दिल्ली विश्वविद्यालय के बी आर अंबेडकर कॉलेज के प्रोफेसर सुजीत कुमार को डूसू की संयुक्त सचिव और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की छात्र नेता दीपिका झा ने थप्पड़ मार दिया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना कॉलेज प्रिंसिपल के ऑफिस में शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को हुई। हालाँकि दीपिका ने बाद में सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माफी भी माँगी है।
VIDEO | In front of the principal & police, DUSU Joint Secretary Deepika Jha slapped a professor twice inside Ambedkar College.
— Kushagra Mishra (@m_kushagra) October 16, 2025
Professor was pressured to resign as Discipline Committee Chairman after he suspended a student for assaulting the college union president during the… pic.twitter.com/o6xOyrQ086
विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर कुमार का व्यवहार पक्षपातपूर्ण और अपमानजनक रहा है। इसके अलावा प्रो सुजीत अनुशासन कमेटी के प्रमुख हैं। उन्होंने छात्र संघ के अध्यक्ष के साथ मारपीट करने के आरोप में एक छात्र को निलंबित कर दिया था।
छात्रों का कहना है कि प्रोफेसर कुमार के द्वारा वे लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
छात्रों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दीपिका झा कॉलेज पहुँचीं और प्राचार्य कक्ष में छात्रों की बात रखने गईं। इसी दौरान कथित रूप से प्रोफेसर के साथ तीखी बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुँच गया।
इसके बाद प्रो सुजीत ने मामले की शिकायत पुलिस से की। उन्होंने शिकायत में कहा कि कॉलेज में शांति बनाए रखने के लिए उन्होंने ये काम किया था लेकिन छात्र नेताओं ने उन पर दबाव बनाया और धमकाया है।
वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर समर्थन
बाद में दीपिका ने वीडिया बनाकर पूरे प्रकरण की अपनी तरफ से जानकारी दी। दीपिका ने कहा कि प्रोफेसर नशे में थे। उन्होंने अपशब्द कहे। इसके कारण दीपिका को गुस्सा आ गया और गलती से उनका हाथ उठ गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दीपिका झा को प्रोफेसर को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के वायरल होते ही ट्विटर पर #StandWithDeepika ट्रेंड करने लगा।
कई छात्रों और अभिभावकों ने दीपिका के साहस की सराहना की है। वहीं, शिक्षक संगठन इस हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि किसी भी हाल में एक छात्र नेता को शिक्षक पर हाथ उठाने का अधिकार नहीं है।

