Sunday, October 17, 2021
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उत्तर प्रदेश: 45 साल से ज्यादा उम्र के 1.45 करोड़ लोगों को लग चुका है कोरोना का टीका

पिछले दिनों WHO ने कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए योगी सरकार के डोर-टू-डोर कैम्पेन की तारीफ की थी।

उत्तर प्रदेश में 45 साल से ऊपर की उम्र के 1.45 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ये टीकाकरण भारत सरकार द्वारा दिए गए फ्री टीकों से किया गया है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार साल की उम्र के लोगों को भी फ्री में टीका लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (मई 13, 2021) को अलीगढ़ में COVID-19 कमांड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया।

उत्तर प्रदेश में पहले से लागू आंशिक ‘कोरोना कर्फ्यू’ को सरकार ने 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। राज्‍य में बुधवार (मई 12, 2021) को संक्रमण के 18,125 नए मामले सामने आए थे। अकेले लखनऊ से 916 केस आए।

वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं

यूपी में अब वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है। योगी सरकार ने पूर्व में दिए गए फैसले को वापस ले लिया है। यूपी में स्थायी और अस्थायी रूप से निवास करने वाले परिवारों का भी टीकाकरण किया जाएगा। राज्य सरकार ने पहले यूपी के आधार कार्ड वालों को ही वैक्सीनेशन की इजाजत दी थी। लेकिन इस निर्देश के बाद सभी का वैक्सीनेशन किया जा सकेगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने बुधवार को इस बारे में सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है। जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश में वर्तमान में निवास कर रहे प्रत्येक परिवार के सदस्य अपने निवास के प्रमाण-पत्र के रूप में किराया या लीज अनुबंध, बिजली का बिल, बैंक पासबुक या नियोक्ता की ओर से जारी प्रमाण -त्र आदि दिखाकर अपना टीकाकरण करा सकते हैं।

यूपी में आरआरटी टीमों की संख्या बढ़ाई गई

कानपुर देहात के सीएमओ रमेश कटियार ने कहा, “गाँव में प्रचार और प्रसार को रोकने के लिए हम कटिबद्ध हैं। आरआरटी टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, हमारे यहाँ 60 आरआरटी टीमें हैं, ये प्रतिदिन होम आइसोलेशन के मरीजों के पास जाती हैं और उनका हाल-चाल लेती हैं।”

योगी सरकार की प्लानिंग की WHO भी मुरीद

गौरतलब है कि भारत में कोरोना संक्रमण के फैलते प्रकोप के बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने योगी सरकार के डोर-टू-डोर कैम्पेन की तारीफ अपनी वेबसाइट पर की। 7 मई को प्रकाशित एक लेख में WHO ने बताया कि कैसे योगी सरकार ने महामारी के समय में आवश्यक कदम उठाते हुए उन्हें जमीनी स्तर पर लागू किया।

लेख में कहा गया कि योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में COVID-19 के मद्देनजर हाउस टू हाउस एक्टिव केस फाइंडिंग शुरू की है। इस प्रक्रिया में उन्हें आइसोलेट किया गया जिनमें कोविड के लक्षण थे। WHO ने कहा था कि योगी सरकार ने 1,41,610 टीमों को इस काम में लगाया है। इन टीमों में राज्य स्वास्थ्य विभाग से 21,242 सुपरवाइजर थे, जिनका काम ये सुनिश्चित करना था कि अभियान में कोई ग्रामीण इलाका न छूटे।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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