Thursday, July 16, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे हिन्दुओं को भला-बुरा कह 'कूल' बनीं शबाना: बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, दूसरी बीवी...

हिन्दुओं को भला-बुरा कह ‘कूल’ बनीं शबाना: बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, दूसरी बीवी सुभान अल्लाह

शबाना आज़मी ने जिस मूर्ति को लेकर भारत में हिन्दुओं की छुआछूत पर निशाना साधा है, वो कम्बोडियन गणेश की प्रतिमा है। अर्थात, गणेश की प्रतिमा की इस रूप में कम्बोडिया में पूजा की जाती है। प्रतीत होता है कि ये मूर्तिकार भी कम्बोडिया का ही है। तो क्या अब शबाना आज़मी कम्बोडिया से उदाहरण लेकर भारत के हिन्दुओं पर निशाना साध रही हैं?

ये भी पढ़ें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

कुमारटुली से शुरू करते हैं। कुमारटुली से इसीलिए, क्योंकि वहाँ के लोगों के कारण बंगाल की दुर्गा पूजा में वो रौनक आती है, जो शायद ही कहीं और रहती हो। नार्थ कोलकाता के शोभाबाजार के पास स्थित कुमारटुली में ही वो लोग रहते हैं, जो माँ दुर्गा की कई भव्य मूर्तियों का निर्माण करते हैं, जो इंटरनेट पर वायरल होती हैं और जिनका दर्शन लाखों करोड़ों लोग करते हैं। त्योहारों के मौसम में लोग उनके पास जाते हैं, चाय-पानी पीते हैं, उनसे बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिमाओं का ऑर्डर देते हैं। बड़े-बड़े पंडालों के आयोजक उनके पास जाकर बैठते हैं। कुछ लोग ऑर्डर की हुई प्रतिमाओं का निरिक्षण करने जाते हैं। पत्रकार उन मूर्तिकारों का इंटरव्यू लेते हैं। अमेरिका, यूके और नूजीलैंड तक के लोग उनसे मिलते हैं।

ये थी असली बात। अब आते हैं बनावटी बात पर। बनावटी बात, यानी उसे मैन्युफैक्चर करने वाले बनावटी लोग। बनावटी नैरेटिव, यानी उसे फैलाने वाली बनावटी विचारधारा। शबाना आज़मी के हाल ही के ट्वीट पर ग़ौर कीजिए। जावेद अख़्तर तो दिन भर में इतने लोगों से लड़ते-झगड़ते हैं कि उनके ट्वीट्स खोजने मुश्किल हैं लेकिन उनकी पत्नी उनसे कम ट्वीट करती हैं। शबाना आज़मी ने एक अंग्रेजी कविता के रूप में ‘मूर्तिकारों की दुर्दशा’ का वर्णन किया है। इस ‘दर्दनाक’ और ‘समाज की दयनीय स्थिति का सच्चा चित्रण करने वाले’ चित्र में एक मूर्तिकार गणेश भगवान की प्रतिमा बनाते समय उनसे कहते है:

“जब तक मैं तुम्हारी नक्काशी में व्यस्त था
तब तक तुम सिर्फ़ एक पत्थर थे
अब जब मेरा काम ख़त्म हो गया है
तुम भगवान बन गए हो
लेकिन मेरा क्या?
मैं तो ठहरा अछूत”

कितना दुःख-दर्द है न इस कविता में? कितनी चिंतित दिखती हैं न शबाना आजमी ग़रीबों के लिए। और हाँ, कितना आसान है न हर समस्या को (अगर वो नहीं है तो मैन्युफैक्चर कर के) हिंदुत्व, हिन्दू समाज और हिन्दू देवी-देवताओं से जोड़ना? जो मूर्तिकार भगवान गणेश की मूर्ति बनाता है, उसी मूर्तिकार को गणेश के भक्त अछूत मानते हैं। यही सन्देश है न इस कविता का? हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों को लेकर यह प्रोपेगंडा नया नहीं है। ‘रेड लेबल टी’ के प्रचार में भी एक मुस्लिम शिल्पकार को दिखाया गया था। वो काफ़ी प्रेम से भगवान गणेश की मूर्तियाँ बना रहा था जबकि हिन्दू गणेश भक्त उसकी पहचान जानकर उससे मूर्ति लेने का इच्छुक नहीं था। कितने दकियानूसी ख्यालों वाले हैं न ये हिन्दू?

सबसे बड़ी बात तो ये है कि जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आज़मी ने जिस मूर्ति को लेकर भारत में हिन्दुओं की छुआछूत पर निशाना साधा है, वो कम्बोडियन गणेश की प्रतिमा है। अर्थात, गणेश की प्रतिमा की इस रूप में कम्बोडिया में पूजा की जाती है। प्रतीत होता है कि ये मूर्तिकार भी कम्बोडिया का ही है। तो क्या अब शबाना आज़मी कम्बोडिया से उदाहरण लेकर भारत के हिन्दुओं पर निशाना साध रही हैं? क्या उन्होंने कभी बकरीद पर बकरे न काटने की सलाह दी है? क्या उन्होंने बकरीद पर ख़ून से सनी सड़कों की फोटो शेयर कर अपने मजहब के लोगों को कोई सीख दी है? नहीं।

अब आइए आपको सच्चाई से अवगत कराने का समय आ गया है। कुछ न कुछ खामियाँ हर प्रोफेशन में है लेकिन मूर्तिकारों को अछूत बता कर शबाना आजमी ने उनका अपमान किया है, उनकी कथित पीड़ा नहीं दिखाई है। साउथ मुंबई से 2 घंटे के रास्ते पर पेन नामक एक गाँव है, जहाँ 15,000 लोग मिल कर प्रतिवर्ष गणेश जी की 7 लाख मूर्तियाँ बनाते हैं। उन्हें इसके लिए महीनों मेहनत करनी होती है। आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि इनमें से एक चौथाई मूर्तियाँ तो विदेशों में एक्सपोर्ट की जाती है। 10 करोड़ रुपए के सालाना टर्नओवर वाली मूर्तिकारों की यह जमात सैकड़ों सालों से इस बिजनेस में लगी हैं।

शबाना आजमी को एक बार वहाँ जाना चाहिए क्योंकि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहाँ से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने गणेश प्रतिमा म्यूजियम का निर्माण किया है। मूर्तिकारों के साथ अछूत जैसा व्यवहार किया जाता है, शबाना आजमी के इस दावे की पोल कोलकाता में भी खुल जाती है और मुंबई में भी। ये दोनों तो बस एक उदाहरण थे। लेकिन शबाना आजमी ने एक कुतर्क पर आधारित प्रयास किया है। सामाजिक कुरीति को धर्म और हिन्दू देवी-देवताओं के साथ जोड़ने का प्रयास। लेकिन कुछ सवाल भी हैं। सवाल भी इसी प्रयास से जुड़ा है।

कहा तो ये भी जाता है कि जिसनें ताजमहल बनाया, शाहजहाँ ने उसीके हाथ ही काट डाले ताकि वह ऐसा कुछ और न बना सके। उसके सहयोगियों के भी हाथ काट डाले गए। सोमनाथ का मंदिर भी कई सालों में काफ़ी मेहनत से बना था। उसे बार-बार अलग-अलग इस्लामी शासकों द्वारा तोड़ा गया। राम मंदिर भी कई लोगों ने काफ़ी सारा ख़ून-पसीना बहा कर ही बनाया था। बाबर के अनुयायियों ने उसपर पानी फेर दिया। भारत में हजारों मंदिर बने, दर्शनीय कलाकृतियों के साथ- जिन्हें उकेरने में दशकों लगे। उन्हें ढाहने में इस्लामिक आक्रांताओं ने एक मिनट भी नहीं लगाया। उन इमारतों, प्रतिमाओं और कलाकृतियों को बनाने वालों के दिल पर क्या बीती होगी? अगर वो इस दुनिया में नहीं भी रहे होंगे तो उनकी रूह काँप उठी होगी।

किसी ‘तीन तलाक़’ की पीड़िता के लिए कभी शबाना आजमी के मन में कोई कविता आई क्या? जिस प्रतिमा की वो बात कर रही हैं, उसी प्रतिमा के विसर्जन के समय पत्थरबाजी करने वालों से पीड़ित श्रद्धालुओं की पीड़ा को दिखाने के लिए वो जावेद अख़्तर को कोई कविता लिखने बोल सकती हैं क्या? किसी को भी अछूत माना जाए तो यह सही नहीं है लेकिन शिल्पकारों और मूर्तिकारों को अछूत मानने की तो कहीं परंपरा ही नहीं रही है? इतिहास में भी ऐसा कोई वाकया नहीं है, जहाँ हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमा का निर्माण करने वाले शिल्पकारों को हेय दृष्टि से देखा जाता हो या फिर उनके साथ अछूत जैसा व्यवहार किया जाता हो।

वैसे हिन्दू पर्व-त्योहारों के समय सेलेब्रिटीज द्वारा इस तरह के नाटक कोई नई बात नहीं है। प्रियंका चोपड़ा का दमा तभी उखड़ता है, जब दिवाली आती है। बॉलीवुड पानी बचाने की बात तभी करता है, जब होली आती है। बाकि मजहबों के त्योहारों पर बधाई और हिन्दू त्योहारों पर सीख। वाह। बॉलीवुड का यह दोहरा रवैया सचमुच तारीफ के लायक है। एक तरफ जावेद अख्तर सोशल मीडिया पर लोगों से लड़ते फिर रहे हैं, दूसरी तरफ उसी अजेंडे को उनकी दूसरी बीवी हिंदुत्व और हिन्दू त्योहारों पर निशाना साधते हुए फैला रही हैं। मियाँ-बीवी का ये कॉम्बिनेशन शायद फ़िल्मों से लगभग रिटायर होकर इसी काम में लगा हुआ है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

ख़ास ख़बरें

ट्रेनिंग के लिए पैसे नहीं? खर्च उठाने को स्टार धावक दुती चंद को बेचनी पड़ी अपनी BMW कार: फैक्ट चेक

"मैंने अपनी BMW कार को बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं इसे अपने प्रशिक्षण के लिए बेच रही हूँ।"

सावरकर को चिढ़ाने, हिंदुओं को गाली देने वाले कॉमेडियंस… अब शिवसेना से माँग रहे रहम की भीख

खुद को क्रिएटिव बताने वाले इन कॉमेडियनों के पास जोक्स का अभाव है, तभी तो वो हिन्दू प्रतीकों का अपमान कर लोगों को हँसाने की कोशिश करते हैं।

पैगंबर की फिल्म से भावनाएँ होंगी आहत, YouTube, फेसबुक, Instagram सब जगह करो बैन: महाराष्ट्र सरकार

इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन पर आधारित ईरानी फिल्म ‘मुहम्मद दी मेसेंजर ऑफ गॉड’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

सुशांत सिंह केस: सुब्रमण्यम स्वामी ने पत्र लिख PM मोदी से की CBI जाँच की माँग, कहा- पुलिस छिपाना चाहती है बॉलीवुड के बड़े...

"आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सीधे या राज्यपाल के ज़रिए सीबीआई जाँच के लिए सहमत कर सकते हैं। मुंबई पुलिस पहले ही कोरोना वायरस पैनडेमिक और दूसरे मामलों में व्यस्त है। जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए सीबीआई जाँच ज़रूरी है।''

रक्षाबंधन पर गाय के चमड़े के उपयोग न करने की सलाह पर खुद ही फँसा PETA इंडिया, लोगों ने पूछा- राखी में कहाँ होता...

PETA इंडिया की सूर्यवंशी ने कहा, "हमें इस हिंसा के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए। लेकिन लोग इस हिंसा के प्रति नहीं बल्कि अपना गुस्सा पेटा के खिलाफ निकालते है जब कि हम गायों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"

7 कॉमेडियनों ने डिएक्टिवेट या प्रोटेक्ट किया अकॉउंट: हिन्दू धर्म और महापुरुषों के अपमान की ट्वीट-वीडियो होने लगी थी वायरल

स्टैंड-अप ‘कॉमेडियन’ अग्रिमा जोशुआ का मामला तूल पकड़ने के बाद स्टैंड अप कॉमेडी के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले तथाकथित कॉमेडियन्स को चुन-चुन कर सोशल मीडिया यूजर्स आड़े हाथों ले रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

अनस कुरैशी ने शिव मंदिर के उपाध्यक्ष को पीट-पीट कर मार डाला… क्योंकि उन्होंने भगवा पहना था

कांति प्रसाद की मौत से हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त। थाने पर उन्होंने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनस पर...

‘मुझे बचा लो… बॉयफ्रेंड हबीब मुझे मार डालेगा’: रिदा चौधरी का आखिरी कॉल, फर्श पर पड़ी मिली लाश

आरोप है कि हत्या के बाद हबीब ने रिदा के शव को पंखे से लटका कर इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। गुरुग्राम पुलिस जाँच कर रही है।

UAE दूतावास की सील-राजकीय चिन्ह से छेड़छाड़ कर आतंक के लिए 10 महीने में 150 किलो सोने की तस्करी: NIA ने किया खुलासा

हिरासत के आवेदन को आगे बढ़ाते हुए, एजेंसी ने अदालत को बताया कि गृह मंत्रालय ने प्रारंभिक जाँच की थी और पाया था कि तस्करी का सोना आतंकवादी गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता था।

तो रुक जाएगी चीन में जाने वाली 80% ऊर्जा… भारत ऐसे ख़त्म करेगा ड्रैगन और अरब का व्यापार, साथ आए कई देश

मलक्का को लेकर भारत द्वारा खास रणनीति पर काम करने की खबरें सामने आ रही हैं। चीन में ऊर्जा की 80% ज़रूरत मलक्का रूट से ही पूरी होती है।

विदेश में पढ़ाई के दौरान मोहब्बत, पहले मजहब फिर सारा के CM पिता फारूक अब्दुल्ला बने रोड़ा: सचिन पायलट की लव स्टोरी

सारा और सचिन पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान एक दूसरे से मिले थे। एक दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने सारा के परिवार की तरफ से लगातार आपत्तियों के बावजूद 2004 में एक बंधन में बँधने का फैसला किया।

दूध बेचने से लेकर हॉलैंड में F-16 उड़ाने तक: किस्सा राजेश पायलट का, जिसने सत्ता के सबसे बड़े दलाल को जेल भेजा

सत्ता के सबसे बड़े दलाल पर हाथ डालने के 2 दिन बाद ही पायलट को गृह मंत्रालय से निकाल बाहर किया गया था। जानिए राजेश्वर प्रसाद कैसे बने राजेश पायलट।

ट्रेनिंग के लिए पैसे नहीं? खर्च उठाने को स्टार धावक दुती चंद को बेचनी पड़ी अपनी BMW कार: फैक्ट चेक

"मैंने अपनी BMW कार को बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं इसे अपने प्रशिक्षण के लिए बेच रही हूँ।"

सावरकर को चिढ़ाने, हिंदुओं को गाली देने वाले कॉमेडियंस… अब शिवसेना से माँग रहे रहम की भीख

खुद को क्रिएटिव बताने वाले इन कॉमेडियनों के पास जोक्स का अभाव है, तभी तो वो हिन्दू प्रतीकों का अपमान कर लोगों को हँसाने की कोशिश करते हैं।

Covid-19: भारत में पिछले 24 घंटे में सामने आए संक्रमण के 29429 मामले, अब तक 24309 की मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना वायरस के 29,429 नए मामले सामने आए हैं और 582 लोगों की मौत हुई है।

अपहरण किए गए बीजेपी नेता को पुलिस ने किया रेस्क्यू, लश्कर कमांडर ​​हैदर के परिवार को हिरासत में लेकर शुरू हुआ था ऑपरेशन

बारामूला के वाटरगाम में नगर समिति के उपाध्यक्ष मेराजुद्दीन मल्ला को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन को लश्कर के सोपोर कमांडर सज्जाद उर्फ ​​हैदर के परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेकर शुरू किया गया था।

Qraa Men ब्रांड ने महिलाओं की नग्न तस्वीरों के साथ किया पुरुष प्रॉडक्ट का प्रचार, सोशल मीडिया पर भड़के लोग, किया विरोध

लोगों की कड़ी प्रतिक्रियाओं को देखते हुए Qraa Men हालही में पोस्ट किए विज्ञापन सामग्री को हटा दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर महिलाओं ऑब्जेक्टिफाई किया था।

पैगंबर की फिल्म से भावनाएँ होंगी आहत, YouTube, फेसबुक, Instagram सब जगह करो बैन: महाराष्ट्र सरकार

इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन पर आधारित ईरानी फिल्म ‘मुहम्मद दी मेसेंजर ऑफ गॉड’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

सुशांत सिंह केस: सुब्रमण्यम स्वामी ने पत्र लिख PM मोदी से की CBI जाँच की माँग, कहा- पुलिस छिपाना चाहती है बॉलीवुड के बड़े...

"आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सीधे या राज्यपाल के ज़रिए सीबीआई जाँच के लिए सहमत कर सकते हैं। मुंबई पुलिस पहले ही कोरोना वायरस पैनडेमिक और दूसरे मामलों में व्यस्त है। जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए सीबीआई जाँच ज़रूरी है।''

पालघर: महाराष्ट्र CID की चार्जशीट से साधुओं की लिंचिंग में धार्मिक कारण से इनकार, हत्या को बताया अफवाहों पर आधारित

चार्ज शीट में पालघर, महाराष्ट्र में हुई साधुओं की लिंचिंग को अफवाहों के आधार पर बताते हुए कहा गया है कि इसके पीछे कोई धार्मिक कारण नहीं था।

हैंड-सैनिटाइजर पर GST छूट घरेलू उत्पादों की कीमत बढ़ाने और चीन से आयात को प्रोत्साहित कर सकता है, जानिए कैसे

एक बार के लिए ऐसा लग सकता है कि कर की दर शून्य होने पर कीमतें कम होंगी, लेकिन यह सच नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जीएसटी वास्तव में एक ऐसा VAT है, जहाँ उत्पादन के प्रत्येक चरण में जोड़े गए मूल्य पर कर लगाया जाता है।

रक्षाबंधन पर गाय के चमड़े के उपयोग न करने की सलाह पर खुद ही फँसा PETA इंडिया, लोगों ने पूछा- राखी में कहाँ होता...

PETA इंडिया की सूर्यवंशी ने कहा, "हमें इस हिंसा के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए। लेकिन लोग इस हिंसा के प्रति नहीं बल्कि अपना गुस्सा पेटा के खिलाफ निकालते है जब कि हम गायों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"

हमसे जुड़ें

239,925FansLike
63,547FollowersFollow
275,000SubscribersSubscribe