Friday, January 22, 2021
Home बड़ी ख़बर जब 'हिजाब' से पितृसत्ता और धार्मिक कुरीतियों की बू आने लगे... तो उसे उतार...

जब ‘हिजाब’ से पितृसत्ता और धार्मिक कुरीतियों की बू आने लगे… तो उसे उतार फेंकना चाहिए

हिजाब पहनना किसी विशेष समुदाय की महिलाओं के लिए सिर्फ तभी तक 'माय लाइफ, माय रूल्स' का हिस्सा बन सकता है, जब तक उन पर वो थोपा न जाए।

1 फरवरी को समूचे विश्व में ‘वर्ल्ड हिजाब डे’ मनाया गया। इस दिन हिजाब के महत्वों पर भी बात की गई और कई देश के कोनों-कोनों में इस पर समारोह का भी आयोजन हुआ। इन समारोह में जो मुख्यत: बातें हुईं, वो यह कि आख़िर मुस्लिम महिलाओं को हिजाब क्यों पहनना चाहिए। इस ‘क्यों’ के एक ज़वाब में हिजाब को मुस्लिम महिलाओं की पहचान बताया गया।

इस दिन को पूरे विश्व में मनाने का एक उद्देश्य है कि सभी धर्मों और विभिन्न पृष्ठभूमि की महिलाओं को एक दिन के लिए हिजाब पहनने और उसे अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। साल 2013 में नजमा खान के द्वारा इस वार्षिक कार्यक्रम की स्थापना की गई थी।

आज हिजाब को न केवल इस्लामिक देशों में बल्की अन्य देशों में भी मुस्लिम महिलाओं की छवि का प्रतिबिंब माना जाता है। ऐसे में अब ज़रा सोचिए कितना कठिन होता होगा उन मुस्लिम महिलाओं के लिए खुद को हिजाब से अलग कर पाना, जो इसे अपने जीवन में जगह नहीं देना चाहती हैं और खुली हवाओं में खुले सिर घूमने की तमन्ना रखती हैं।

हिजाब पहनना किसी विशेष समुदाय की महिलाओं के लिए सिर्फ तभी तक ‘माय लाइफ, माय रूल्स’ का हिस्सा बन सकता है, जब तक उन पर वो थोपा न जाए। जब इससे धार्मिक कुरीतियों और पितृसत्ता की बू आने लगे तो इसे जितनी जल्दी मुमकिन हो, उतारकर फेंक देना चाहिए।

लगभग 6 साल होने को है, जब इरान की एक महिला मसीह अलीनेज़ाद ने हिज़ाब के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू किया था। अपने हिजाब को उतारकर इस महिला ने कार की स्टेयरिंग पकड़कर सोशल मीडिया पर अपनी फोटो अपलोड की थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई महिलाओं ने उनके समर्थन में अपनी तस्वीरें भी साझा करनी शुरू की थी।

मसीह ने अपनी किताब ‘द विंड इन माय हेयर’ में लिखा है कि वो इरान के एक ऐसे मुस्लिम परिवार में पली-बढ़ी हैं, जिसमें एक लड़की को अपना सर घर के लोगों के आगे भी ढककर रखना होता था। उन्होंने अपनी संस्कृति में औरतों के साथ होती नाइंसाफ़ी को महसूस किया था। अपनी किताब में मसीह ने बताया कि वो मूक लोगों की आवाज़ बनना चाहतीं थी लेकिन इरान में रहते हुए वो हमेशा ही मूक रहीं।

मसीह 2009 से ही यूएस में रह रही हैं। वो गिरफ्तारी की डर की वजह से यूएस से इरान चाहकर भी नहीं जा पाती हैं। वो बताती हैं कि उनके पिता ने उनसे बात भी करनी बंद कर दी है।

आज मसीह के इस आंदोलन से 1000 से ज्यादा महिलाएँ जुड़ चुकी हैं। मतलब साफ़ है कि हिजाब का मामला स्वेच्छा से जुड़ा हुआ तो बिलकुल भी नहीं है।

ईरान की ही राजधानी तेहरान में साल 2017 से 2018 के बीच में लगभग 35 से अधिक हिजाब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करती महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। साथ ही इस बात की भी धमकी दी गई कि अगर कोई भी महिला हिजाब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करती पाई गई, तो उसे दस साल के लिए जेल में भी डाला जा सकता है।

