जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जाँच में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने इस मामले में दाखिल अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद को प्रमुख आरोपित बनाया है।
NIA का दावा है कि जाँच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान से रची गई थी और इसका संचालन लश्कर तथा उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के जरिए किया गया।
पाकिस्तान से रची गई साजिश, हाफिज सईद की भूमिका पर जोर
NIA के अनुसार, नई चार्जशीट पहले दाखिल किए गए विस्तृत आरोप पत्र का विस्तार है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका और हाफिज सईद की संलिप्तता से जुड़े नए तथ्य जोड़े गए हैं। एजेंसी ने कहा कि वैज्ञानिक जाँच, डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक विश्लेषण और मौके से जुटाए गए प्रमाणों के आधार पर यह निष्कर्ष सामने आया कि हमले की योजना, समन्वय और संचालन सीमा पार से किया गया।
चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। साथ ही भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
पहले आरोप पत्र में कई आतंकियों और स्थानीय मददगारों का हुआ था खुलासा
NIA की पहले दाखिल चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान की गई थी, जिन्होंने पहलगाम में हमला किया था। इनमें से एक आतंकी बाद में सुरक्षा बलों के अभियान में मारा गया था। जाँच में लश्कर के हैंडलर साजिद सैफुल्लाह जट्ट के साथ दो स्थानीय आरोपितों की भूमिका भी सामने आई थी।
एजेंसी के अनुसार, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल चैट, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से पता चला कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर आतंकियों को लगातार निर्देश दे रहे थे। जाँच में यह भी सामने आया कि हमले से पहले आतंकियों को स्थानीय स्तर पर ठहरने और भोजन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई थीं।
जाँच जारी, पूरे आतंकी नेटवर्क को बेनकाब करने पर फोकस
NIA का कहना है कि जाँच अभी समाप्त नहीं हुई है और पाकिस्तान से संचालित पूरे आतंकी नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। एजेंसी के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि लश्कर-ए-तैयबा और TRF ने सुनियोजित तरीके से इस हमले की साजिश रची, आतंकियों की आवाजाही, हथियारों की आपूर्ति और संचार व्यवस्था का संचालन किया।
जाँच एजेंसी का मानना है कि यह हमला पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा था और इसमें सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं की सीधी भूमिका रही।

