरोपित की पीठ पर नाखून के निशान भी मिले हैं जो कथित तौर पर शहजाद से खुद को बचाने में पीड़िता ने उसकी पीठ पर दिए होंगे। यह पुष्टि करने के लिए नमूने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं कि क्या नाखून के निशान महिला के डीएनए से मेल खाते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -