Saturday, July 20, 2024
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पत्थरबाजी, पुलिस पर हमला, डंडा-तलवारों से हिंसा और गाली… ‘किसानों’ की पोल खोलते कई वीडियो वायरल, प्रदर्शन में खालिस्तानी आतंकियों वाले टीशर्ट

पुलिस की गाड़ी तक को नहीं छोड़ा गया। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे खुद को किसान बताने वाले ये गुंडे डंडों से पुलिस के वाहन पर हमला करते हुए देखे जा सकते हैं। कई पुलिसकर्मी इसमें घायल।

देश में एक बार फिर से ‘किसान आंदोलन’ शुरू हो गया है। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आई हैं, जिनमें इन तथाकथित किसानों को अराजकता फैलाते हुए और हिंसा करते हुए देखा जा सकता है। हरियाणा-पंजाब के शम्भू बॉर्डर पर इन किसानों ने सबसे ज्यादा उत्पात मचा रखा है। साथ ही ये खालिस्तान का समर्थन भी कर रहे हैं। कई पुलिस वाले घायल हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये लोग सचमुच देश के किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं?

एक वीडियो में इन किसानों को पुलिस पर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी करते हुए देखा गया। उन्हें खूब पता था कि उनकी हरकतें कैमरे पर रिकॉर्ड की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वो नहीं रुके। वीडियो में देखा जा सकता है कि नील रंग के कपड़े पहने एक गुंडे ने तो पुलिस को धमकाने के लिए अपना तलवार तक निकाल लिया।

वहीं एक अन्य वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को पुलिस को धमकाते हुए देखा गया। वो कह रहा है, “तुम टोपी वाले हमें नहीं रोक सकते। हम तुम्हारे गर्दन काट लेंगे। हम अपने हाथों से तुम्हें कुचल देंगे।” क्या ये किसी किसान की भाषा हो सकती है?

एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों से उनके साजोसामान छीन रहे हैं, उन्होंने खुद की सुरक्षा के लिए जो चीजें रखी हैं उन्हें छीना जा रहा है। ये पुलिसकर्मी सिंघु बॉर्डर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए गए थे।

गालियाँ बकने में भी ये तथाकथित किसान पीछे नहीं हैं। एक वीडियो में इन्हें DSP स्तर के अधिकारी को गाली बकते हुए देखा जा सकता है। पुलिस अधिकारी ने उनसे सिर्फ इतना निवेदन किया था कि वो पीछे हटें और प्रदर्शन को रोकें।

वहीं एक तस्वीर ‘मिस्टर सिन्हा’ ने भी डाली, जो मालदीव के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद सुर्ख़ियों में आए थे। उन्होंने लिखा, “ये देखिए, तथाकथित किसानों ने इस निर्दोष पुलिस अधिकारी के साथ क्या किया। इनके परिवार का क्या? इनके मानवाधिकार का क्या? या फिर ये सब सिर्फ गद्दारों के लिए आरक्षित हैं?” इस तस्वीर में किसान प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल पुलिसकर्मी को देखा जा सकता है।

पुलिस की गाड़ी तक को नहीं छोड़ा गया। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे खुद को किसान बताने वाले ये गुंडे डंडों से पुलिस के वाहन पर हमला कर रहे हैं। कई पुलिसकर्मी इसमें घायल भी हुए।

वहीं नोएडा पुलिस ने जब किसानों के एक समूह को संसद की तरफ मार्च करने से रोका तो उन्होंने उपद्रव शुरू कर दिया। हरियाणा में तो किसानों ने टेनिस गेंदों का इस्तेमाल कर के सर्विलांस ड्रोन्स तक को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने पतंगों तक का इस्तेमाल किया। वहीं किसान आंदोलन में लगातार खालिस्तानी पोस्टर-बैनर भी देखे जा रहे हैं। एक शख्स को आतंकी अमृतपाल की तस्वीर वाला टीशर्ट पहने हुए देखा गया।

हरियाणा पुलिस के CCTV कैमरों में कई ऐसे वीडियो आए हैं। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल, जो फ़िलहाल जेल में है, उसकी तस्वीर भी लगाए हुए लोग दिखे। अमृतपाल को असम पुलिस पकड़ कर ले गई, वो वहीं की जेल में बंद है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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