Sunday, September 27, 2020
Home रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कॉन्ग्रेसी राज के वो दिन, जब देश को मजबूत बनाने की सोचने वाले जिंदा...

कॉन्ग्रेसी राज के वो दिन, जब देश को मजबूत बनाने की सोचने वाले जिंदा नहीं बचते थे

2005 में ही केजीबी के पूर्व जासूस वसीलाई मित्रोखिन ने अपनी पुस्तक में खुलासा किया था कि केजीबी ने कॉन्ग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार के लिये इंदिरा गाँधी को सूटकेसों में भरकर रुपए भेजे थे। इसके अतिरिक्त नेहरू के चहेते और उनकी कैबिनेट में रक्षा मंत्री वीके कृष्णमेनन के चुनाव के लिये केजीबी ने पैसा दिया था और 1970 में चार अन्य केंद्रीय मंत्रियों को अलग से धन मुहैया कराया था।

मिशन शक्ति की कामयाबी के साथ भारत दुनिया के उन तीन शक्तिशाली देशों अमरीका, रुस और चीन के साथ उस क्लब में सम्मिलित हो गया, जिनके पास उपग्रह आधारित अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है। भारत ने आज पूर्णत: स्वदेशी उपग्रह निरोधी मिसाइल (एंटी सैटेलाइट मिसाइल) ए-सैट का सफलतापूर्वक परीक्षण करते हुये उपग्रह मार गिराने के साथ ही स्पेसस्ट्राइक की क्षमता हासिल कर ली। यह देश का न केवल बड़ा गौरव है, बल्कि भारत के रक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर है। किंतु दुर्भाग्य जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की इस उपलब्धि की घोषणा की तो देश की जनता का माथा गर्व से उठ गया, लेकिन कॉन्ग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भारतीय वैज्ञानिकों की इस असाधारण उपलब्धि पर भी सवाल उठाते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही देश को नीचा दिखाने का बहाना बना लिया।

वह भी दौर था, जब इस तरह की प्रणाली या देश की रक्षा से संबंधित किसी बड़ी परियोजना पर सोचने पर शीर्ष रक्षा वैज्ञानिकों की संदिग्ध मौत हो जाती थी। भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहाँगीर भाभा और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई की संदिग्ध मौत भला कैसे भूल जाएँ!

एक पत्रकार ग्रेगरी डगलस और अमरीका की खुफिया एजेंसी सीआईए के एक अफसर के बीच बातचीत (11 जुलाई, 2008) में यह खुलासा हुआ था कि भाभा की मौत में सीआईए की भूमिका थी। सीआईए की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था। डॉ भाभा का एयर इंडिया बोइंग 707 विमान स्विस आल्प्स में उस समय क्रैश हो गया था जब वो एक बैठक में भाग लेने वियना जा रहे थे। अक्टूबर, 1965 में डॉ भाभा ने आकाशवाणी पर घोषणा की कि यदि उन्हें अनुमति मिली तो वे भारत को 18 माह के भीतर नाभिकीय बम बनाने की क्षमता वाला देश बना देंगे। इसके ठीक दो माह बाद 24 जनवरी, 1966 को विमान क्रैश होने पर उनकी संदिग्ध मृत्यु हो गयी।

इस तथ्य को जानने से पहले एक और रहस्यमयी बात जानना आवश्यक है। जिस समय डॉ भाभा ने यह घोषणा की थी, उस समय देश के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री थे। यह समझा जा सकता है कि भारत को परमाणु सम्पन्न बनाने को लेकर शास्त्री जी ने डॉ भाभा को हरी झंडी दे दी होगी, इसीलिए आकाशवाणी पर उन्होंने इसकी घोषणा की थी। इस घोषणा के दो माह बाद ही 11 जनवरी, 1966 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की तत्कालीन सोवियत रूस के ताशंकद में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी।

- विज्ञापन -

स्वतंत्र प्रेक्षकों को संदेह है कि शास्त्री जी को विष देकर मारा गया था। अंतिम समय में शास्त्री जी के साथ रहे उनके व्यक्तिगत चिकित्सक डॉ आर.एन. चुग इसके गवाह थे। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद इस मामले की जाँच शुरू की गयी। डॉ चुग को संसद में उस दिन की पूरी घटना पर गवाही देनी थी और वे सड़क मार्ग से संसद सत्र में भाग लेने दिल्ली आ रहे थे कि एक ट्रक ने रहस्मयी ढंग से उनकी कार को टक्कर मार दी और वे व उनकी पत्नी की मौत मौके पर ही हो गयी।

