CBSE का OSM पोर्टल हैक होने का दावा निकला गलत, बोर्ड ने बताया- हैकर ने जिससे छेड़छाड़ की वो टेस्टिंग वेबसाइट थी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने ऑनलाइन ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में किसी भी तरीके की सुरक्षा सेंध लगने के दावों को खारिज कर दिया है। बोर्ड ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया लिंक सिर्फ एक टेस्टिंग प्लेटफॉर्म था, जिसमें केवल सैंपल डेटा मौजूद था। यह असली कॉपियों की जाँच के लिए इस्तेमाल होने वाला पोर्टल नहीं था।

बोर्ड ने कहा, “सबसे पहले यह साफ किया जाता है कि कॉपियों की जाँच के लिए इस्तेमाल किए गए पोर्टल का URL अलग था। उसे न तो हैक किया गया है और न ही उसमें सोशल मीडिया पोस्ट में बताई गई कोई सुरक्षा की कमी पाई गई है।”

बोर्ड के अनुसार, जिस URL का जिक्र किया गया, वह केवल एक टेस्टिंग वेबसाइट थी, जिसका इस्तेमाल अंदरूनी समीक्षा के लिए किया जाता था। उसमें सिर्फ सैंपल डेटा था, असली छात्रों की जानकारी, अंक या मूल्यांकन से जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं था।

CBSE ने कहा कि उस पोर्टल पर न तो छात्रों की असली जानकारी थी और न ही अंक या मूल्यांकन का कोई डेटा रखा गया था। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि असली मूल्यांकन कार्य में इस्तेमाल होने वाले सिस्टम में किसी तरह की सुरक्षा गड़बड़ी नहीं मिली है।

बोर्ड की तरफ से यह सफाई उस समय आई जब इस साल कक्षा 12वीं की परीक्षा देने वाले 19 साल के ही एक छात्र ने ऑनलाइन दावा किया कि उसने CBSE का OSM पोर्टल पिछले महीनों में हैक किया था। इन आरोपों के बाद CBSE की रिजल्ट के बाद की प्रक्रिया और नए शुरू किए गए OSM सिस्टम को लेकर भी सवाल उठने लगे। कुछ छात्रों ने स्कैन की गई आंसर शीट में गड़बड़ी होने और रिजल्ट के बाद की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी की शिकायत की है।