Thursday, June 4, 2020
होम विचार राजनैतिक मुद्दे लोकतंत्र का इतिहास, जूलियस सीज़र और केजरीवाल की कम्बल कुटाई

लोकतंत्र का इतिहास, जूलियस सीज़र और केजरीवाल की कम्बल कुटाई

चाहे योगेन्द्र 'सलीम' यादव हों, प्रशांत भूषण या दूसरे साथी, जरा सी असहमति दिखाते ही उनकी जिस हिंसक तरीके से विदाई हुई, उससे भी लोकतान्त्रिक ढंग से चुने लोगों का तानाशाह बनना ही याद आया था। चूँकि सीजर की हत्या में 60 लोग शामिल थे, और आआपा के करीब इतने ही विधायक चुनकर आये थे, इसलिए भी बातें मिलती जुलती सी लगने लगी थी।

ये भी पढ़ें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

अभी दुनिया में सिर्फ सऊदी अरब, ओमान, यूएई, ब्रूनेई और वैटिकन ऐसे देश हैं जो खुल्लमखुल्ला कहते हैं कि वो लोकतान्त्रिक नहीं है। बाकी सारे देश खुद को लोकतान्त्रिक ही बताते हैं। कोई थोड़ा कम है, और कोई थोड़ा ज्यादा, मगर लोकतान्त्रिक, यानि डेमोक्रेटिक सभी है। वैसे तो लोकतंत्र का विकास भारत में भी हुआ था, मगर अंग्रेजी में जो लोकतंत्र के लिए शब्द होता है, उस ‘डेमोक्रेसी’ का भी अपना इतिहास है। ग्रीक राजनैतिक और दार्शनिक विचारों का शब्द ‘डेमोक्रेसी’ दो शब्दों से बना है, जिसमें ‘डेमोस’ का मतलब ‘आम आदमी’ और ‘क्रेटोस’ का मतलब शक्ति है।

अक्सर राजाओं के दौर में लोग अराजकता से तंग आकर लोकतान्त्रिक तरीके से अपना शासक चुनते थे। जैसे बिहार राजाओं के काल वाले भारत में एक राजा थे गोपाल। ये पाल वंश के संस्थापक थे, 750 के आस पास इन्होंने शासन संभाला और 20 वर्ष के लगभग शासन किया था। ये बौद्ध थे, मगर उतने अहिंसक नहीं थे। किम्वादंतियों के मुताबिक इनसे पहले के राजाओं को एक नाग रानी (या नागिन), चुने जाने के दिन ही मार डालती थी। मत्स्य न्याय से परेशान लोगों ने अंततः गोपाल को राजा चुना और उन्होंने नागिन (या नाग रानी) को मार डाला था।

जैसे अराजकता जैसी स्थिति ने गोपाल प्रथम को चुनकर राजा बनाया, करीब करीब वैसी ही स्थितियों में रोम में भी एक प्रसिद्ध राजा हुए थे। ईसा से करीब सौ साल पूर्व वहाँ जुलिअस सीजर थे। उन्हें भी गैल्लिक युद्धों में लगातार सफलता के बाद काफी प्रसिद्धि मिली थी। युद्ध से परेशान रोमन लोग जहाँ सीजर को विजयी के रूप में पसंद कर रहे थे, वहं सिनेट की योजना कुछ और थी। उन्होंने सीजर से सेना प्रमुख का पद छोड़ने को कहा। सीजर उल्टा अपनी सेना के साथ गृह युद्ध जैसी स्थिति तैयार कर बैठे! इस लड़ाई में जीतने के बाद वो राजा हुए और उन्होंने कई प्रशासनिक सुधार करवाये।

जुलियन कैलेन्डर जो हम आज इस्तेमाल करते हैं वो उन्हीं की देन है। जो लोग पुराने जमाने के तरीके से अप्रैल में नया साल मनाते उन बेचारे यहूदियों का मजाक उड़ाने की ‘अप्रैल फूल’ की परंपरा भी उसी दौर में शुरू हुई। जमीन के मालिकाना हक़ के नियमों में सुधारों को लेकर उनसे कई जमींदार नाराज हो गए और उन्होंने सीजर की हत्या कर देने की योजना बनाई। ऐसा माना जाता है कि इस हत्याकांड में करीब 60 लोग शामिल हुए थे और सीजर को 23 बार छुरा लगा था। इसी पर शेक्सपियर ने अपना प्रसिद्ध नाटक लिखा था, जिसकी वजह से ब्रूटस के लिए सीजर का डायलॉग ‘एट टू ब्रूटस’ (तुम भी ब्रूटस?) प्रसिद्ध हुआ।

विदेशों की कुछ अवधारणाओं में मानते हैं कि ‘शैतान’ कोई ईश्वर की सत्ता से बाहर की चीज है। हिन्दुओं में ऐसा नहीं मानते, वो मानते हैं कि हिन्दुओं की प्रवृत्तियाँ ही उसे मनुष्य या राक्षस बनाती हैं। संभवतः यही वजह होगी कि वो ये भी कहते हैं कि शैतान से लड़ते-लड़ते, मनुष्य के खुद शैतान हो जाने की संभावना रहती है। अक्सर लोकतान्त्रिक ढंग से जो शासक, अराजकता से निपटने के लिए चुने जाते हैं, वो खुद ही अराजक या तानाशाह हो जाते हैं। कुछ वैसे ही जैसे हाल ही में चीन के शासक ने खुद को आजीवन चुनाव लड़ने के झंझट से अलग कर लिया है।

भारत की राजधानी में हाल में जब लोगों ने मुख्यमंत्री चुना था तो लोकतंत्र और उससे जुड़ी अराजकता वाली स्थितियों की भी याद आई ही थी। सुधारों के नाम पर तुगलकी फरमानों से भी सीजर की याद आई। चाहे योगेन्द्र ‘सलीम’ यादव हों, प्रशांत भूषण या दूसरे साथी, जरा सी असहमति दिखाते ही उनकी जिस हिंसक तरीके से विदाई हुई, उससे भी लोकतान्त्रिक ढंग से चुने लोगों का तानाशाह बनना ही याद आया था। चूँकि सीजर की हत्या में 60 लोग शामिल थे, और आआपा के करीब इतने ही विधायक चुनकर आये थे, इसलिए भी बातें मिलती जुलती सी लगने लगी थी।

अब दबी जबान में चर्चा हो रही है कि बंद कमरे में कुछ लोगों ने मफ़लर वाले के साथ वो कर दिया है जो कम्बल ओढ़ा कर किया जाता है। कविराज विष-वास सोशल मीडिया पर इसपर कटाक्ष भी करते दिखे। यकीन नहीं होता, इतिहास खुद को दोहराता है, ऐसा सुना था, मगर इतनी समानताएँ?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

ख़ास ख़बरें

जिहाद उनका, नेटवर्क उनका, शिकार आप और नसीहतें भी आपको ही…

आप खतरे से घिरे हैं। फिर भी शुतुरमुर्ग की तरह जमीन में सिर गाड़े बैठे हैं। जरूरी है कि ​जमीन से सिर निकालिए, क्योंकि वक्त इंतजार नहीं करेगा।

‘अगर मजदूरों को पैसा देंगे तो उनकी आदत खराब हो जाएगी, सरकार के लोगों ने कहा’ – एक लाइन में राहुल के 2 झूठ

1) सरकार ने श्रमिकों को पैसे नहीं दिए 2) 'सरकार के लोगों ने' उन्हें इस बारे में स्पष्टीकरण दिया। राहुल गाँधी खुद के जाल में फँस कर...

फैक्ट चेक: स्क्रॉल ने 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का फैलाया फेक न्यूज़, PIB ने खोली झूठ की पोल

वामपंथी वेबसाइट द स्क्रॉल ने एक बार फिर से इसी ट्रैक पर चलते हुए जनवरी से मई 2020 तक 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का झूठ फैलाया। प्रोपेगेंडा पोर्टल की रिपोर्ट में परोसे गए झूठ की पोल खुद पीआईबी ने फैक्टचेक कर खोली है।

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ‘किट्टी पार्टी जर्नलिस्ट’ सबा नकवी के झूठ, घृणा, फेक न्यूज़ को किया बेनकाब, देखें Video

आनंद रंगनाथन ने सबा नकवी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यह ऐसी पत्रकार हैं, जो हर रात अपनी खूबसूरत ऊँगलियों से पत्रकारिता के आदर्शों को नोंचती-खरोंचती हैं।"

मरकज और देवबंद के संपर्क में था दिल्ली दंगे का मुख्य आरोपित फैजल फारुख, फोन रिकॉर्ड से हुआ खुलासा

दायर चार्जशीट में फैजल फारुख को एक मुख्य साजिशकर्ता के रूप चिन्हित करते हुए कहा गया कि जब पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे हो रहे थे, उस समय वो तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के करीबी अब्दुल अलीम के संपर्क में था।

प्रचलित ख़बरें

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

हलाल का चक्रव्यूह: हर प्रोडक्ट पर 2 रुपए 8 पैसे का गणित* और आतंकवाद को पालती अर्थव्यवस्था

PM CARES Fund में कितना पैसा गया, ये सबको जानना है, लेकिन हलाल समितियाँ सर्टिफिकेशन के नाम पर जो पैसा लेती हैं, उस पर कोई पूछेगा?

अमेरिका: दंगों के दौरान ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ के नारे, महिला प्रदर्शनकारी ने कपड़े उतारे: Video अपनी ‘श्रद्धा’ से देखें

अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन हिंसा, दंगा, आगजनी, लूटपाट में तब्दील हो चुका है।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की भतीजी ने चाचा पर लगाया यौन उत्‍पीड़न का आरोप, कहा- बड़े पापा ने भी मेरी कभी नहीं सुनी

"चाचा हैं, वे ऐसा नहीं कर सकते।" - नवाजुद्दीन ने अपनी भतीजी की व्यथा सुनने के बाद सिर्फ इतना ही नहीं कहा बल्कि पीड़िता की माँ के बारे में...

देश विरोधी इस्लामी संगठन PFI को BMC ने दी बड़ी जिम्मेदारी, फडणवीस ने CM उद्धव से पूछा- क्या आप सहमत हो?

अगर किसी मुसलमान मरीज की कोरोना की वजह से मौत होती है तो अस्पताल PFI के उन पदाधिकारियों से संपर्क करेंगे, जिनकी सूची BMC ने जारी की है।

गर्भवती हथिनी को धोखे से खिलाए पटाखे, नदी में खड़े-खड़े हो गई मौत: पीड़ा के बावजूद किसी को नहीं पहुँचाया नुकसान

एक गर्भवती मादा हाथी को धोखे से अनानास में पटाखे रख कर खिला दिया गया। पटाखा मुँह में फट गया। अत्यंत पीड़ा के कारण वो...

‘सीता माता पर अपशब्द… शिकायत करने पर RSS कार्यकर्ता राजेश फूलमाली की हत्या’ – अनुसूचित जाति आयोग से न्याय की अपील

RSS कार्यकर्ता राजेश फूलमाली की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठनी शुरू हो गई। बकरी विवाद के बाद अब सीता माता को लेकर...

जिहाद उनका, नेटवर्क उनका, शिकार आप और नसीहतें भी आपको ही…

आप खतरे से घिरे हैं। फिर भी शुतुरमुर्ग की तरह जमीन में सिर गाड़े बैठे हैं। जरूरी है कि ​जमीन से सिर निकालिए, क्योंकि वक्त इंतजार नहीं करेगा।

‘अगर मजदूरों को पैसा देंगे तो उनकी आदत खराब हो जाएगी, सरकार के लोगों ने कहा’ – एक लाइन में राहुल के 2 झूठ

1) सरकार ने श्रमिकों को पैसे नहीं दिए 2) 'सरकार के लोगों ने' उन्हें इस बारे में स्पष्टीकरण दिया। राहुल गाँधी खुद के जाल में फँस कर...

Covid-19: भारत में कोरोना पर जीत हासिल करने वालों की संख्या 1 लाख के पार, रिकवरी रेट 48.31 फीसदी

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 8,909 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 2,07,615 हो गई। वहीं 217 लोगों की मौत के बाद मृतकों का आँकड़ा बढ़कर 5,815 हो गया है।

कोलकाता पोर्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होने से आहत मृणाल पांडे ने कहा- पोर्ट का मतलब बन्दर होता है

प्रसार भारती की भूतपूर्व अध्यक्ष और पत्रकार मृणाल पांडे ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम 'बंदर' से भी जोड़ दिया है। उनका कहना है कि गुजराती में पोर्ट को बन्दर कहते हैं।

J&K: अनंतनाग में आदिल मकबूल वानी के घर से मिले 24 किलोग्राम अवैध विस्फोटक, 4 गिरफ्तार

एक विश्वसनीय इनपुट के आधार पर अनंतनाग पुलिस ने नानिल निवासी आदिल मकबूल वानी के घर पर छापा मारा और 24 किलोग्राम अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की जिसे पॉलीथीन बैग में पैक करके नायलॉन बैग में छुपाया गया था।

फैक्ट चेक: स्क्रॉल ने 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का फैलाया फेक न्यूज़, PIB ने खोली झूठ की पोल

वामपंथी वेबसाइट द स्क्रॉल ने एक बार फिर से इसी ट्रैक पर चलते हुए जनवरी से मई 2020 तक 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का झूठ फैलाया। प्रोपेगेंडा पोर्टल की रिपोर्ट में परोसे गए झूठ की पोल खुद पीआईबी ने फैक्टचेक कर खोली है।

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

ISIS समर्थकों ने अमेरिका में हिंसक दंगों पर जताई खुशी, कहा- मुस्लिमों के साथ किए बर्ताव की सजा दे रहा अल्लाह

ISIS के एक समर्थक ने अमेरिका में हिंसा की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "हे अल्लाह, उन्हें ऐसे जलाओ जैसे उन्होंने मुसलमानों की ज़मीन को जलाया।"

वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ‘किट्टी पार्टी जर्नलिस्ट’ सबा नकवी के झूठ, घृणा, फेक न्यूज़ को किया बेनकाब, देखें Video

आनंद रंगनाथन ने सबा नकवी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यह ऐसी पत्रकार हैं, जो हर रात अपनी खूबसूरत ऊँगलियों से पत्रकारिता के आदर्शों को नोंचती-खरोंचती हैं।"

हमसे जुड़ें

211,688FansLike
61,327FollowersFollow
245,000SubscribersSubscribe