अब ऐसी स्थिति में सोचिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस दिन को मनाना क्या वाकई में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर बात करना है या उनकी स्थिति को और भी दयनीय बनाना है।

हिजाब आज मुस्लिम महिलाओं के लिए और भी ज्यादा विमर्श का विषय है क्योंकि बाज़ार से लेकर खेल जगत तक और खेल से सौंदर्य तक हर क्षेत्र में हिजाब को ढाल बनाकर मुस्लिम महिलाओं को इसमें जकड़े रखने की पुरज़ोर कोशिशें की जा रही हैं।

हाल ही में नाइकी जैसी बड़ी कंपनी ने एथलिट के लिए एक डिज़ाइनर हिजाब तैयार किया, जिसको बनाने के पीछे तर्क था कि एथलिट जिसमें सहज है, वो वैसे ही खेले। नाइकी के इस कदम पर तथाकथित नारीवादी लोग वाह-वाही करते नहीं थके।

लेकिन, सोचिए ज़रा! हिजाब की जकड़ मुस्लिम महिलाओं पर कितनी होगी कि जिस बाज़ार का काम हमें विकल्प मौजूद कराना है, वो भी हिजाब के मसले पर सीमित हो गया। ये किसी विशेष धर्म की कुरीतियों को बढ़ावा देना नहीं तो और क्या है कि अब दौड़ के मैदान में भी एक लड़की ‘खिलाड़ी’ बनकर नहीं बल्की ‘मुस्लिम खिलाड़ी’ बनकर दौड़ेगी।

नाइकी ही एक ऐसा नाम नहीं है, जिसने हिजाब को मुस्लिम महिलाओं की सहज़ता से जोड़ा हो। इसी दिशा में पिछले साल ऐसा काम इंडोनेशिया के डिज़ाइनर अनिएसा हसीबुआँ ने किया था और उस समय भी हिजाब को न्यूयॉर्क फ़ैशन वीक में बहुत वाहवाही मिली थी।

अब सोचिए अगर हर स्तर पर इसी तरह से मुस्लिम महिलाओं के लिए हिजाब की अनिवार्यता को आधुनिक रूप दे-देकर पेश किया जाएगा तो आने वाले समय में ये ‘मुस्लिम महिलाएँ’ खुद के भीतर की महिला को मारकर सिर्फ ‘मुस्लिम’ को ही जिंदा रख पाएँगी।

आज देश-विदेश में हिजाब को लेकर जो कॉन्सेप्ट चल रहा है, वो बिल्कुल ऐसा है ही कि विश्व के कोने-कोने में लड़कियों को ‘जंजीर’ से छुड़ाने की जगह उनके हाथ-पाँवों को ‘डिजाइनर जंजीरों’ से जकड़ दिया जाए। ताकि वे मॉडर्न बनने की चाह में खुद के अधिकारों पर बात करना बिलकुल बंद कर दें और उसी आबो-हवा में साँस भरें, जिसकी कण-कण से केवल गुलामी की गंध आती हो।

जिस दिशा में हिजाब को इस्लाम का हिस्सा बताकर डिज़ाइनर तरीके से पेश किया जा रहा है, उसी दिशा में जरा दूसरे पहलू पर गौर करें और सोचें कि क्या होगा? जरा सोचिए कैसा लगेगा अगर कोई कंपनी हिंदू धर्म के लिए डिज़ाइनर चिता बनवाए, ताकि कोई सती होकर चिता पर जलना चाहे? सभी धर्मों के अनुरूप बाल विवाह के मंडप भी डिज़ाइनर बनाए जाएँ! कन्या भ्रूण हत्या के लिए डिज़ाइनर इक्विप्मेंट्स बनाए जाएँ! जरा सोचिए।

और ऐसा इसलिए ताकि हर उस कुरीति को जिंदा रखा जाए, जिससे महिलाओं का दमन होता आया है। इसके लिए बाजार को आखिर करना ही क्या है, सिर्फ मूल वस्तु और भाव में डिजाइन को ठूँस देना है। 10-20 जगहों पर समारोह करवा देना है और ट्विटर जैसी बड़ी कंपनियों के सीइओ के हाथ में कुछ भी लिखकर तख्ती पकड़वा देनी है। जरा सोचिए, वो बाजार कितना ख़ौफनाक होगा?


  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमने रिस्क लिया, आलोचना झेली तभी स्वदेशी वैक्सीन आज दुनिया को सुरक्षा कवच दे रही है: दीक्षांत समारोह में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के तेजपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया।

जब एयरपोर्ट, उद्योग, व्यापार आदि सरकार के हाथ में नहीं, तो फिर मंदिरों पर नियंत्रण कैसे: सद्गुरु

"हम चाहते हैं कि सरकार को एयरलाइंस, उद्योग, खनन, व्यापार का प्रबंधन नहीं करना चाहिए, लेकिन फिर यह कैसे है कि सरकार द्वारा पवित्र मंदिरों का प्रबंधन किया जा सकता है।"

भाजपा दाढ़ी, टोपी, बुर्का बैन कर देगी: ‘सांप्रदायिक BJP’ को हराने के लिए कॉन्ग्रेस-लेफ्ट से हाथ मिलाने वाली AIDUF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का जहरीला...

बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "भाजपा दुश्मन है, देश की दुश्मन.. मस्जिदों की दुश्मन, दाढ़ी की दुश्मन, तलाक की दुश्मन, बाबरी मस्जिद की दुश्मन।"

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

Pak ने शाहीन-3 मिसाइल टेस्ट फायर किया, हुए कई घर बर्बाद और सैकड़ों घायल: बलूच नेता का ट्वीट, गिरना था कहीं… गिरा कहीं और!

"पाकिस्तान आर्मी ने शाहीन-3 मिसाइल को डेरा गाजी खान के राखी क्षेत्र से फायर किया और उसे नागरिक आबादी वाले डेरा बुगती में गिराया गया।"

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
- विज्ञापन -

 

हमने रिस्क लिया, आलोचना झेली तभी स्वदेशी वैक्सीन आज दुनिया को सुरक्षा कवच दे रही है: दीक्षांत समारोह में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के तेजपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया।

कॉन्ग्रेस के भूपेश बघेल सरकार द्वारा संचालित शेल्टर होम की 3 महिलाओं ने लगाया रेप का आरोप, संचालक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भूपेश बघेल सरकार द्वारा संचालित एक शेल्टर होम में 3 महिलाओं के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रबंधक को वहाँ की एक महिला से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

जब एयरपोर्ट, उद्योग, व्यापार आदि सरकार के हाथ में नहीं, तो फिर मंदिरों पर नियंत्रण कैसे: सद्गुरु

"हम चाहते हैं कि सरकार को एयरलाइंस, उद्योग, खनन, व्यापार का प्रबंधन नहीं करना चाहिए, लेकिन फिर यह कैसे है कि सरकार द्वारा पवित्र मंदिरों का प्रबंधन किया जा सकता है।"

भारत की कोविड वैक्सीन के लिए दुनिया के करीब 92 देश बेताब: भेजी गई म्यांमार, सेशेल्स और मारीशस की डोज

वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने के बाद से भारत में इसके बहुत ही कम साइड इफ़ेक्ट देखे गए है। वहीं दुनिया के करीब 92 देशों ने भारत की कोवैक्सीन और कोविशील्ड मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन की माँग की है।

भाजपा दाढ़ी, टोपी, बुर्का बैन कर देगी: ‘सांप्रदायिक BJP’ को हराने के लिए कॉन्ग्रेस-लेफ्ट से हाथ मिलाने वाली AIDUF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का जहरीला...

बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "भाजपा दुश्मन है, देश की दुश्मन.. मस्जिदों की दुश्मन, दाढ़ी की दुश्मन, तलाक की दुश्मन, बाबरी मस्जिद की दुश्मन।"

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

कर्नाटक: शिवमोगा में विस्फोटक ले जा रही लॉरी में धमाका, 8 लोगों की मौत

कर्नाटक के शिवमोगा में बृहस्पतिवार रात एक रेलवे क्रशर साइट पर हुए डायनामाइट विस्फोट में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है।

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
384,000SubscribersSubscribe