Homeदेश-समाज5 साल पहले हुआ था निकाह, दहेज के लिए मारते-पीटते बाल मुड़वाकर गाँव में...

5 साल पहले हुआ था निकाह, दहेज के लिए मारते-पीटते बाल मुड़वाकर गाँव में घुमाया: शौहर अलीमुद्दीन गिरफ्तार, अलीगढ़ का मामला

FIR के बाद यह खबर भी सामने आई है कि अकराबाद पुलिस के सहयोग से आरोपित शौहर अलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर हाथरस पुलिस को सौंप दिया है।

अलीगढ़ में एक मुस्लिम विवाहिता के साथ मारपीट और उसके बाल मुड़वाने का मामला सामने आया है। मामले में अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला को बुरी तरह पीटने के बाद आरोपितों ने विवाहिता का सिर मुड़वा दिया और उसे जानवरों की तरह मारते-पीटते हुए पूरे गाँव में घुमाया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मामले के बारे में पुलिस को जानकारी तब हुई जब पड़ोसियों ने बाल मुड़ाकर घुमाते हुए पीड़ित महिला के हाथरस निवासी मायके वालों को दी। कहा जा रहा है परिवार के लोग पहले विवाहिता को अपने साथ हाथरस ले गए। और बाद में उन्होंने एसपी से न्याय की गुहार लगाई और महिला थाने में FIR दर्ज कराया।

वहीं रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित मुस्लिम महिला के परिवार ने बताया, “गुलब्शाह का निकाह 5 साल पहले अलीगढ़ के थाना अकराबाद के अलीमुद्दीन से हुआ था। जिसके बाद उनका एक बेटा भी हुआ, जिसकी उम्र 4 साल है। निकाह के समय उन्होंने दहेज भी दिया था। इसके बाद भी अलीमुद्दीन के परिवार वाले उनकी बेटी से दहेज की माँग करते रहते थे और लगातार मारपीट कर रहे थे। जब महिला ने उनकी नहीं सुनी, तो उन्होंने 18 अप्रैल, 2022 की रात को महिला को जमकर मरते-पीटते हुए, उसके बाल मुड़वाकर गाँव में घुमाया।”

गौरतलब है कि इस मामले में एसपी की हिदायत के बाद हाथरस के महिला थाने में आरोपित शौहर और उसके परिवार के खिलाफ FIR दर्ज किया गया था। वहीं मुकदमे के बाद यह खबर भी सामने आई है कि अकराबाद पुलिस के सहयोग से आरोपित शौहर अलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर हाथरस पुलिस को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई हाथरस पुलिस कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: केवल आसन नहीं, आधुनिक जीवन की बिखरती कड़ियों को जोड़ने का भारतीय सूत्र है योग

योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज और विश्व को जोड़ने वाली भारतीय जीवन पद्धति है। पढ़िए विशेष लेख।

गौ सेवा से वन संरक्षण तक: भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को कानून के सहारे समझने की कोशिश

जन विश्वास अधिनियम में वन भूमि में पशु चराने पर जेल की सजा हटाकर जुर्माने का प्रावधान करुणा, न्याय और भारतीय मूल्यों के अनुरूप है।
- विज्ञापन -