जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय से प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत 14.8 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इस धनराशि से दो नई रिसर्च सुविधाएँ शुरू की जाएँगी। इनमें से एक है इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) रिसर्च लैब और दूसरी साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग लैब। इस पहल का उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
JMI secures a ₹14.8 Crore grant from the Ministry of Minority Affairs, Govt. of India, for establishing a cutting-edge ‘Research Lab for Electric Vehicles’ and ‘Cyber Security Training Lab’
— Jamia Millia Islamia (NAAC A++ Grade Central Univ) (@jmiu_official) November 11, 2025
New Delhi, November 11, 2025
Jamia Millia Islamia (JMI) has been awarded a significant… pic.twitter.com/cIzUKFTL2F
कुल राशि में से लगभग 9.5 करोड़ रुपए इलेक्ट्रिक व्हीकल रिसर्च लैब के लिए मंजूर किए गए हैं, जिसका नेतृत्व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अहतेशमुल हक करेंगे। वहीं अन्य 5.75 करोड़ रपुए साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग लैब के लिए दिए गए हैं, जिसका नेतृत्व FTK-सेन्टर फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डॉयरेक्टर डॉ, शेन काजिम नकवी करेंगे।
जामिया के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने कहा कि ये दोनों प्रोजेक्ट देश के विकास और नवाचार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि ये लैब्स छात्रों को उन्नत तकनीक और वास्तविक अनुभव प्रदान करेंगी।

