Sunday, January 17, 2021
Home विचार सामाजिक मुद्दे तब्लीगियों को तो गाली दे रहे थे, खुद रथ यात्रा? वो इसलिए कि थूकने...

तब्लीगियों को तो गाली दे रहे थे, खुद रथ यात्रा? वो इसलिए कि थूकने वालों और पूजने वालों में अंतर है, और रहेगा

क्या रथ यात्रा में शामिल कोई भी व्यक्ति छुप रहा है? किसी पुजारी ने कहा कि उसके धर्म के खिलाफ है? कहीं सुना कि उन्होंने कहा हो कि सेनिटाइजर में अल्कोहल होता है तो हम मंदिर में, या रथ पर, या अपने हाथों में नहीं लगाएँगे?

जैसा कि अपेक्षित था, रथ यात्रा शुरु हुई नहीं कि कट्टरपंथियों और वामपंथी लम्पटों का गिरोह कटकाहा कुत्तों की तरह सोशल मीडिया पर झाँव-झाँव करने लगा है और दूर से मूसड़ों के पीछे से रदनक दाँत दिखा रहा है। अचानक से देश को तोड़ने का एकसूत्री अजेंडा ले कर चलाने वाले कलाकार उड़ीसा के हिन्दुओं को ले कर चिंतित हो गए हैं कि ‘अरे कोविड फैल जाएगा भीड़ से’।

यही बात मैंने कल अपने वीडियो में भी स्पष्ट की थी कि यह यात्रा पूरी तरह से प्रशासन और न्यायालय के आदेशों और निर्देशों को अनुसार, एक सीमित दायरे में हो रही है। सारी सावधानियाँ बरती गई हैं, हर व्यक्ति जो रथ यात्रा में शामिल होगा, उसका परीक्षण हुआ है, इसके बाद ही वो उस जगह पर जा सकते हैं।

खैर, इसे कुछ चतुर चम्पू तब्लीगियों के मरकज से जोड़ कर देख रहे हैं। वो अचानक से भावविह्वल हो कर मार्च के उस दौर में पहुँच गए जब पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा था और तब्लीगियों के निज़ामुद्दीन मरकज में सैकड़ों कोरोना मरीज न सिर्फ बैठे हुए थे, बल्कि प्रशासन के निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाई।

मौलाना साद बार-बार अपने ऑडियो में यह कहता सुना जा सकता था कि ‘अगर अल्लाह ने कोरोना भेजा है तो डॉक्टर क्या करेंगे? मस्जिदों में जाओ, उन्हें आबाद करो, वहाँ फरिश्ते उतरेंगे और वही कोरोना भगा देंगे’। वो डॉक्टरों का मजाक बना रहा था। रथ यात्रा में इसके विपरीत, पुजारियों ने स्वयं ही डॉक्टरों से परीक्षण का निर्णय लिया, भीड़ जुटने से मना किया और सीमित संसाधन में रथ यात्रा के आयोजन का फैसला किया।

उसके बाद का दौर याद कीजिए कि कोर्ट से ले कर पुलिस और प्रशासन, इन तब्लीगियों को खोज-खोज खोज कर निकाल रही थी। ये मस्जिदों में छुपे हुए थे, भारत के लगभग हर राज्य के किसी न किसी गाँव में तब्लीगी जमात के लोगों में कोरोना के लक्षण होने के बाद भी छुप रहे थे? लेकिन क्यों?

क्या रथ यात्रा में शामिल कोई भी व्यक्ति छुप रहा है? किसी पुजारी ने कहा कि उसके धर्म के खिलाफ है? कहीं सुना कि उन्होंने कहा हो कि सेनिटाइजर में अल्कोहल होता है तो हम मंदिर में, या रथ पर, या अपने हाथों में नहीं लगाएँगे? जी नहीं, पूरे इलाके को सेनिटाइज किया गया, हर व्यक्ति जो इससे जुड़ा है, चिकित्सकीय परामर्श लेने के बाद ही इस आयोजन का हिस्सा बना है।

वापस याद कीजिए कि जब इन तब्लीगियों को डॉक्टर के पास ले जाया जा रहा था, क्वारंटाइन करने की कोशिश हो रही थी तो ये क्या कर रहे थे? ये बस पर थूक रहे थे, डॉक्टरों पर थूक रहे थे, रास्ते में थूक रहे थे, और जहाँ रखा गया थी, वहाँ थूक रहे थे। लग रहा था आदमी नहीं थूक का कुदरती पम्प है!

किसी रथ यात्री के बारे में ऐसा सुना कि वो गैर-हिन्दुओं पर थूक रहे हैं? ये काम एक्सक्लूसिव डोमेन है तब्लीगियों का, और कई मजहबी फल विक्रेता का, जो पूरी दुनिया ने वीडियो पर देखा है। तो उनकी इन बेहूदगियों के कारण आम आदमी उन्हें तिरस्कृत कर रहा था। समुदाय के सभी लोगों को तो किसी ने गाली नहीं दी, बुरा-भला नहीं कहा।

अब और याद कीजिए कि कैसे इन्होंने पुलिस पर मधुबनी में गोली चलाई, कई जगह पत्थरबाजी हुई, नमाज पढ़ने को तब इकट्ठा हुए जब लॉकडाउन था। क्या ऐसा कुछ जगन्नाथ यात्रा के बारे में सुना? नहीं सुना, क्योंकि वो गोली नहीं चलाते, पत्थरबाजी के लिए उनको गुरुकुल में शिक्षा नहीं मिलती, न ही मूर्खतावश वो लॉकडाउन में आरती और रामनवमी कर रहे थे।

तो, अंत में, कोरोना को हल्के में लेने वाले, डॉक्टरों पर हमला करने वालों, थूकने, मल-मूत्र त्यागने वाले अधम श्रेणी के मनुष्यों की तुलना स्वामी जगन्नाथ के सेवायतों से करना धूर्तता है। मीडिया ने तब्लीगियों को अपराधी की तरह नहीं दिखाया, तब्लीगी स्वयं हर जगह कपड़े उतार कर नग्न हो रहे थे। नर्सों को देख कर पैंट उतारने वाले तो याद ही होंगे?

ऐसे ज़लील और नराधमों से महाप्रभु जगन्नाथ के सेवायतों की तुलना तो रहने दो, वहाँ के धूल का एक कण भी इन विष्ठाप्रेमी थूकलीगियों से लाख गुणा पवित्र और कोरोनामुक्त है। यूँ तो, इस कुत्सित चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, लेकिन कई बार जो बातें स्वयंसिद्ध हों, उन्हें भी कहना पड़ता है ताकि कोई स्वयं को पीड़ित और दूसरे को शोषक की तरह न दिखाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कटवा विधायक ने लगवाया टीका, भतार MLA भी उसी लाइन पर: TMC नेताओं में वैक्सीन के लिए मची होड़

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं में कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने की होड़ सी मच गई है। पार्टी के दो विधायकों ने लगवाया टीका।

एक साथ 8 ट्रेनें, सब से पहुँच सकेंगे सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति तक: केवड़िया होगा देश का पहला ‘ग्रीन बिल्डिंग’ स्टेशन

इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से केवड़िया में...

फहद अहमद अब बना ‘किसान नेता’, पहले था CAA विरोधी छात्र नेता: स्वरा-मंडली संग करता है काम, AMU में मिली थी ‘ट्रेनिंग’

मुंबई के TISS में Ph.D कर रहा एक छात्र नेता है फहद अहमद, जो CAA विरोधी प्रदर्शनकारी हुआ करता था, अब वो 'किसान नेता' बन गया है।

‘उलेमाओं की बात मानें और गड़बड़ कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ, नॉर्वे में 30 लोग मर गए’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कोरोना के टीके पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वो कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ।

भारत के खिलाफ विद्रोह, खालिस्तान से जुड़े मामले में ‘किसान नेता’ को समन, जवाब मिला – ‘नहीं आऊँगा, मेरे घर में शादी है’

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 'लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी (LBWS)' के 'किसान नेता' बलदेव सिंह सिरसा को पेश होने के लिए समन भेजा है।

नॉर्वे में वैक्सीन लेने वाले 25000 में से 29 की मौत, भारत में पहले ही दिन टीका लगवाने वाले 2 लाख लोग एकदम स्वस्थ

नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी 75 वर्ष के थे, जिनके शरीर में पहले से कई बीमारियाँ थीं।

प्रचलित ख़बरें

निधि राजदान की ‘प्रोफेसरी’ से संस्थानों ने भी झाड़ा पल्ला, हार्वर्ड ने कहा- हमारे यहाँ जर्नलिज्म डिपार्टमेंट नहीं

निधि राजदान द्वारा खुद को 'फिशिंग अटैक' का शिकार बताने के बाद हार्वर्ड ने कहा है कि उसके कैम्पस में न तो पत्रकारिता का कोई विभाग और न ही कोई कॉलेज है।

अब्बू करते हैं गंदा काम… मना करने पर चुभाते हैं सेफ्टी पिन: बच्चियों ने रो-रोकर माँ को सुनाई आपबीती, शिकायत दर्ज

माँ कहती हैं कि उन्होंने इस संबंध में अपने शौहर से बात की थी लेकिन जवाब में उसने कहा कि अगर ये सब किसी को पता चली तो वह जान से मार देगा।

‘अगर तलोजा वापस गए तो मुझे मार डालेंगे, अर्नब का नाम लेने तक वे कर रहे हैं किसी को टॉर्चर के लिए भुगतान’: पूर्व...

पत्नी समरजनी कहती हैं कि पार्थो ने पुकारा, "मुझे छोड़कर मत जाओ... अगर वे मुझे तलोजा जेल वापस ले जाते हैं, तो वे मुझे मार डालेंगे। वे कहेंगे कि सब कुछ ठीक है और मुझे वापस ले जाएँगे और मार डालेंगे।”

मंच पर माँ सरस्वती की तस्वीर से भड़का मराठी कवि, हटाई नहीं तो ठुकराया अवॉर्ड

मराठी कवि यशवंत मनोहर का कहना था कि उन्होंने सम्मान समारोह के मंच पर रखी गई सरस्वती की तस्वीर पर आपत्ति जताई थी। फिर भी तस्वीर नहीं हटाई गई थी इसलिए उन्होंने पुरस्कार लेने से मना कर दिया।

मारपीट से रोका तो शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी के नेता रंजीत पासवान को चाकुओं से गोदा, मौत

शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी नेता रंजीत पासवान की चाकू घोंप कर हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपित के घर को जला दिया।

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

‘अडानी सभी बैंकों को खरीद सकता है’ – सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों पर कंपनी ने बता डाला 30 साल का रिकॉर्ड

सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर के ज़रिए अडानी ग्रुप पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ग्रुप ने 4.5 लाख करोड़ का लोन नहीं चुकाया है जो...

अली अब्बास की ‘तांडव’ के खिलाफ मुंबई में कंप्लेन: भगवान शिव के गेटअप में जीशान अयूब ने परोसा है प्रोपेगेंडा

'आज़ादी-आज़ादी' के नारों का बचाव करने और देशद्रोहियों को सही साबित करने के लिए भगवान शिव के किरदार का इस्तेमाल किया गया है।

सलमान खान को 5 साल कैद की सजा… लेकिन चुनौती याचिका पर पेश होने से 17वीं बार मिल गई छूट

स्थानीय जिला एवं सत्र अदालत ने अभिनेता सलमान खान को 6 फरवरी को उनके समक्ष पेश होने को कहा है। अदालत ने अभिनेता को...

2000 करोड़ रुपए कचड़े में: 7 साल पहले बेकार समझ फेंक दी थी, खोजने वाले को मिलेगा 50%

2013 में ब्रिटिश आईटी कर्मचारी जेम्स हॉवेल्स (James Howells) ने 7500 Bitcoins वाले एक हार्ड ड्राइव को कचरे में फेंक दिया था।

कटवा विधायक ने लगवाया टीका, भतार MLA भी उसी लाइन पर: TMC नेताओं में वैक्सीन के लिए मची होड़

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं में कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने की होड़ सी मच गई है। पार्टी के दो विधायकों ने लगवाया टीका।

एक साथ 8 ट्रेनें, सब से पहुँच सकेंगे सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति तक: केवड़िया होगा देश का पहला ‘ग्रीन बिल्डिंग’ स्टेशन

इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से केवड़िया में...

फहद अहमद अब बना ‘किसान नेता’, पहले था CAA विरोधी छात्र नेता: स्वरा-मंडली संग करता है काम, AMU में मिली थी ‘ट्रेनिंग’

मुंबई के TISS में Ph.D कर रहा एक छात्र नेता है फहद अहमद, जो CAA विरोधी प्रदर्शनकारी हुआ करता था, अब वो 'किसान नेता' बन गया है।

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

‘उलेमाओं की बात मानें और गड़बड़ कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ, नॉर्वे में 30 लोग मर गए’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कोरोना के टीके पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वो कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ।

भारत के खिलाफ विद्रोह, खालिस्तान से जुड़े मामले में ‘किसान नेता’ को समन, जवाब मिला – ‘नहीं आऊँगा, मेरे घर में शादी है’

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 'लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी (LBWS)' के 'किसान नेता' बलदेव सिंह सिरसा को पेश होने के लिए समन भेजा है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
381,000SubscribersSubscribe