उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक मामला सामने आया है। तीन साल पहले टिकैतनगर थाना क्षेत्र के रिंकू रावत ने अयोध्या की मुस्लिम युवती साहिबा से निकाह किया था। निकाह के बाद रिंकू ने इस्लाम अपना लिया और अपना नाम बदलकर इसरार रख लिया था। इतना ही नहीं युवती के अब्बू अनवर ने रिंकू का खतना भी कराया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निकाह के बाद दोनों साथ रहने लगे और उनके दो बच्चे भी हुए। रिंकू (अब इसरार) धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई बार रामसनेहीघाट तहसील गया था। कुछ दिन पहले जब साहिबा भी तहसील पहुँची, तो वहाँ मौजूद एक वकील के जरिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं को इस मामले की जानकारी मिली।
इसके बाद विहिप के लोग तहसील पहुँचे और विरोध किया। उन्होंने रिंकू और साहिबा दोनों की ‘घर वापसी’ कराई। बुर्का पहने साहिबा को साड़ी पहनाई गई और मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की दोबारा शादी करवाई गई।
इस दौरान ‘शुद्धिकरण संस्कार’ भी किया गया। साहिबा का नाम बदलकर शांति देवी और इसरार का नाम दोबारा रिंकू रावत रखा गया। साथ ही उनके दोनों बेटों के नाम बदलकर बड़े बेटे का नाम राम प्रकाश और छोटे का श्याम प्रकाश रखा गया।

