नागपुर के संस्थापक गोंड राजा बख्त बुलंद शाह की ऐतिहासिक समाधि भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण और स्वामित्व पर विवाद चल रहा है। भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने कहा है कि वक्फ बोर्ड इस जमीन को वक्फ संपत्ति बताकर उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, जिसे उन्होंने लैंड जिहाद बताया।
उनके अनुसार, गोंड राजवंश की इस पारंपरिक समाधि जो कभी 25 एकड़ में फैली थी उसपर धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता गया और अब यह मात्र दो एकड़ से भी कम क्षेत्र में रह गया है।
वहीं वक्फ बोर्ड का कहना है कि भूमि अभिलेखों के आधार पर इसे वक्फ संपत्ति में शामिल किया गया है और इसकी देख रेख के लिए एक्शन कमेटी गठित की गई है, लेकिन आखीव-पत्रिका में नागपुर सुधार प्रन्यास का नाम दर्ज होने से काम अटका हुआ है।
गोंड राज परिवार और स्थानीय लोगों का दावा है कि 1912 के पुरातत्व विभाग के दस्तावेज तथा पुराने 7/12 उतारों में यह भूमि गोंड राजाओं की समाधि के रूप में दर्ज है। एतिहासिक धरोहर बचाने और अतिक्रमण रोकने की माँग को लेकर विवाद अब प्रशासन के विचाराधीन है।

