Monday, September 28, 2020
Home विचार राजनैतिक मुद्दे जय भीम-जय मीम की विश्वासघात और पश्चाताप की कहानी: पाक का छला, हिंदुस्तान में...

जय भीम-जय मीम की विश्वासघात और पश्चाताप की कहानी: पाक का छला, हिंदुस्तान में गुमनाम मौत मरा

इस्लामिक हुकूमत को ना उनकी बात सुननी थी, ना उन्होंने सुनी। हिन्दुओं की हत्याएँ होती रहीं। जमीन, घर, स्त्रियाँ लूटी जाती रहीं। कुछ समय तो जोगेंद्र नाथ मंडल ने प्रयास जारी रखे। आखिर उन्हें समझ आ गया कि उन्होंने किस पर भरोसा करने की मूर्खता कर दी है।

बांग्ला में योगेन्द्र को अक्सर जोगेंद्र कहा जाता है। बंगाल के दलित नेता थे जोगेंद्र नाथ मंडल। आपने उनका नाम नहीं सुना होगा। आम तौर पर दल हित चिन्तक उनका नाम लेने से कतराते नजर आएँगे। आजकल जो जय भीम के साथ जय मीम जोड़ने की कवायद चल रही है, ये नाम उसकी नींव ही खोद डालता है। इसलिए इनके बारे में जानने के लिए आपको खुद ही पढ़ना पड़ेगा।

उनका जन्म ब्रिटिश बंगाल में 29 जनवरी 1904 को हुआ था। पाकिस्तान के जन्मदाताओं में से वो एक थे। सन 1940 में कलकत्ता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में चुने जाने के बाद से ही मुस्लिम समुदाय की उन्होंने खूब मदद की। उन्होंने बंगाल की ए.के. फज़लुल हक़ और ख्वाजा नज़ीमुद्दीन (1943-45) की सरकारों की खूब मदद की और 1946-47 के दौरान मुस्लिम लीग में भी उनका योगदान खूब था। इस वजह से जब कायदे आज़म जिन्ना को अंतरिम सरकार के लिए पाँच मंत्रियों का नाम देना था तो एक नाम उनका भी रहा।

जोगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री थे। जोगेंद्र नाथ मंडल के इस पद को स्वीकारने से कॉन्ग्रेस के उस निर्णय की बराबरी हो जाती थी, जिसमें कॉन्ग्रेस ने अपनी तरफ से मौलाना अबुल कलाम आजाद को मनोनीत किया था।

आप सोचेंगे कि जोगेंद्र नाथ मंडल ने ऐसा क्या किया था कि जिन्ना ने उन्हें चुना? 3 जून 1947 की घोषणा के बाद असम के सयलहेट जिले को मतदान से ये तय करना था कि वो पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा या भारत का। उस इलाके में हिन्दुओं और मुस्लिमों की जनसंख्या लगभग बराबर थी। चुनाव में नतीजे बराबरी के आने की संभावना थी। जिन्ना ने मंडल को वहाँ भेजा। दलितों का मत, मंडल ने पाकिस्तान के समर्थन में झुका दिया। मतों की गिनती हुई तो सयलहेट पाकिस्तान में गया। आज वो बांग्लादेश में है।

- विज्ञापन -

जोगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान के पहले श्रम मंत्री भी थे। सन 1949 में जिन्ना ने उन्हें कॉमनवेल्थ और कश्मीर मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंप दी थी। इस 1947 से 1950 के बीच ही पाकिस्तान में हिन्दुओं पर लौमहर्षक अत्याचार होने शुरू हो चुके थे। दरअसल हिन्दुओं को कुचलना कभी रुका ही नहीं था। बलात्कार आम बात थी। हिन्दुओं की स्त्रियों को उठा ले जाना जोगेंद्र नाथ मंडल की नजरों से भी छुपा नहीं था। वो बार-बार इन पर कार्रवाई के लिए चिट्ठियाँ लिखते रहे।


जोगेंद्र नाथ मंडल

इस्लामिक हुकूमत को ना उनकी बात सुननी थी, ना उन्होंने सुनी। हिन्दुओं की हत्याएँ होती रहीं। जमीन, घर, स्त्रियाँ लूटी जाती रहीं। कुछ समय तो जोगेंद्र नाथ मंडल ने प्रयास जारी रखे। आखिर उन्हें समझ आ गया कि उन्होंने किस पर भरोसा करने की मूर्खता कर दी है। जिन्ना की मौत होते ही 1950 में जोगेंद्र नाथ मंडल भारत लौट आए। पश्चिम बंगाल के बनगांव में वो गुमनामी की जिन्दगी जीते रहे। अपने किए पर 18 साल पछताते हुए आखिर 5 अक्टूबर 1968 को उन्होंने गुमनामी में ही आखरी साँसें लीं।

अब आपको शायद ये सोचकर थोड़ा आश्चर्य हो रहा होगा कि कैसे आपने कभी इस नेता का नाम तक नहीं सुना? राजनीति में तो अच्छी खासी दिलचस्पी है ना आपकी? अपने फायदे के लिए कैसे एक समुदाय विशेष ने एक दलित का इस्तेमाल किया था उसका ये इकलौता उदाहरण भी नहीं है। बस समस्या है कि ना आपने खुद पढ़ने की कोशिश की और दल हित चिन्तक तो आपको सिर्फ एक वोट बनाना चाहते हैं! तो वो क्यों पढ़ने देते भला?

यही सिर्फ एक वोट बनकर रह जाने का अफ़सोस था जो आपने रोहित वेमुल्ला की चिट्ठी में लिखा पाया था। उनकी चिट्ठी में जो कुछ हिस्सा आप आज कटा हुआ देखते हैं वो कल कोई और लिखेगा। आप पढ़ने से इनकार करते रहेंगे, उधर मासूम अपने खून से बार-बार ऐसी चिट्ठियाँ लिखते रहेंगे। कभी सोचा है कि वो आपको जोगेंद्र नाथ मंडल का नाम क्यों नहीं बताते? कभी सोचा है कि वो आपको पढ़ने क्यों नहीं कहते? कभी सोचा है कि उन्होंने आपको चार किताबों का नाम बताकर खुद पढ़कर आने को क्यों नहीं कहा? वो खुद को आंबेडकरवादी कहते हैं ना? आंबेडकर और फुले दम्पति तो जिन्दगी भर शिक्षा के लिए संघर्ष करते रहे! फिर ये क्यों आपको किताबों से दूर करते हैं?

ऐसा वो इसलिए करते हैं क्योंकि पढ़ने के बाद आप सिर्फ एक वोट नहीं रह जाएँगे। पढ़ने के बाद आप दर्ज़नों तीखे सवाल हो जाएँगे। पढ़ने पर आप देखेंगे कि आंबेडकर खुद क्या कहते थे।

बाकी किसी विदेशी फण्ड पर पलने वाले की पूँछ पकड़ कर चलना है, या खुद से दलित चिंतन करना है, ये फैसला तो आपको खुद ही करना होगा।

ये फैसला भी आपको खुद ही करना होगा कि संसद में ‘जय भीम जय मीम’ का नारा लगा कर ओवैसी ने कोई इतिहास नहीं रचा है। और यह समझना भी होगा कि जिस जोगेंद्र नाथ मंडल ने इस तर्ज पर इतिहास रचा था, खुद उनका और उनके प्रयास का हश्र क्या हुआ। यह भी समझना होगा कि जोगेंद्र नाथ मंडल तो नेता थे, मंत्री थे, परिस्थितियाँ विपरीत हुईं तो गुमनामी में सही लेकिन वापस भारत आ गए, लेकिन उनका क्या जो मंडल जी के आह्वान पर मात्र एक वोट बनकर पाकिस्तानी हुए और अब बांग्लादेशी होकर भी कैसी जिंदगी जी रहे होंगे, यह सोचने के लिए किसी दिव्य-दृष्टि की जरूरत नहीं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

युद्ध के हालात लेकिन चीन का प्रचार, आँकड़ों से खेल और फेक न्यूज… आखिर PTI पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा प्रसार भारती

ऐसा मुद्दा जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, उस पर निर्णय लेने में देरी करना तर्क पूर्ण नहीं कहा जा सकता। जिस तरह के हालात बने, ऐसे में...

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

बेहोश कर पति शादाब के गुप्तांग पर डालती थी Harpic, वसीम के साथ मनाती थी रंगरेलियाँ: आरोपित चाँदनी हिरासत में

महिला ने अपने प्रेमी के साथ रंगरेलियाँ मनाने के लिए अपने पति और तीनों बच्चों को बेहोश कर के एक कमरे में डाल दिया था। पति का गुप्तांग जलाया।

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

अर्जेंटीना: सांसद ने ऑनलाइन सत्र में गर्लफ्रेंड का स्तन चूमा, वीडियो वायरल होने पर दिया इस्तीफा

एक वीडियो वायरल होने के बाद अर्जेंटीना के 47 वर्षीय सांसद जुआन एमिलो एमिरी को संसद के निचले सदन से इस्तीफा देना पड़ा है।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

डेढ़ साल में ही दूसरी बीवी नेहा से उब गया आसिफ, खुद मारी गोली और नेहा के भाई पर मढ़ दिया मर्डर का दोष

दिल्ली से बदायूँ लाकर आसिफ ने नेहा को गोली मार दी। फिर पुलिस को बताया कि नेहा को उसके भाई ने ही गोली मारी है, क्योंकि वह शादी से खुश नहीं था।

‘फेमिनिस्ट अंडरवियर नहीं पहनती’: केरल में यूट्यूबर पर महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने मोटर ऑयल डाला

केरल में यूट्यूबर विजय पी नायर पर महिला 'एक्टिविस्ट्स' ने हमला किया। उनके चेहरे पर मोटर ऑयल डाल दिया और थप्पड़ मारे।

वो घर पर मौज कर रहा है और मुझसे हो रही पूछताछ: अनुराग कश्यप पर FIR कराने वाली पायल ने मुंबई पुलिस पर उठाए...

फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष ने मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

“मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,050FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements