Thursday, June 20, 2024
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जंतर-मंतर वाले पहलवानों का आंदोलन खत्म, साक्षी-विनेश ने सोशल मीडिया से लिया ब्रेक: कहा- अब कोर्ट में बृजभूषण से लड़ेंगे

विनेश फोगात ने नोट जारी करते हुए बताया कि चूँकि सरकार ने अपनी कही बात पर अमल किया और मामले में चार्जशीट दाखिल हुई, तो इससे अब उन लोगों को थोड़ी राहत आई है इसलिए वे इस लड़ाई को आगे कोर्ट में लड़ेंगे।

बृजभूषण सिंह के खिलाफ चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन पर अब विराम लग गया है। महिला पहलवान विनेश फोगात और साक्षी मलिक ने नोट जारी करते हुए बताया कि चूँकि सरकार ने अपनी कही बात पर अमल किया और मामले में चार्जशीट दाखिल हुई, तो इससे अब उन लोगों को थोड़ी राहत आई है इसलिए वे इस लड़ाई को आगे कोर्ट में लड़ेंगे। इसी के साथ दोनों पहलवानों ने ये भी कहा है कि वो कुछ दिन के लिए सोशल मीडिया से ब्रेक ले रही हैं।

विनेश और साक्षी द्वारा किए गए ट्वीट में लिखा गया, “थोड़े दिन के लिये सोशल मीडिया से ब्रेक ले रही हूँ.. आप सबका धन्यवाद।”

उल्लेखनीय है कि विनेश फोगाट ने 26 जून को नोट जारी करते हुए बताया, “सरकार के साथ 7 जून को हुई वार्ता में सरकार ने जो पहलवानों के साथ वादे किए उन पर अमल करते हुए सरकार ने उस कड़ी में महिला कुश्ती खिलाड़ियों द्वारा महिला उत्पीड़न एवं यौन शोषण के संबंध में की गई शिकायतों के मामले में छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज FIR की दिल्ली पुलिस जाँच पूर्ण करके 15 जून को कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी गई है। इस केस में पहलवानों की कानूनी लड़ाई सड़क की जगह कोर्ट में जारी रहेगी जब तक न्याय नहीं मिल जाता। “

नोट में आगे कहा गया कि कुश्ती संघ के सुधार के संबंध में नई कुश्ती संघ के चुनाव की प्रक्रिया वादे के अनुसार शुरू हो गई है। जिसके चुनाव 11 जुलाई को होना तय है के संबंध में सरकार ने जो वादे किए हैं उस पर अमल किए जाने का भी इंतजार रहेगा।

कुश्ती महासंघ के चुनाव नहीं होंगे 11 जुलाई को

बता दें कि भले ही पहलवानों के पोस्ट में WFI के चुनावों के लिए 11 जुलाई तारीख बताई जा रही है। लेकिन ताजा जानकारी यह है कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने इसी साल 11 जुलाई को होने वाले कुश्ती महासंघ के चुनाव पर रोक लगा दी है

असम कुश्ती संघ ने इन चुनावों की तारीख टालने की याचिका दायर की थी। खेल मंत्रालय और भारतीय कुश्ती महासंघ को पार्टी बनाते हुए असम कुश्ती संघ ने खुद को भारतीय कुश्ती संघ का सदस्य बनने का हकदार बताया था। याचिका में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में 5 नवम्बर, 2014 को भारतीय कुश्ती महासंघ की जनरल काउंसिलिंग की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में WFI कार्यकारी समिति ने असम कुश्ती संघ को अपना संबद्ध सदस्य बनने योग्य बताया था।

याचिका में आगे बताया गया है कि साल 2014 में पास हुए प्रस्ताव में असम कुश्ती संघ को WFI का मेंबर बनाने की सहमति के बावजूद आज तक उस पर अमल नहीं हुआ है। असम कुश्ती संघ का यह भी कहना है कि जब तक वो WFI से संबद्ध नहीं है तब तक वो निर्वाचक मंडल में अपना कोई प्रतिनिधि नॉमिनेट नहीं कर सकते। इस आधार पर असम कुश्ती संघ ने 11 जुलाई को प्रस्तावित भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपक संघ और WFI को भी इस बावत निर्देश जारी किए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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