‘आरोप बेहद गंभीर, पूछताछ जरूरी’: TCS मामले में नासिक कोर्ट ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज, प्रेग्नेंसी का हवाला देकर माँगी थी राहत

नासिक की एक अदालत ने TCS की नासिक यूनिट से जुड़े मामले में आरोपित निदा खान की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी है। खान ने कोर्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत माँगी थी और अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला भी दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे पर्याप्त आधार नहीं माना।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि मामला बेहद गंभीर है और आरोपित से कस्टडी में पूछताछ करना जरूरी है। इसी दलील को मानते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह भी माना कि खान इस केस की मुख्य आरोपितों में शामिल हैं, इसलिए जाँच के लिए उनकी गिरफ्तारी जरूरी है।

यह मामला टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट से जुड़ा है, जहाँ महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक दबाव डालने के आरोप सामने आए हैं। FIR के मुताबिक, निदा खान पर महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह देने और उन पर दबाव बनाने के आरोप हैं।

फिलहाल नासिक पुलिस की SIT इस मामले की जाँच कर रही है और अब तक 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। इस केस में 8 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि निदा खान अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।