Tuesday, September 22, 2020
Home विचार राजनैतिक मुद्दे मोदी विरोधियों की गज भर लंबी ज़ुबान, घटिया राजनीति का प्रमाण

मोदी विरोधियों की गज भर लंबी ज़ुबान, घटिया राजनीति का प्रमाण

ऐसे ओछे और भद्दे बयानों के सरताज़ों से मैं कहना चाहूँगी कि पीएम मोदी के चेहरे पर ध्यान देने की बजाए अगर उनके विकास कार्यों पर ध्यान दिया होता तो शायद देश की दिशा और दशा में आए सुधारों को वो देख पाते।

आज से 17वीं लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में कुल 545 सीटों में से 91 सीटों पर आज वोटिंग होगी। सियासी घमासान के बीच जहाँ एक तरफ मतदाता अपने प्रतिनिधि को जिताने की कोशिश में जुट गए हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियों के नेता अपनी ज़ुबान को क़ाबू में नहीं रख पा रहे हैं।

अपनी विविधताओं और विशालतम छवि के लिए प्रसिद्ध भारत में लोकसभा चुनाव किसी उत्सव से कम नहीं होता, इस पर दुनिया की नज़र भी बनी रहती है। चुनावी मौसम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस चुनावी हार-जीत में जब जनता को बरगलाने का काम किया जाता है, तो वो किसी अपराध से कम नहीं होता। इसी कड़ी में अपनी भद्दी राजनीति को चमकाने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पीएम मोदी को हिटलर तक कह दिया।

चोर की दाढ़ी में तिनका

बता दें कि कुमारस्वामी का यह तीखा हमला इसलिए था क्योंकि वो आयकर विभाग की छापेमारियों से नाराज़ थे। दरअसल हाल ही में जनता दल सेक्यूलर (JDS) के लोगों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। इससे कर्नाटक के मुख्यमंत्री इतने आहत हुए कि उन्होंने अपना सारा गुस्सा पीएम मोदी पर उतारते हुए कह दिया कि वो तो हिटलर से भी ख़राब हैं!

कुमारस्वामी ने आरोप लगाते हुए पीएम मोदी को कहा कि वो देश के सबसे ख़राब प्रधानमंत्री हैं, जो लोगों की निजी संपत्तियों को ज़ब्त करने का विधेयक लाए हैं। अब ज़रा इनसे ये पूछा जाए कि आयकर विभाग क्या अपना मानसिक संतुलन खो बैठा है, जो वो लोगों की निजी संपत्तियों का ज़ब्त करने का काम करेगा? यह बात तो हर कोई जानता है कि आयकर विभाग, आय से अधिक उन संपत्तियों को ज़ब्त करने का काम करता है, जिसका हिसाब सरकार को नहीं दिया जाता। ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ वाली कहावत यहाँ सटीक बैठती है क्योंकि आयकर विभाग की छापेमारी का डर उन्हीं चोरों को होगा, जिनके पास चोरी का माल होगा। कुमारस्वामी अगर आयकर विभाग की छापेमारी से डरते हैं, तो मतलब साफ़ है कि उनका दामन भी दूध का धुला नहीं है।

- विज्ञापन -

अपने इसी डर को भगाने का एकमात्र साधन वो पीएम मोदी को मानते हैं और इसी लिए वो कभी पीएम के चमकते चेहरे के बारे में बात करते हैं, तो कभी उन्हें तानाशाह बताते हैं। असल में अपने दु:ख को छिपाने का कोई दूसरा उपाय न सूझता देख वो उन्हें कुछ भी कहने से नहीं चूकते, फिर चाहे देश के सबसे ख़राब प्रधानमंत्री का तमगा देना हो या दुनिया का ही सबसे ख़राब प्रधानमंत्री बोल देना हो।

IT विभाग और चिदंबरम में 36 का आँकड़ा

कुछ इसी तरह का डर यूपीए काल में वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम पर भी दिखा। उनका यह डर उस समय दिखा जब हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के क़रीबियों के ख़िलाफ़ आयकर विभाग द्वारा क़रीब 50 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी में करोड़ों रुपए कैश के अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ बरामद किए गए। पी चिदंबरम ने ट्वीट कर यह ज़ाहिर करने की कोशिश की कि उन्हें आयकर विभाग की छापेमारी से कोई डर नहीं लगता, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही थी। इसका संबंध उनकी पत्नी नलिनी चिदंबरम और पुत्र कार्ति चिदंबरम की अवैध संपत्तियों का डर से था।

सांप, बिच्छू और नीच तक कह डाला

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी ने पीएम मोदी पर हमलावर और अभद्र टीका-टिप्पणी की हो। कॉन्ग्रेस के मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को ‘नीच’ कहा था जिस पर सफ़ाई दी कि वो हिंदी नहीं जानते थे, इसलिए उन्होंने ‘Low Person’ का अनुवाद किया और उन्हें नीच बोल दिया। हालाँकि, अपने इस बयान पर अय्यर ने कम से कम 6 बार माफ़ी माँगने का ज़िक्र किया। उनके विवादित बयानों की फेहरिस्त में और भी विवादित बयान शामिल हैं जिसमें उन्होंने साल 2013 में नरेंद्र मोदी को सांप-बिच्छू तक कह डाला था। अपनी इस बेक़ाबू होती ज़ुबान ऐसे नेताओं के गिरते स्तर का पता चल जाता है।

पीएम मोदी के ‘काले से गोरे’ का राज बताने से भी नहीं चूके

देश के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ बिगड़े बोल में एक नाम कॉन्ग्रेसी नेता अल्पेश ठाकोर का भी शामिल है। पीएम मोदी के गोरे रंग पर तंज कसते हुए अल्पेश ने कहा था कि वो 80,000 रुपए का मशरूम खाते हैं, जिससे वो काले से गोरे हो गए हैं। ये बयान गुजरात विधानसभा चुनाव के दोरान 2017 में दिया गया था। ऐसे ओछे और भद्दे बयानों के सरताज़ों से मैं कहना चाहूँगी कि पीएम मोदी के चेहरे पर ध्यान देने की बजाए अगर उनके विकास कार्यों पर ध्यान दिया होता तो शायद देश की दिशा और दशा में आए सुधारों को वो देख पाते

चुनावी दंगल के इस माहौल में आए दिन कोई न कोई ऐसा विवादित बयान दे डालता है, जिससे किरकिरी होना स्वाभाविक ही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन विरोधी सुरों के तीर हमेशा पीएम मोदी पर ही छोड़े जाते हैं। बीजेपी की धुर विरोधी पार्टी कॉन्ग्रेस तो हमेशा से ही हमलावार रही है, लेकिन कुछ ऐसे नेता भी उनका साथ बख़ूबी देते हैं जिन्होंने कभी ख़ुद NDA के साथ मिलकर राजनीति की सीढ़ियाँ चढ़ीं थी। यहाँ बात ममता बनर्जी की हो रही है जो 1999 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा बन गई थी। जिस गठबंधन का वो कभी हिस्सा थीं, जिसकी बदौलत वो देश की पहली रेलमंत्री बनीं, आज वही पार्टी ममता को एक आँख नहीं भाती। जिनके ख़िलाफ़ वो अभद्र भाषा का प्रयोग तो करती ही हैं साथ में उन पर निजी हमले भी करती हैं।

कुल मिलाकर देखा जाए तो एक बात तो तय है कि पीएम मोदी के ख़िलाफ़ बुलंद सुर देश की जनता का ध्यान भटकाने का ज़रिया मात्र है। ऐसा करने से वो बीते पाँच वर्षों में आए सकारात्मक बदलावों पर से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। फ़िलहाल, यह देखना बाकी है कि विरोधियों के ये बिगड़े बोल जनता पर कितना असर डालते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने ईशान करण की चिट्ठी नहीं पढ़ी… वरना पत्रकार हरिवंश से पंगा न लेते

दूर बैठकर भी कर्मचारियों के मन को बखूबी पढ़ लेने वाले हरिवंश जी, अब आसन पर बैठ संजय सिंह, डेरके ओ ब्रायन की 'राजनीति' को पढ़ हँसते होंगे।

दिल्ली दंगों से पहले चाँदबाग में हुई बैठक: 7 गाड़ियों में महिलाएँ जहाँगीरपुरी से लाई गई, देखें व्हाट्सअप चैट में कैसे हुई हिंसा की...

16-17 फरवरी की देर रात चाँद बाग में मीटिंग करने का निर्णय लिया था। यहीं इनके बीच यह बात हुई कि दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट के अंतिम चरण को उत्तरपूर्वी दिल्ली के इलाकों में अंजाम दिया जाएगा।

अगले जनम मोहे विपक्ष ही कीजो : किसान विरोधी इस फासिस्ट सत्ता की इमेज क्यों नहीं बिगड़ने देता विपक्ष

अगर सरकार कोई किसान विरोधी कदम उठाती है तो इसका फायदा तो विपक्ष को ही होना चाहिए. लेकिन विपक्ष है कि सरकार की इमेज ख़राब होने ही नहीं देता।

‘…तुम्हारा हश्र भी कमलेश तिवारी जैसा होगा’ – UP में अपने ही विभाग के मंत्री को शकील अहमद ने दी धमकी

आरोप है कि अधिकारी शकील अहमद ने यूपी में मंत्री राजेश्वर सिंह को धमकाया कि उनका भी हश्र हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी जैसा ही होगा।

तुम मुस्लिम नहीं हो… तुम तो मोदी का जन्मदिन और राम मंदिर पर खुश होते हो: AltNews का ‘कूड़ा फैक्ट चेक’

पीएम मोदी का जन्मदिन मनाने वाले और राम मंदिर का समर्थन करने वाले मुस्लिम प्रोपेगेंडा पोर्टल AltNews के हिसाब से मुस्लिम नहीं हैं।

‘कृष्ण जन्मभूमि के पास से हटे इस्लामी ढाँचा’ – मथुरा में 22 गिरफ्तार, कृष्ण जन्मभूमि आंदोलन के लिए उठ रही आवाज

हिंदू आर्मी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर आंदोलन की शुरुआत करने का आह्वान किया था। सभी को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बुलाया गया था लेकिन...

प्रचलित ख़बरें

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

व्हिस्की पिलाते हुए… 7 बार न्यूड सीन: अनुराग कश्यप ने कुबरा सैत को सेक्रेड गेम्स में ऐसे किया यूज

पक्के 'फेमिनिस्ट' अनुराग पर 2018 में भी यौन उत्पीड़न तो नहीं लेकिन बार-बार एक ही तरह का सीन (न्यूड सीन करवाने) करवाने का आरोप लग चुका है।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

संघी पायल घोष ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया – जया बच्चन

जया बच्चन का कहना है कि अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर पायल घोष ने जिस थाली में खाया, उसी में छेद किया है।

प्रेगनेंसी टेस्ट की तरह कोरोना जाँच: भारत का ₹500 वाला ‘फेलूदा’ 30 मिनट में बताएगा संक्रमण है या नहीं

दिल्ली की टाटा CSIR लैब ने भारत की सबसे सस्ती कोरोना टेस्ट किट विकसित की है। इसका नाम 'फेलूदा' रखा गया है। इससे मात्र 30 मिनट के भीतर संक्रमण का पता चल सकेगा।

‘क्या तुम्हारे पास माल है’: सामने आई बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस के बीच हुई ड्रग चैट

कुछ बड़े बॉलीवुड सितारों के बीच की ड्रग चैट सामने आई है। इसमें वे खुलकर ड्रग्स के बारे में बात कर रहे हैं।

PM मोदी के जन्मदिन पर अपमानजनक वीडियो किया वायरल, सोनू खान को UP पुलिस ने किया अरेस्ट

सोनू खान को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से वह फोन भी बरामद किया गया है, जिससे उसने प्रधानमंत्री मोदी पर अपमानजनक...

‘यूपी में फिल्म सिटी से टूटेगा गिरोह विशेष का आधिपत्य’: CM योगी ने फ़िल्मी हस्तियों के साथ की बैठक, ब्लूप्रिंट तैयार

"वो कम से कम समय में उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए 1000 एकड़ की भूमि की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि ये फिल्म सिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा।"

मुजम्मिल पाशा की मीटिंग, PFI और SDPI को हिंसा का निर्देश: NIA ने बेंगलुरु दंगे की प्लानिंग का किया पर्दाफाश

बेंगलुरु हिंसा मामले में जाँच को आगे बढ़ाते हुए NIA ने SDPI नेता मुजम्मिल पाशा को ‘भीड़ को उकसाने’ के लिए नामित किया। पाशा ने...

अकरम, शेरखान सहित करीब 12 लोगों ने सरिया, डंडे से तोड़ी कपड़ा व्यापारी वीरेंद्र की टाँग: दुकान बेचकर चले जाने की देते थे धमकी

19 सितंबर 2020 को दोपहर 12 बजे के आसपास वीरेंद्र के कपड़े की दुकान में घुस कर उन पर हमला बोला गया। यह हमला उनकी दुकान के पास कपड़े की ही दुकान करने वाले अकरम, शेर खान और आशु समेत 10-12 लोगों ने किया।

क्या है कृषि बिल में? किसानों के साथ धोखा हुआ? अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti explains 2020 farm bills

2006 में स्वामीनाथन कमिटी की एक रिपोर्ट आई थी, जो किसानों की समस्या का हल बताना चाह रही थी कि कहाँ-कहाँ पर सुधारों की आवश्यकता है।

संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने ईशान करण की चिट्ठी नहीं पढ़ी… वरना पत्रकार हरिवंश से पंगा न लेते

दूर बैठकर भी कर्मचारियों के मन को बखूबी पढ़ लेने वाले हरिवंश जी, अब आसन पर बैठ संजय सिंह, डेरके ओ ब्रायन की 'राजनीति' को पढ़ हँसते होंगे।

दिल्ली दंगों और CAA विरोधी उपद्रव के लिए ₹1.61 करोड़ की फंडिंग: ताहिर और इशरत सहित 5 के खाते में आए थे रुपए

AAJMI को दंगे भड़काने के लिए कुल 7.6 लाख रुपए मिले थे। इनमें से 5.55 लाख रुपए विदेश में कार्यरत जामिया के पूर्व छात्रों ने भेजे।

सुशांत सिंह केस: अभी जेल में ही कटेंगे रिया और शौविक के दिन-रात, कोर्ट ने 6 अक्टूबर तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती को अभी जेल में ही रहना होगा। स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत की अवधि 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।

दिल्ली दंगों से पहले चाँदबाग में हुई बैठक: 7 गाड़ियों में महिलाएँ जहाँगीरपुरी से लाई गई, देखें व्हाट्सअप चैट में कैसे हुई हिंसा की...

16-17 फरवरी की देर रात चाँद बाग में मीटिंग करने का निर्णय लिया था। यहीं इनके बीच यह बात हुई कि दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट के अंतिम चरण को उत्तरपूर्वी दिल्ली के इलाकों में अंजाम दिया जाएगा।

सऊदी में गिरफ्तार आतंकी शोएब और गुल नवाज को NIA की टीम भारत लाई: दिल्ली और बेंगलुरु धमाकों के बाद से थी तलाश

इस कार्रवाई से पहले इन दोनों आतंकियों के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका था। रियाद में इनके ख़िलाफ़ लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद इन्हें भारत लाया गया।

हमसे जुड़ें

263,159FansLike
77,969FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements