Wednesday, September 30, 2020
Home विचार राजनैतिक मुद्दे ...जब कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ने सेल्युलर जेल से वीर सावरकर का नाम हटाने...

…जब कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ने सेल्युलर जेल से वीर सावरकर का नाम हटाने का दिया आदेश और पड़े ‘जूते’

कम्युनिस्ट और कॉन्ग्रेस के विचारकों का इसके पीछे का षड्यंत्र यह था कि विनायक दामोदर सावरकर को एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में भारतीय मन से विस्मृत किया जाए, क्योंकि सावरकर ने सेकुलरिज्म पर ना लिखते हुए मोपला के वीभत्स दंगों का इतिहास लिखा था, क्योंकि सावरकर ने हिंदुत्व के दर्शन पर पुस्तकें लिखी थीं।

कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो आपके अंतर्मन को बार-बार जागृत करती रहती हैं। ऐसा ही एक अनुभव मेरा अंडमान निकोबार से जुड़ा है। यह एक सामान्य सी बात है कि जब कोई अंडमान के बारे में सोचता है, उसके मन में सेल्युलर जेल का विचार कौंध जाता है। मैंने बहुत बचपन में सेल्युलर जेल की कहानी पढ़ी थी, उस कहानी को पढ़कर सेल्युलर जेल मेरे अवचेतन में बैठ गया था।

ईश्वर की कृपा से मुझे अंडमान और निकोबार में एक वर्ष रहने का मौका मिला। इस दौरान मैं कई बार सेल्युलर जेल घूमा। जिन कमरों में क्रांन्तिकारी रहते थे, उन दीवारों को बार-बार छूता और कभी-कभी उसमें घंटों बैठकर दीवारों को कान लगा कर कुछ सुनने का प्रयास करता। मैं सोचता था कि काश कहीं से भारत माता की जय, इन्कलाब जिंदाबाद सुनने को मिल जाए।

मैं सेल्युलर जेल के छोटे-छोटे कैदखाने के दरवाजे (लोहे का छड़ वाला दरवाजा, जिसमें बाहर से लॉक लगाने की व्यवस्था थी) को बंद कर खिड़की की तरफ उछलता और अनुभव करता था कि जब दूसरे बैरक से चीखने की आवाज आती होगी तो आजादी के दीवाने ऐसे ही खिड़कियों और दरवाजों से किस कैदी को यातना मिल रही होगी, इसका अंदाज़ा लगाते होंगे।

मैं इन्कलाब जिंदाबाद, भारत माता की जय का जयगान करता था और सोचता था कि एक क्रन्तिकारी जब इन नारों को लगाता होगा तो उसकी आवाज कैसे गूँजती होगी। सेल्युलर जेल के एक कोने में सावरकर की कोठरी है। पहले सेल्युलर जेल में 7 विंग्स थे। 4 विंग्स को तोड़कर वहाँ जीबी पन्त मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनाया गया है और बाकी 3 विंग्स अभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

सेल्युलर जेल का इस्तेमाल आजादी के बाद भी किया गया, जिन कमरों में पहले क्रांतिकारियों को कैद किया जाता था, वहाँ आजादी के बाद अपराधियों को रखा जाने लगा। हालाँकि जब अंडमान में नया जेल बना तो कैदियों को सेल्युलर जेल में रखना बंद कर दिया गया। सेल्युलर जेल में जितने भी लोग आते हैं, उनमें सावरकर की कोठरी देखने की होड़ मची रहती है।

लोग सावरकर की कोठरी के साथ सेल्फी लेते हैं, चप्पल खोल कर उस कोठरी में प्रवेश करते हैं। जेल में जैसे ही आप प्रवेश करेंगे, दाईं तरफ तीसरी मंजिल पर सबसे अंतिम वाला कमरा सावरकर का है। सावरकर के कमरे के ठीक बाहरी दीवार को छूता हुआ एक इमली का पेड़ है, जिसके बारे में स्थानीय बताते हैं कि यह बहुत पुराना है।

अंडमान निकोबार की सेल्युलर जेल में फाँसी पूर्व क्रिया स्थल

उसी ईमली के पेड़ की बगल से एक सड़क गई है और सड़क के उस पार समंदर है। समंदर में थोड़ी दूर के बाद रोस आइलैंड है। अंग्रेज यहीं रहते थे और यहीं से उनका पूरे अंडमान निकोबार पर नियंत्रण भी था। 1942-1945 में जब जापानी सैनिकों ने अंडमान पर कब्ज़ा किया था तो रोस आईलैंड और माउंट हेरियट के एक अंग्रेज अधिकारी के घर पर इतना बम गिराया था कि अंग्रेजों के लिए उसको रिपेयर कर पाना मुश्किल हो गया था।

आज भी जापानी बमों के दाग और जापानी बंकर अंडमान में आसानी से देखे जा सकते हैं। सेल्युलर जेल बनने से पहले क्रांतिकारियों को वाइपर आइलैंड पर रखा जाता था। वाइपर आइलैंड पोर्ट ब्लेयर के पास ही है। इसी जेल में पुरी के एक राजा का कैदखाने में ही देहांत हो गया था। अंग्रेजों ने बहुत जुल्म ढाए थे राष्ट्रवादियों पर। बंदियों के पैरों से लेकर गले तक को लोहे के जंजीरों में जकड़ कर रखा जाता था।

सेल्युलर जेल का वो आइकोनिक प्रताड़ना स्थल जहाँ राष्ट्रवादियों को लिटा कर कोड़ों से पीटा जाता था।

नारियल के छिलके को कूटने से लेकर, कोल्हू में जुतना होता था। प्रताड़ना के लिए तो अंग्रेजों ने पूरी व्यवस्था कर रखी थी। जेल के बीचोबीच एक लोहे का स्लैब बनाया गया था। इसमें तपती धुप में देशभक्तों को पेट के बल लिटा कर बेड़ियों से जकड़ा जाता था और फिर पीठ पर कोड़े बरसाए जाते थे। ना तो पीने का पानी और ना ही भर पेट भोजन… ऊपर से ऐसी प्रताड़ना, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है।

अंडमान निकोबार की सेल्युलर जेल में कोल्हू

सावरकर की कोठरी ठीक फाँसी घर के सामने थी। जब किसी को फाँसी दी जाती थी, तो उस समय क्रांन्तिकारियों के इन्कलाब के नारों से पूरा जेल थर्रा जाता था। इतने बड़े परिसर में जब फाँसी पर झूलने वाले क्रांन्तिकारी भारत माता की जय बोलते थे, उनके शपथ को दम देने के लिए, जज्बा देने के लिए कैदखाने में बंद सैकड़ों बंदी ‘भारत माता की जय’, ‘इन्कलाब जिंदाबाद’ के नारों से जेल की मोटी-मोटी दीवारों को हिला देते थे।

अंडमान निकोबार की सेल्युलर जेल में फाँसी घर

यह अनुगूँज इंतनी भयंकर होती थी कि जेल के बाहर के लोगों को अंदेशा हो जाता था कि आज किसी क्रांन्तिकारी को फाँसी हुई है। जेल के फाँसी घर में एक साथ तीन व्यक्तियों को फाँसी देने की व्यवस्था थी।

इस देश का दुर्भाग्य ही कहिए कि वर्ष 2004 में कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर अंडमान निकोबार गए थे। सेल्युलर जेल में एक ज्योति पुंज पर स्वातंत्र्य वीर सावरकर का नाम देख कर वो इतना चिढ़ गए कि उन्होंने तत्काल उस नेम प्लेट को हटाने का निर्देश दे दिया था। इस घटना से पूरे अंडमान निकोबार में क्षोभ पसर गया था। इसका वहाँ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध किया था, लेकिन फिर भी सावरकर का नाम वहाँ अंकित नहीं हो सका।

उस वक्त बालासाहेब ठाकरे जिन्दा थे और उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में शिव सैनिकों से सावरकर के अपमान का बदला लेने को कहा था। जगह-जगह मणिशंकर अय्यर के पुतले पर जूते मारे गए थे और उनके पुतले का दहन किया गया था।

वामपंथियों और कॉन्ग्रेसियों को सारा जीवन सावरकर से चिढ़ होती रही। सावरकर के संघर्षों को अपमानित करना इनका सर्वकालिक अजेंडा रहा है। यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति ने दशकों तक भारत की आजादी के लिए अमानवीय कष्ट सहे, जिन्होंने 1857 की क्रांति का इतिहास लिख कर भारतीय ज्ञान परम्परा को समृद्ध किया, उसे कॉन्ग्रेस ने अपने पूरे जीवन काल में अपमानित करने का कार्य किया।

कम्युनिस्ट और कॉन्ग्रेस के विचारकों का इसके पीछे का षडयंत्र यह था कि विनायक दामोदर सावरकर को एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में भारतीय मन से विस्मृत किया जाए, क्योंकि सावरकर ने सेकुलरिज्म पर ना लिखते हुए मोपला के वीभत्स दंगों का इतिहास लिखा था, क्योंकि सावरकर ने हिंदुत्व के दर्शन पर पुस्तकें लिखी थीं।

आप सोचिए अगर इनके छवि को धूमिल ना किया जाता, अगर सुभास चन्द्र बोस के इतिहास को चंद शब्दों में ना समेटा जाता, अगर भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद को आतंकी न कहा जाता तो इनके चेहते नेता कैसे स्थापित होते?

खैर 11 वर्षों तक सेल्युलर जेल का वह ज्योति पुंज, जिसे वाजपेयी की सरकार ने स्थापित किया था, उस पर एक बार पुनः सावरकर की वाणियाँ उदृत की गईं। आज वह अमर ज्योति सावरकर सहित ऐसे सैकड़ों राष्ट्रभक्तों की आत्मा की अहर्निश आवाज को बुलंद कर रहा है। सेल्युलर जेल हर शाम प्रकाश और ध्वनि कार्यक्रमों का आयोजन करता है और… हर शाम सेल्युलर जेल की दीवारें जीवंत हो उठती हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हाथरस ‘गैंगरेप’ में लिबरल गिरोह ‘जाति’ क्यों ढूँढ रहा है? अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Hathras ‘gangrape’ case

इस बीच मौकापरस्त पत्रकार और नेता मामले को स्पिन देते हुए आरोपित की ‘जाति’ निकाल कर सामने ला रहे हैं कि वो उच्च जाति का होने की वजह से पुलिस ने रेप से इनकार किया।

1959 के एकतरफा तरीके से परिभाषित LAC कभी स्वीकार नहीं: भारत ने चीन को दिया दो टूक जवाब

चीन ने एक बार फिर एलएसी के मसले पर नया विवाद खड़ा करने की कोशिश की है। लेकिन भारत ने पलटवार करते हुए चीन से सख्त अंदाज में कह दिया है कि बार-बार भटकाने की मंशा सफल नहीं होगी।

‘बॉलीवुड के नकली अंग्रेज, जिनके रोम-रोम में बसा है इटली वाला रोम’ – सनातन धर्म की रक्षा के लिए अर्नब गोस्वामी का हल्ला बोल

“मैं बॉलीवुड के नकली अँग्रेज़ को बताना चाहता हूँ, भारतीय सिनेमा छोड़ दो। हमारी संस्कृति और परंपराओं पर बॉलीवुड का प्रभाव बढ़ रहा है।"

ड्रग्स सिंडिकेट की एक्टिव मेंबर… तस्करी, डिलीवरी से लेकर घर में स्टोरेज तक: रिया के खिलाफ कोर्ट में NCB

वॉट्सऐप चैट, मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क से निकाले गए रिकॉर्ड बताते हैं कि वह ना केवल लगातार इसका सौदा करती थीं, बल्कि...

RSS से जुड़े ब्राह्मण ने दिया था अंग्रेजों का साथ, एक मुस्लिम वकील लड़ा था भगत सिंह के पक्ष में – Fact Check

"भगत सिंह को फ़ाँसी दिलाने के लिए अंग्रेजों की ओर से जिस 'ब्राह्मण' वकील ने मुकदमा लड़ा था, वह RSS का भी सदस्य था।" - वायरल हो रहा मैसेज...

योग, सरदार पटेल, राम मंदिर और अब किसान… कॉन्ग्रेसियों के फर्जी विरोध पर फूटा PM मोदी का गुस्सा

राम मंदिर, सरदार पटेल की प्रतिमा, सर्जिकल स्ट्राइक, जन-धन खाता, राफेल और योग दिवस - कॉन्ग्रेस ने हर उस फैसले का जम कर विरोध किया, जो देशहित में था, जनता के भले के लिए था।

प्रचलित ख़बरें

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

शाम तक कोई पोस्ट न आए तो समझना गेम ओवर: सुशांत सिंह पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने ‘उठाया’

"साहिल चौधरी को कहीं और ले जाया गया। वह बांद्रा के कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पिता के साथ थे। अभी उनकी लोकेशन किसी परिजन को नहीं मालूम। मदद कीजिए।"

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों को गोद लेने की योजना शुरू: 1 दिन से 1 साल तक कोई भी दे सकता है योगदान

“हाथियों के लिए कायाकल्प शिविर सोमवार को शुरू हुआ, जिससे उन्हें अपने नियमित काम से छुट्टी मिल गई। ये हाथी हमें पूरे साल पेट्रोलिंग, ट्रैकिंग और अन्य नियमित कार्यों में मदद करते हैं।”

डेनमार्क की PM के नाम से The Hindu ने भारत में कोरोना की स्थिति को बताया ‘बहुत गंभीर’, राजदूत ने कहा- फेक न्यूज़

'द हिन्दू' ने इस फर्जी खबर में लिखा है कि डेनमार्क की PM ने द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोमवार को भारत में COVID-19 की स्थिति के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की है।

‘1991 का कानून कॉन्ग्रेस की अवैध मस्जिदों को जिंदा रखने की साजिश, 9 मस्जिदों का जिक्र कर बताया यहाँ पहले थे मंदिर’: PM को...

"द प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 कॉन्ग्रेस की हुकूमत में इसलिए बनाया गया, ताकि मुगलों द्वारा भारत के प्राचीन पवित्र मंदिरों को तोड़ कर बनाई गई अवैध मस्जिदों को हिंदुस्तान की जमीन पर एक विवाद के रूप में जिंदा रखा जाए और....."

हाथरस ‘गैंगरेप’ में लिबरल गिरोह ‘जाति’ क्यों ढूँढ रहा है? अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Hathras ‘gangrape’ case

इस बीच मौकापरस्त पत्रकार और नेता मामले को स्पिन देते हुए आरोपित की ‘जाति’ निकाल कर सामने ला रहे हैं कि वो उच्च जाति का होने की वजह से पुलिस ने रेप से इनकार किया।

1959 के एकतरफा तरीके से परिभाषित LAC कभी स्वीकार नहीं: भारत ने चीन को दिया दो टूक जवाब

चीन ने एक बार फिर एलएसी के मसले पर नया विवाद खड़ा करने की कोशिश की है। लेकिन भारत ने पलटवार करते हुए चीन से सख्त अंदाज में कह दिया है कि बार-बार भटकाने की मंशा सफल नहीं होगी।

‘उसे अल्लाह ने चुना था’: शार्ली एब्दो के पूर्व कार्यालय के बाहर हमला करने वाले आतंकी को PAK ने बनाया हीरो, जताई खुशी

"मुझे सुनकर बहुत अच्छा लगा। पैगंबर का सम्मान बचाने के लिए मैं अपनी जिंदगी और अपने पाँचों बेटों की कुर्बानी देने को तैयार हूँ।"

LAC पर चीन के साथ टकराव के बीच अमेरिका से खरीदे जाएँगे 30 गार्जियन ड्रोन: ₹22,000 करोड़ होगी कीमत

भारत, अमेरिका से 30 MQ-9B गार्डियन्‍स ड्रोन खरीदेगा। जल्‍द ही इस ड्रोन से जुड़ा खरीद प्रस्‍ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली रक्षा खरीद परिषद में पेश किया जाने वाला है।

हाथरस ‘गैंगरेप’ पीड़िता ने तोड़ा दम: पुलिस ने सोशल मीडिया पर आँख फोड़ने, जीभ काटने का किया खंडन

“सोशल मीडिया के माध्यम से यह असत्य खबर सार्वजनिक रुप से फैलाई जा रही है कि थाना चन्दपा क्षेत्रान्तर्गत दुर्भाग्यपूर्ण घटित घटना में मृतिका की जीभ काटी गई, आँख फोड़ी गई तथा रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी।"

मेरा साथ देने पर पड़ोसियों को मिली घर तोड़ने की धमकी, BMC ने भेजा नोटिस: कंगना रनौत

ट्वीट में कंगना ने मुंबई में अपने पड़ोसियों के घरों को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बीएमसी ने उनके पड़ोसियों को धमकाया है और नोटिस भेज दिया है।

‘बॉलीवुड के नकली अंग्रेज, जिनके रोम-रोम में बसा है इटली वाला रोम’ – सनातन धर्म की रक्षा के लिए अर्नब गोस्वामी का हल्ला बोल

“मैं बॉलीवुड के नकली अँग्रेज़ को बताना चाहता हूँ, भारतीय सिनेमा छोड़ दो। हमारी संस्कृति और परंपराओं पर बॉलीवुड का प्रभाव बढ़ रहा है।"

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,083FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe