Friday, May 7, 2021
Home देश-समाज SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन...

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

“मैं आपसे इतना अनुरोध करना चाहता हूँ कि आपने अपने व्याख्यान में ऋग्वेद से संबंधित जो भी गलत व्याख्या की है, उसके लिए आप हिंदू समाज से क्षमा माँगे और अपने शब्द वापस लें। यदि आपको वेदों की व्याख्या से संबंधित मेरी किसी भी बात पर संशय है तो मैं किसी भी मंच पर आपके साथ चर्चा करने की खुली चुनौती देता हूँ।”

वर्ल्ड हिन्दू फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी विज्ञानानंद ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं। उन्हें अपने विवादास्पद बयान वापस लेने चाहिए।

बता दें कि न्यायमूर्ति नरीमन ने 16 अप्रैल को 26वें न्यायमूर्ति सुनंदा भंडारे स्मृति व्याख्यान के दौरान ऋग्वेद का उद्धरण देते हुए सनातन परंपरा में महिलाओं की प्रतिष्ठा के संबंध में विवादास्पद टिप्पणी की थी। न्यायमूर्ति नरीमन ने अपने व्याख्यान में विश्व भर की महिलाओं के इतिहास के बारे में बोलते हुए कहा था, “ऋग्वेद का कहना है कि महिलाओं के साथ स्थायी दोस्ती न करें क्योंकि वह हाइना की तरह रहेंगी।” 

स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि ऋग्वेद सहित वेदों को सही ढंग से समझने के लिए ऋषि पाणिनि के व्याकरण, निरुक्त और प्रतिष्ठा का ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेद ऐसे ग्रंथ नहीं हैं जिनकी केवल शाब्दिक व्याख्या की जाए। वेदों को समझने के लिए वैदिक संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य है और वैदिक संस्कृत आधुनिक संस्कृत से कई मायनों में भिन्न है। एक और बात समझनी बहुत आवश्यक है कि वेद तो केवल मंत्र संहिता हैं। वेदों के व्याख्या कम से कम 5 विषयों/ग्रंथों – पाणिनि व्याकरण, निघंटु, निर्कुट, प्रातिशाख्य एवं ब्राह्मण की पूर्ण जानकारी के बिना संभव नहीं है।

उन्होंने न्यायमूर्ति नरीमन को संबोधित करते हुए कहा, “मेरा यह मानना है कि वेदों और प्राचीन हिंदू ग्रंथों की व्याख्या करने की आप में अर्हता नहीं है। अतः आपको गौण स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्राचीन हिंदू ग्रंथों पर कोई भी टिप्पणी करने से बचना चाहिए। आप देश की न्यायपालिका में जिम्मेदार पद पर आसीन हैं। आपको इस देश के महान धर्म और संस्कृति के विराट वैभव से संबंधित कोई भी बात जिम्मेदारी के साथ ही कहनी चाहिए। आपने अपनी ग़लत टिप्पणी के द्वारा विश्व के हिंदू धर्म के 1.2 अरब अनुयायियों की भावनाओं को गंभीर रूप से आहत किया है।”

स्वामी विज्ञानानंद ने न्यायमूर्ति नरीमन को इस विषय पर एक खुली सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, “मैं आपसे इतना अनुरोध करना चाहता हूँ कि आपने अपने व्याख्यान में ऋग्वेद से संबंधित जो भी गलत व्याख्या की है, उसके लिए आप हिंदू समाज से क्षमा माँगे और अपने शब्द वापस लें। यदि आपको वेदों की व्याख्या से संबंधित मेरी किसी भी बात पर संशय है तो मैं किसी भी मंच पर आपके साथ चर्चा करने की खुली चुनौती देता हूँ।”

उन्होंने कहा कि हमारे धर्म शास्त्रों और इतिहास के साथ औपनिवेशिक कुप्रथाओं के कारण भारत को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। भारत में ज्यादा बौद्धिक कहे जाने वाले लोगों ने वेदों के अंग्रेजी अनुवाद को ही पढ़ा है। लेकिन उस अनुवाद और असली ग्रंथ में बहुत अंतर है। इसी वजह से ज्यादातर लोगों को उथला ज्ञान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायमूर्ति नरीमन इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द ऋग्वेद के बारे में अपने भ्रामक शब्दों को वापस लेंगे।

