जमील ने किया हिन्दू युवती का अपहरण, हंगामे के बाद FIR दर्ज, इलाके में फैला साम्प्रदायिक तनाव

शहर के एसपी ने कहा कि मामले में पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। आरोपित जमील को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लेगी। पुलिस जमील के साथियों की तलाश में भी जुटी है।

हिन्दूओं के पलायन को लेकर चर्चा में आए मेरठ के प्रह्लाद नगर में अब दूसरे समुदाय के युवक द्वारा हिन्दू युवती के अपहरण को लेकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया है। दरअसल, मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को प्रह्लाद नगर से एक युवती गायब हो गई, जिसका आरोप तीन बच्चे के पिता जमील पर लगा है। युवती के परिजनों का आरोप है कि जमील ने ही युवती का अपहरण किया। 

वारदात के सामने आने के बाद गाँव का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। लोगों ने इसके खिलाफ आक्रोश प्रकट करना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और स्थिति के अनियंत्रित होने से पहले ही काबू में कर लिया। युवती के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित जमील के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके छानबीन करनी शुरू कर दी है।

पुलिस ने युवती की तलाश में कई जगह दबिश दी, मगर कामयाबी नहीं मिली। तलाशी अभियान फिलहाल जारी है। इस दौरान पुलिस जमील के गाँव सरूरपुर भी पहुँची और पूछताछ के लिए 3 संदिग्धों को हिरसत में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि, जमील लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के प्रह्लाद नगर में एक सीमेंट व्यापारी के यहाँ काफी दिनों से काम कर रहा था।

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सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि इस मामले में आरोपित जमील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। युवती की तलाश की जा रही है। वहीं, शहर के एसपी ने कहा कि मामले में पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। आरोपित जमील को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लेगी। पुलिस जमील के साथियों की तलाश में भी जुटी है।

गौरतलब है कि, प्रह्लाद नगर पिछले दिनों हिन्दूओं के पलायन को लेकर चर्चा में रहा था। दूसरे समुदाय के लोगों के गुंडागर्दी के कारण हिन्दू लोग यहाँ से घर बेच कर जा रहे थे। शिकायत के बाद पूरा प्रशासनिक अमला पहुँचा था और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस पिकेट व सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे।

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शरजील इमाम
“अब वक्त आ गया है कि हम गैर मुस्लिमों से बोलें कि अगर हमारे हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो। अगर वो हमारी शर्तों पर खड़े नहीं होते तो वो हमारे हमदर्द नहीं हैं। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे।"

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