दिखाने को पंचर बनाता था नौशाद, असली काम था पाकिस्तान के लिए जासूसी करना: सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद से दबोचा, हर फोटो के मिलते थे ₹6 हजार

हरियाणा के फरीदाबाद से एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पाकिस्तान के लिए काम करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साधारण पंचर बनाने वाले के रूप में छिपकर रह रहा नौशाद दरअसल संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजने के नेटवर्क का हिस्सा था।

इस मामले में गैंग के सरगना मेरठ के सुहेल सहित 22 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जाँच एजेंसियाँ पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने में जुटी हैं। नौशाद अली बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के हरचंदा गाँव का रहने वाला है। उसने करीब तीन महीने पहले फरीदाबाद के गाँव नचौली स्थित एक पेट्रोल पंप पर पंचर बनाने की दुकान शुरू की थी।

फोटो-वीडियो के बदले मिलते थे पैसे, सोलर कैमरों के जरिए निगरानी का प्लान

पुलिस जाँच में सामने आया है कि नौशाद रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों से जुड़े संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए पाकिस्तान भेजता था। इसके बदले उसे प्रति फोटो 4 से 6 हजार रुपए तक मिलते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग के सदस्य लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेजते थे।

गिरोह ने देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने की योजना बनाई गई थी, जिनमें से कुछ दिल्ली, सोनीपत और अन्य रेलवे स्टेशनों के आसपास लगाए भी जा चुके थे। इन कैमरों का एक्सेस सीधे पाकिस्तान में मौजूद लोगों के पास था, जिससे वहाँ से लाइव गतिविधियाँ देखी जा रही थीं। पुलिस ने इन कैमरों को बरामद कर फोरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया है।

450 से ज्यादा डेटा भेजा गया पाकिस्तान

पुलिस के अनुसार, अब तक 450 से अधिक फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे जा चुके हैं। हर कैमरे की इंस्टॉलेशन पर आरोपितों को 10 से 15 हजार रुपए मिलते थे। दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास कैमरे लगाए गए थे, जिन्हें अब रिकवर कर लिया गया है। पुलिस को इस नेटवर्क की जानकारी 14 मार्च 2026 को खुफिया सूचना के जरिए मिली थी।

जाँच में यह भी सामने आया है कि पेट्रोल पंप के पूर्व मैनेजर रविंद्र ने नौशाद को यहाँ दुकान खोलने में मदद की थी। उसने मेवला महाराजपुर के एक अन्य व्यक्ति मुमताज के जरिए नौशाद को कोलकाता से बुलवाया था। फिलहाल यूपी पुलिस, यूपी ATS, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस मिलकर इस पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही हैं।