बता दें कि स्वामी विज्ञानानंद संन्यास आश्रम में प्रवेश करने से पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के प्रतिभाशाली छात्र रहे हैं। बाद में उन्होंने संस्कृत भाषा पर पीएचडी की तथा पाणिनि व्याकरण, वेदांग, पूर्वी दर्शन, ब्राह्मण ग्रन्थ और वैदिक संहिता पर अध्ययन, शोध और अध्यापन किया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गायों के लिए ऑक्सीमीटर, PM CARES वाले वेंटीलेटर्स फाँक रहे धूल: सरकार को ऐसे बदनाम कर रहे मीडिया गिरोह

इस समय भारत दो मोर्चों पर लड़ रहा - एक कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से और दूसरा मीडिया समूहों द्वारा फैलाई जा रही फेक न्यूज और नैरेटिव से।

बाहर No Bed का नोटिस, UP प्रशासन के एक्शन में आते ही मिले 969 बेड खाली: कोविड अस्पतालों में धांधली की खुली पोल

डीएम ने जब हर अस्पताल का ब्यौरा जाँचा तो सिर्फ 24 घंटे में पता चला कि कोविड अस्पतालों में 969 बेड खाली पड़े हैं। इनमें 147 वेंटीलेटर और...

भारत की मदद को आए कई विदेशी हिंदू मंदिर: करोड़ों रुपए, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और सिलिंडर से सहायता

ये हिंदू मंदिर भले ही विदेशों में स्थित हैं लेकिन जब बात हिंदुस्तान को संकट से उभारने की आई तो इन्होंने अपने सामर्थ्य से ऊपर उठ कर...

बंगाल हिंसा वाली रिपोर्ट राज्यपाल तक नहीं पहुँचे: CM ममता बनर्जी का ऑफिसरों को आदेश, गवर्नर का आरोप

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद हिंसा पर रिपोर्ट देने से...

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

महाराष्ट्र पुलिस में दलाली और उद्धव-पवार का नाम: जिस महिला IPS ने खोले पोल, उनकी गिरफ्तारी पर HC की रोक

IPS अधिकारी रश्मि शुक्ला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचीं, जहाँ FIR रद्द कर के पुलिस को कोई सख्त कदम उठाने से रोकने का निर्देश देने की दरख़्वास्त की गई।

प्रचलित ख़बरें

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

नेशनल जूनियर चैंपियन रहे पहलवान की हत्या, ओलंपियन सुशील कुमार को तलाश रही दिल्ली पुलिस

आरोप है कि सुशील कुमार के साथ 5 गाड़ियों में सवार होकर लारेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गिरोह के दर्जन भर से अधिक बदमाश स्टेडियम पहुँचे थे।

21 साल की कॉलेज स्टूडेंट का रेप-मर्डर: बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बीच मेदिनीपुर में महिला समेत 3 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हो रही हिंसा के बीच पश्चिम मेदिनीपुर जिले से बलात्कार और हत्या की एक घटना सामने आई है।

पेड़ से लटके मिले BJP के गायब कार्यकर्ता, एक के घर बमबारी: ममता ने 29 IPS बदले, बंगाल हिंसा पर केंद्र को रिपोर्ट नहीं

ममता बनर्जी ने शपथ लेते ही 16 जिलों के SP को इधर-उधर किया है। अधिकतर ऐसे हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने भरोसा नहीं जताया था।

असम में भाजपा के 8 मुस्लिम उम्मीदवारों में सभी की हार: पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चे की तीनों इकाइयों को किया भंग

भाजपा से सेक्युलर दलों की वर्षों पुरानी शिकायत रही है कि पार्टी मुस्लिम सदस्यों को टिकट नहीं देती पर जब उसके पंजीकृत अल्पसंख्यक सदस्य ही उसे वोट न करें तो पार्टी क्या करेगी?

‘हिंदुओं तौबा कर लो… कलमा पढ़ मुसलमान बन जाओ’: यति नरसिंहानंद, कोरोना पर मौलवी का जहरीला Video

'कोरोना से लोग मारे जा रहे और श्मशान घाट में चिता जलाने की जगह नहीं है... उसकी सबसे बड़ी वजह इस्लाम की मुखालफत है।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,362FansLike
89,814FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe