Thursday, January 21, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे कहब त लग जाइ धक से, औरतन पर समाजवदियन के बोल बहके फक्क से

कहब त लग जाइ धक से, औरतन पर समाजवदियन के बोल बहके फक्क से

ओछी टिप्पणियों से मिलने वाली सुर्खियॉं समाजवादी पार्टी के नेताओं पर इतना गाढ़ा चढ़ती है कि वे महिलाओं के साथ होने वाले हर अपराध के लिए पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा कर देते हैं।

इसे समाजवादी पार्टी यानी सपा का चाल-चरित्र कहें या कमर के ऊपर सोच नहीं पाने की कुव्वत। पार्टी नेताओं में महिलाओं को लेकर ओछी टिप्पणी करने की होड़ लगी रहती है। इस होड़ और इससे मिलने वाली सुर्खियों का नशा इन पर कुछ ऐसा चढ़ता है कि वे बेहद सहजता से महिलाओं के साथ होने वाले हर अपराध के लिए पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा कर देते हैं।

जब सपा की नींव रखने वाले मुलायम सिंह यादव सार्वजनिक तौर पर बलात्कार का यह कहकर बचाव करें कि “लड़के हैं, गलती हो जाती है” तो नीचे क्यों न होड़ लगे? इसी होड़ में लोकसभा के भीतर रामपुर से सपा सांसद आजम खान सदन की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी से कह बैठते हैं,“आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आँखों में आँखें डाले रहूॅं।” ये वही आजम खान हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान इशारों-इशारों में प्रतिद्वंद्वी महिला उम्मीदवार की अंडरवियर का कलर तक बता दिया था।

समस्या केवल बहके बोल ही नहीं है। बचाव में गढ़े जाने वाले तर्क बताते हैं कि इस पार्टी के लिए कामुक टिप्पणियॉं कितनी आम बात है। पार्टी आलाकमान के घर की पढ़ी-लिखी सांसद रह चुकी बहू महिला के अंडरवियर का रंग बताए जाने को ‘छोटी सी बात’ बताती हैं। आँखों में आँखें डालने को सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ‘कविता’ बताते हैं। तो आजम खान की हमसफर तजीन फातिमा की दलील है कि उर्दू में मिठास ही इतनी है कि उनके पति के कहे का लोगों ने गलत मतलब निकाल लिया।

आगे बढ़ने से पहले एक नजर सपा नेताओं के बहके बोल पर डालिए।

मुलायम सिंह यादव

  • साल 2010 में महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में टिप्पणी करते हुए कहा था, ”वर्तमान स्वरूप में महिला आरक्षण विधेयक पास हुआ तो संसद में उद्योगपतियों और अधिकारियों की ऐसी-ऐसी लड़कियाँ आ जाएँगी जिन्हें देखकर लड़के पीछे से सीटी बजाएँगे।”
  • साल 2012 में बाराबंकी में कहा था कि समृद्ध तबके की महिलाएँ ही अपने जीवन में आगे बढ़ पाएँगी। गाँव की महिलाओं को कभी मौक़ा नहीं मिलेगा, क्योंकि ये आकर्षक नहीं होतीं।
  • 2014 में बलात्कार के आरोपियों का बचाव करते हुए कहा “लड़कों से गलती हो जाती है, लेकिन उन्हें मौत की सजा देना गलत है। अगर हम सरकार में आए तो हम कानून में संशोधन करेंगे।”

अबु आजमी

  • साल 2013 में महिलाओं पर विवादित टिप्पणी देते हुए कहा था कि फैशन और नग्नता भारत की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार है।अपने विवादास्पद बयान में आजमी ने यह भी कहा था कि अगर बलात्कार के दोषियों के लिए मौत की सजा का कानून हो सकता है तो ऐसा कानून भी होना चाहिए जो महिलाओं के देर रात तक घूमने और गैर मर्द के साथ घूमने पर रोक लगाए।
  • 2013 में ही कहा था कि औरतें सोने की तरह कीमती होती हैं, अगर उन्हें खुला छोड़ा तो उन्हें लूट लिया जाएगा।
  • एक बार कहा था, “महिलाओं को बाहर जाने की आजादी है लेकिन बस परिवार के साथ। मैं अपने बेटे को रात में बाहर भेज सकता हूँ लेकिन अपनी बेटी को नहीं। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि महिलाएँ सोने की तरह कीमती हैं। आजकल कहीं भी महिलाओं के ऊपर हमला हो जा रहा है इसलिए हमें इससे बचने के उपाय करने चाहिए।”

सपा के अन्य नेता

  • तहलका संपादक तरुण तेजपाल पर बलात्कार का मुकदमा दायर होने के बाद तत्कालीन सपा नेता नरेश अग्रवाल ने बड़ा ही विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “जब महिला हिंसा को रोकने का कानून बनाया जा रहा था, तभी मैंने कहा था कि एंटी रेप बिल की वजह से अधिकारी महिलाओं को नौकरी पर रखने से कतराएंगे। मुझे पता चला है कि कई अधिकारी महिला पीए रखने से कतराते हैं।”
  • राम गोपाल यादव के अनुसार बॉलीवुड की हीरोइन मुंबई के बार डांसर्स से भी अश्लील हैं।
  • शिव चरण प्रजापति ने कहा बलात्कार के लिए महिलाएँ ज्यादा जिम्मेदार होतीं हैं।
  • साल 2013 में असम गैंगरेप मामले में प्रतिक्रिया देते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा था,  “इस तरह कि चीजें दैनिक आधार पर होती रहती हैं। मैंने दिल्ली में भी हुई ऐसी घटनाओं के बारे में पढ़ा। मैं समझता हूँ कि आखिर क्यों मीडिया कई बार एक बलात्कार पर फोकस करता है, जबकि दूसरे को नजरअंदाज कर देता है।”
  • आजम खाम के बेटे अब्दुल्लाह आजम ने एक रैली में जया प्रदा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा “अली भी हमारे…बजरंग बली भी चाहिए, लेकिन अनारकली नहीं चाहिए।”
  • मुरादाबाद से सपा सांसद एसटी हसन ने ट्रिपल तलाक बिल पर कहा “बीवी को गोली मारने या जला कर मरने से अच्छा है कि उसे तलाक दे दें।” जायरा वसीम के बॉलीवुड छोड़ने के फैसले का समर्थन करते हुए हसन साहब ने बॉलीवुड हीरोइनों को ‘तवायफ’ बता दिया था।

अब आप समझ ही गए होंगे कि समाजवादी पार्टी से जुड़े दिग्गज़ नेताओं के लिए सेक्सिस्ट कमेंट करना कोई बड़ी बात नहीं। वे चाहे न चाहे उनके भाषणों में उनकी सोच नजर आ ही जाती है। ये महिलाओं पर बात करते हुए सिर्फ़ राजनीति के नाम पर अपनी धूर्तता का प्रदर्शन करते हैं। उनकी छवि को बूस्ट करने में वे तथाकथित नारीवादी ढाल बनती हैं, जिन्हें एक विशेष पार्टी पर हमला करने के लिए महिला के सिंदूर और मंगलसूत्र से तो दिक्कत है, लेकिन सपा ‘नायकों’ की कथनी से उन्हें कोई दर्द नहीं होता।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुस्लिम ट्रैवल बैन पर बायडेन ने पलटा ट्रंप का फैसला, मेक्सिको बॉर्डर पर बन रही दीवार की फंडिंग भी रोकी

जो बायडेन ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटते हुए अमेरिका में 'मुस्लिम ट्रैवल बैन' को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने कुछ मुस्लिम बहुल देशों के अमेरिका में ट्रेवल पर रोक लगा दी थी।

बंगाल में ‘भाईजान’ की एंट्री: 80 सीटों पर चुनाव, फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा ने ममता पर लगाया BJP की मदद का आरोप

फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी उर्फ़ 'भाईजान' बंगाल चुनाव के लिए आज एक नए राजनीतिक फ्रंट की घोषणा कर सकते हैं।

झटका बेच रहे हो या हलाल? दुकान में बोर्ड लगा कर बताओ: SDMC का अहम फैसला, पास किया प्रस्ताव

SDMC ने एक अहम फैसला लिया। इसके अंतर्गत आने वाले सभी होटलों, रेस्टोरेंट या मीट की दुकानों को 'झटका' या 'हलाल' मीट बेचने से...