यह और रहस्यमय बात है कि शास़्त्री जी की संदिग्ध मौत के बाद, 12 दिन बाद ही 24 जनवरी को कॉन्ग्रेस की इंदिरा गाँधी प्रधानमंत्री बनीं और उसी दिन डॉ. भाभा की संदिग्ध मृत्यु हो गयी। डॉ. भाभा की भारत को परमाणु सम्पन्न राष्ट्र बनाने की घोषणा और इंदिरा गाँधी के प्रधानमंत्री बनने के दिन तक की घटनाओं के बीच संबंधों को लेकर अक्सर संदेह के बादल मँडराते हैं। क्या लाल बहादुर शास्त्री और डॉ भाभा दोनों की संदिग्ध मृत्यु का कारण इन दोनों विभूतियों द्वारा भारत को शक्तिसम्पन्न राष्ट्र बनाने का संयुक्त रूप से बीड़ा उठाना था?

बता दें कि इसके बाद भारत परमाणु सम्पन्न राष्ट्र तब बना जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की अटल बिहारी बाजपेयी सरकार बनीं। 11-13 मई, 1998 को अटल जी ने पोखरण परमाणु परीक्षण किया, जिसके बाद विश्व ने भारत को परमाणु सम्पन्न राष्ट्र के रूप में मान्यता दी। हालाँकि, इंदिरा गाँधी के प्रधानमंत्रित्व काल में भी 18 मई, 1974 को भी पोखरण में परमाणु परीक्षण करने का दावा किया गया था, लेकिन विश्व ने भारत के इस दावे को खारिज कर दिया था।

भारत में अमरीका के राजदूत व सांसद रहे डेनियल पैट्रिक मॉयनिहन ने अपनी पुस्तक में खुलासा किया था कि सीआईए कॉन्ग्रेस को फंडिंग करती थी। यह भी आरोप लगे हैं कि इंदिरा गाँधी रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी से भी धन लेती थीं। 1967 के चुनाव में इंदिरा गाँधी की कॉन्ग्रेस ने केजीबी से धन लिया था। केजीबी के वगीकृत (गोपनीय) दस्तावेज लीक हुए तो यह खुलासा हुआ था। सीआईए की रिपोर्ट में भी यह दावा किया गया था। केजीबी पेपर्स के हवाले से द टेलीग्राफ अखबार की 25 अक्टूबर, 2005 की एक रिपोर्ट के मुताबिक जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्रित्व काल में ही केजीबी संवेदनशील प्रतिष्ठानों में घुसपैठ कर चुकी थी।

2005 में ही केजीबी के पूर्व जासूस वसीलाई मित्रोखिन ने अपनी पुस्तक में खुलासा किया था कि केजीबी ने कॉन्ग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार के लिये इंदिरा गाँधी को सूटकेसों में भरकर रुपए भेजे थे। इसके अतिरिक्त नेहरू के चहेते और उनकी कैबिनेट में रक्षा मंत्री वीके कृष्णमेनन के चुनाव के लिये केजीबी ने पैसा दिया था और 1970 में चार अन्य केंद्रीय मंत्रियों को अलग से धन मुहैया कराया था। सीआईए की एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि राजीव गाँधी के मंत्रिमंडल में केजीबी के लोग थे।

यहाँ ये तथ्य उजागर करने का कारण यह है कि आज जब कॉन्ग्रेस भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बनाने की भारतीय वैज्ञानिकों और वर्तमान नेतृत्व की उपलब्धि को झुठलाने के लिए मिशन शक्ति का श्रेय भी जबरन इंदिरा गाँधी को दे रही है तो देश को इस सवाल का जवाब भी ढूँढना चाहिए कि इंदिरा का शास्त्री जी, डॉ भाभा और विक्रम साराभाई की संदिग्ध मृत्यु और इससे भारत के परमाणु कार्यक्रम ठप पड़ने का क्या संबंध है?

डॉ भाभा की तरह ही विक्रम साराभाई भी देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे ले जाना चाहते थे और उनके प्रयासों से ही 1962 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान राष्ट्रीय समिति (आईएनसीओएसपीएआर) गठित हुयी थी, जिसे 1969 में भंग कर दिया गया और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की स्थापना की गयी। जो प्रधानमंत्री कार्यालय के अंतरिक्ष विभाग के अधीन कार्य करती है। विक्रम साराभाई देश को अंतरिक्ष शक्ति बनाने के काम में लग गए और उनकी अगुवाई में देश का पहला उपग्रह आर्यभट्ट तैयार होने लगा। किंतु, 30 दिसम्बर 1971 को उनकी भी तिरुअनंतपुरम में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी। उनका पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया। साराभाई की बेटी मल्लिका साराभाई ने अपने पिता की मौत में साजिश का संदेह जताते हुए सरकार द्वारा पोस्टमार्टम न कराए जाने के निर्णय पर सवाल उठाया था।

“विक्रम साराभाई ए लाइफ” पुस्तक में अमृता शाह ने साराभाई की निकट सहयोगी कमला चौधरी के हवाले से लिखा है कि साराभाई ने उनसे अपने जीवन पर खतरे की बात बताई थी। इसी तरह स्वदेशी क्रायोजनिक इंजन विकसित कर देश को उपग्रह प्रक्षेपण क्षेत्र में शक्तिशाली बनाने की परियोजना का हिस्सा रहे डॉ नम्बी नारायणन का किस्सा भी जगजाहिर है। जनवरी 1991 में तत्कालीन सरकार ने रूस के साथ तकनीक हस्तांतरण के साथ 7 क्रायोजनिक राकेट इंजन क्रय करने का 235 करोड़ रुपए का समझौता हुआ था। इसके बाद डा. नारायणन उन तीन वैज्ञानिकों में शामिल थे, जिन्होंने समझौते के तहत रूस जाकर इस पर काम किया था। अमरीका के दबाव में जब रूस ने 1993 में भारत को क्रायोजनिक इंजन की तकनीक देने से इनकार कर दिया तो इसरो वैज्ञानिकों ने इसे खुद बनाने की ठान ली।

नारायण स्वदेशी क्रायोजनिक इंजन के प्रोजेक्ट को लीड कर रहे थे। लेकिन तत्कालीन कॉन्ग्रेस शासन में दिसम्बर 1994 में डॉ नारायणन को जासूस होने का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। जाँच में उनके ऊपर लगे आरोप झूठे पाये गए और बरी किए गए। इस बीच अटल जी की सरकार बनने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया गया और इसरो स्वदेशी क्रायोजनिक इंजन विकसित करने की ओर सफलतापूर्वक बढ़ने लगा। 2004 में अटल जी की सरकार चली गयी और कॉन्ग्रेस नीत यूपीए सत्ता में आई तथा दस साल बाद 5 जनवरी 2014 को स्वदेशी क्रायोजनिक इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।

जिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में भारत को अंतरिक्ष की महाशक्ति बनने की इतनी बड़ी उपलब्धि मिली है, उन पर व्यंग्य मारने वाले कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से यह पूछा जाना चाहिए कि उनकी माँ और तत्कालीन कॉन्ग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गाँधी के इशारे पर चलने वाली मनमोहन सरकार द्वारा देश की सेना को आधुनिक हथियारों, लड़ाकू विमानों व साजोसामान से वंचित कर देश की सुरक्षा को खतरनाक स्थिति में लाने का षडयंत्र क्यों हुआ? मिशन शक्ति की उपलब्धि पर प्रश्न उठाने वाले कॉन्ग्रेस से यह भी पूछा जाना चाहिए कि इंदिरा के समय से लेकर सोनिया व राहुल तक चाहे देश के शीर्ष रक्षा वैज्ञानिकों की रहस्यमयी व अचानक मृत्यु की घटनाएँ हों अथवा कॉन्ग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों द्वारा राफेल सौदे, सर्जिकल स्ट्राइक व एयरस्ट्राइक पर चीन और पाकिस्तान की मदद कर देश की सुरक्षा खतरे में डालने वाली षडयंत्रकारी बयानबाजी हो अथवा 2007 और 2012 में इसरो द्वारा ए-सैट मिसाइल कार्यक्रम के प्रस्ताव की अनुमति न देने के पीछे उनकी सरकार और पार्टी की मंशा क्या थी?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने साफ कहा कि भारत के पास एक दशक से पहले भी ऐंटी सैटलाइट मिसाइल क्षमता थी, लेकिन उस समय राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण इसे सफलतापूर्वक अंजाम नहीं दिया जा सका। जिस समय चीन ने 2007 में यह परीक्षण किया और अपने मौसम उपग्रह को मार गिराया, उस समय भी भारत के पास ऐसा ही मिशन पूरा करने की तकनीक थी। नायर ने कहा, “अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी पहल की है। उनके पास राजनीतिक इच्छा शक्ति है और साहस है, यह कहने का कि हम इसे करेंगे। इसका प्रदर्शन अब हमने पूरी दुनिया को कर दिया है।”

रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) इसरो के पूर्व अध्यक्ष वीके सारस्वत ने भी कहा कि उन्होंने 2012 में कॉन्ग्रेस नीत यूपीए सरकार को इसके परीक्षण का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन तब उन्होंने इसकी अनुमति देने के बजाय इस पर रोक लगा दी। इस सफलता का श्रेय मोदी सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति व साहस को ही जाता है। मोदी सरकार के कार्यकाल में जब ए-सैट मिसाइल पर काम शुरू हुआ तो डीआडीओ के मुखिया सारस्वत थे।

मोदी विरोध के लिए देश की उपलब्धियों को झुठलाने वाली कॉन्ग्रेस व विपक्षी दल फिर कटघरे में हैं। आज नहीं कल, लोग उनसे हिसाब माँगेंगे और पूछेंगे कि देश को मजबूत बनाने वालों की संदिग्ध मौत और भारत को असुरक्षित बनाने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास में इतने ब्लैक होल क्यों हैं?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Harish Chandra Srivastavahttp://up.bjp.org/state-media/
Spokesperson of Bharatiya Janata Party, Uttar Pradesh

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

MP रवि किशन को ड्रग्स पर बोलने के कारण मिल रही धमकियाँ, कहा- बच्चों के भविष्य के लिए 2-5 गोली भी मार दी...

रवि किशन को ड्रग्स का मामला उठाने की वजह से कथित तौर पर धमकी मिल रही है। धमकियों पर उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए 2-5 गोली खा लेंगे तो कोई चिंता नहीं है।

छत्तीसगढ़: वन भूमि अतिक्रमण को लेकर आदिवासी और ईसाई समुदायों में झड़प, मामले को जबरन दिया गया साम्प्रदयिक रंग

इस मामले को लेकर जिला पुलिस ने कहा कि मुद्दा काकडाबेड़ा, सिंगनपुर और सिलाती गाँवों के दो समूहों के बीच वन भूमि अतिक्रमण का है, न कि समुदायों के बीच झगड़े का।

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता नहीं दें काम, सुशांत के मामले को भी जल्द सुलझाए CBI: रामदास अठावले

"ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता काम नहीं दें। ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को फिल्में देना बंद नहीं हुआ तो आरपीआई कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए शूटिंग बंद करने भी पहुँचेंगे।"

मुख्तार अहमद से राहुल बनने की साजिश में वकील फातिमा ने की मदद: SIT को मिली लव जिहाद से जुड़े मास्टरमाइंड की कड़ी

SIT ने कानपुर लव जिहाद मामले के आरोपित का कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एक महिला वकील फातिमा का पता लगाया है।

मीडिया अगर किसी भी सेलेब्रिटी की गाड़ी का पीछा करेगी तो मुंबई पुलिस गाड़ी जब्त कर ड्राइवर पर करेगी कार्रवाई: DCP

डीसीपी ने कहा कि आज पुलिस ने कई मीडिया वाहनों का अवलोकन किया, जिन्होंने एनसीबी जाँच के लिए बुलाए गए लोगों का पीछा करते हुए पाए गए।

CM योगी को धमकाने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार: मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा करने की दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी देने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित एटा जिले का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

लवजिहाद के लिए पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी कर रहा करोड़ों की फंडिंग: कानपुर SIT जाँच में खुलासा

सभी मामलों की जाँच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपितों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहाँ पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है।

कंगना केस में हाईकोर्ट ने BMC को लगाई फटकार, पूछा- क्या अवैध निर्माण गिराने में हमेशा इतनी तेजी से कार्रवाई करती है बीएमसी?

कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि क्या अवैध निर्माण को गिराने में वह हमेशा इतनी ही तेजी दिखाती है जितनी कंगना रनौत का बंगला गिराने में दिखाई?

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,069FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements