मस्जिद में बाँधे कुत्ते और जनजातीय लोगों से कहा- ऐसी ही है तुम्हारी औकात: खैबर पख्तूनख्वा के CM ने पाक फौज के पश्तूनों के साथ व्यवहार की खोली पोल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पाकिस्तानी फौज पर पश्तून लोगों, खासकर जनजातीय इलाकों के लोगों का अपमान करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। अफरीदी का दावा है कि फौज इन लोगों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करती है।

मस्जिदों में कुत्तों को बाँधने का आरोप

टोलो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीएम अफरीदी ने आरोप लगाया कि फौज प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी फौज KP के जनजातीय क्षेत्रों की मस्जिदों के अंदर कुत्तों को बाँधती थी। अफरीदी ने कहा कि फौज स्थानीय लोगों से कहती थी कि ‘उनका और इन कुत्तों का दर्जा एक जैसा है।’ अफरीदी ने फौज के इस काम को ‘बर्बर अपमान’ बताया है। सीएम अफरीदी ने यह भी कहा कि फौज लगातार KP में जो ऑपरेशन चला रही है, उसे युद्ध अपराध (War Crimes) माना जाना चाहिए।

सीएम अफरीदी ने बताया, “जब हम उनसे कहते थे कि वे मस्जिद की पवित्रता का उल्लंघन कर रहे हैं, तो वे हमें कहते थे, ‘तुम और ये कुत्ते एक जैसे हैं’,”। अफरीदी ने आगे कहा, “इसके बावजूद हम उनका समर्थन करते हैं… लेकिन क्या वे मेरे लोगों के दर्द को समझते हैं?”

अफरीदी ने फौज के अभियानों की भी आलोचना की, जिनसे आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है और पख़्तून जनजाति की महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार हो रहा है। अफरीदी ने यह दोहराया कि ये सभी काम युद्ध अपराध हैं और इन अभियानों को रोकने की अपील की ताकि इन इलाकों के लोगों की इज्जत बचाई जा सके। अफरीदी ने कहा कि इन फौजी अभियानों के कारण पख़्तून महिलाओं की बेइज्जती हो रही है।

हालाँकि, खैबर पख्तुनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की है। फैसल करीम ने कहा कि मुख्यमंत्री ‘सुरक्षा बलों का अपमान कर रहे हैं और खैबर पख़्तुनख़्वा में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर हमला कर रहे हैं।’ कुंदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमारी जमीन के वीर बेटे अपनी जानें देते हैं हमारी प्रांत की रक्षा करने के लिए। उनके इरादों पर ऐसे सनसनीखेज शब्दों में सवाल उठाना केवल उनके मनोबल और सार्वजनिक सुरक्षा को नुकसान पहुँचाता है।”

गवर्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री को संयम दिखाना चाहिए और ‘खैबर पख्तुनख्वा की सुरक्षा और एकता को पार्टी की राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।’ सोहेल अफरीदी हाल ही में खैबर पख्तुनख्वा के मुख्यमंत्री बने हैं, जिन्हें इमरान खान ने अली अमीन गांडापुर के इस्तीफे के बाद नियुक्त किया था।

35 साल के अफरीदी को खैबर पख्तुनख्वा की राजनीति में एक प्रमुख युवा नेता के रूप में देखा जाता है। अफरीदी का जन्म खैबर जिले के बारा तहसील में हुआ था और उनके पास जनजातीय पृष्ठभूमि है, जो पाकिस्तानी फौज के खिलाफ उनकी आक्रामक स्थिति में नजर आती है।

पाकिस्तानी फौज पर खैबर पख्तुनख्वा और बलूचिस्तान में नागरिकों की हत्याओं और अपहरणों के आरोप नए नहीं हैं। स्थानीय लोग दशकों से इन मुद्दों को उठाते आ रहे हैं, जिनकी वजह से प्रांत भर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हुए हैं। कई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियाँ भी इन समस्याओं को समय-समय पर उठा चुकी हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल ही में संघर्ष में अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की, जिसमें पाकिस्तानी तहरीक-ए-तालिबान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

पिछले हफ्ते दोनों देशों ने एक-दूसरे पर भारी नुकसान का दावा किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने अफगान तालिबान और उसके सहयोगियों के 200 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है, जबकि अफगानिस्तान का कहना है कि उसने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला है।