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में 3263 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी, ठाकरे की MNS को सिर्फ 31 सीट

महाराष्ट्र में पंचायत चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी। शिवसेना ने दावा किया है कि MVA को राज्य की ग्रामीण जनता ने पहली पसंद बनाया।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

देवी-देवताओं को गाली देने वाले फारुकी के बचाव में सामने आया एक और ‘कॉमेडियन’, किया कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इस्तेमाल

“आज कश्मीरी पंडित नरसंहार के 31 साल पूरे हो गए हैं। मैं चाहता हूँ कि मैं अपनी मातृभूमि, कश्मीर वापस जाऊँ, जहाँ मुझे अपनी न्यायिक प्रणाली की मृत्यु के बारे में पढ़ने के लिए इंटरनेट नहीं होगा।”
- विज्ञापन -

 

सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर राजधानी दिल्ली की सड़क का रखा गया नाम, SDMC ने पास किया प्रस्ताव

साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने दिवंगत फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर सड़क का नाम रखने वाले प्रस्ताव को पास कर दिया है।

मुस्लिम ट्रैवल बैन पर बायडेन ने पलटा ट्रंप का फैसला, मेक्सिको बॉर्डर पर बन रही दीवार की फंडिंग भी रोकी

जो बायडेन ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटते हुए अमेरिका में 'मुस्लिम ट्रैवल बैन' को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने कुछ मुस्लिम बहुल देशों के अमेरिका में ट्रेवल पर रोक लगा दी थी।

कोरोनावायरस का खौफ, रियल लाइफ में बना डाली The Terminal: 3 महीने तक छिपा रहा एयरपोर्ट में

एयरपोर्ट स्टाफ के मुताबिक आदित्य सिंह ने पकड़े जाने पर एक एयरपोर्ट आईडी बैज दिखाया, जो एयरपोर्ट स्टाफ का ही था। इसके खोने की रिपोर्ट...

बंगाल में ‘भाईजान’ की एंट्री: 80 सीटों पर चुनाव, फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा ने ममता पर लगाया BJP की मदद का आरोप

फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी उर्फ़ 'भाईजान' बंगाल चुनाव के लिए आज एक नए राजनीतिक फ्रंट की घोषणा कर सकते हैं।

झटका बेच रहे हो या हलाल? दुकान में बोर्ड लगा कर बताओ: SDMC का अहम फैसला, पास किया प्रस्ताव

SDMC ने एक अहम फैसला लिया। इसके अंतर्गत आने वाले सभी होटलों, रेस्टोरेंट या मीट की दुकानों को 'झटका' या 'हलाल' मीट बेचने से...

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

TMC की धमकी- ‘गोली मारो… से लेकर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे’ पर BJP का पलटवार, पूछा- क्या यह ‘शांति’ की परिभाषा है?

टीएमसी की रैली में 'बंगाल के गद्दारों को गोली मारो सालो को' जैसे नारे लगा कर BJP कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी तो वहीं ममता सरकार में परिवहन मंत्री ने भाजपा को लेकर कहा, "अगर दूध माँगोगे तो खीर देंगे, लेकिन अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।"

मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस पेंट कर चर्च में बदलने की कोशिश, पहले भी मूर्तियों और दानपात्र को पहुँचाई गई थी क्षति

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस चिन्ह पेंट कर उसे एक चर्च में बदलने का प्रयास किया गया है।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
383,000SubscribersSubscribe