Tuesday, October 27, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे गुजरात के 20 बच्चों की हत्या हुई है, ज़िम्मेदारी भाजपा सरकार की है, एलियन्स...

गुजरात के 20 बच्चों की हत्या हुई है, ज़िम्मेदारी भाजपा सरकार की है, एलियन्स की नहीं

क्या सरकार कोचिंग वालों के ऊपर एक्शन लेकर अपना पल्ला झाड़ सकती है? अगर सरकार दोषी हुई तो क्या उस सबसे बड़े अफसर पर हत्या का मुकदमा चलेगा जिसके कार्यक्षेत्र में यह विभाग आता है?

आग लगी, कुछ बच्चे जल गए, कुछ डर से कूद गए और मर गए। सूरत की बात है। सूरत गुजरात में आता है। गुजरात में भाजपा की सरकार है। सरकारों का काम होता है हर कमर्शियल संस्थान की फायर ऑडिट करना। सरकारों का काम यह भी होता है कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में आपदा से त्वरित बचाव के उपाय बताना। सरकारों का बहुत काम होता है, लेकिन सरकारें वैसे काम नहीं करतीं।

बीस बच्चों की जान चली गई। शॉर्ट सर्किट से आग लगी और सीढ़ियों वाले हिस्सों में फैली। भगदड़ मची और कई लोग दम घुटने की वजह से मर गए। कुछ बच्चे इस आशा में कूद गए कि कहीं बच जाएँगे। कुछ बचे, कुछ उतने भाग्यशाली नहीं थे।

जब आग लगती है, और वो बिजली के तारों में लगी हो तो धुआँ इतना सघन और ज़्यादा उठता है कि आप न साँस ले पाएँगे, न आगे बढ़ पाएँगे क्योंकि दिखना बंद हो जाता है। खास कर वैसी जगहों में जो बंद हो। 2008 में मैं एक ऐसी ही आग में फँसा था, और हमारे ऑफिस के सारे लोगों का सौभाग्य था कि अधिकतर लोग धुएँ के ऊपर पहुँचने से पहले टॉप फ़्लोर से छत पर पहुँच गए थे। मैं सीढ़ियों से बहुत दूर एक केबिन में खाना खा रहा था, और जबकि किसी को याद आई कि मैं रह गया तो वो अपनी जान पर खेल कर मुझे गरियाने आया कि वो भी मरेगा, मैं भी।

मैंने उस आग की भयावहता को देखा है जब मेरे लिए छत तक जाने की दस सीढ़ियाँ दस किलोमीटर जैसी हो गई थी। आपका शरीर जवाब देने लगता है क्योंकि आप धुएँ को फेफड़ों में भरते हैं जिसमें ऑक्सीजन नहीं होता। दिमाग सुस्त होने लगता है और आप बेहोश होते हैं, फिर कोई मदद न मिले तो आप मर जाते हैं। मेरा शरीर जब जवाब देने लगा और सामने दो मीटर चौड़े, ढाई मीटर ऊँचे खुले दरवाज़े को गर्मी के दोपहर की चिलचिलाती धूप को धुएँ ने ऐसे ढक लिया था कि मुझे लगा आज छत पर नहीं पहुँच पाऊँगा। लेकिन शायद वहाँ कुछ दोस्त इंतजार में थे, और उन्होंने मुझे खींच लिया। मैं बच गया।

सूरत के कोचिंग सेंटर के बच्चे नहीं बचे। सरकार ने ‘एन्क्वायरी’ के आदेश दे दिए हैं। नेताओं ने शोक संदेश जारी कर दिए हैं। परिवार वालों को चार लाख की सरकारी मदद की घोषणा भी हो गई है। एक दिन यह खबरों में भी चला। सोशल मीडिया पर दो दिन रहा। कल ये गायब हो जाएगा। देश बड़ा है, नई खबरें आएँगी, कोई और आपदा, इस आपदा की जगह ले लेगी। हम उस पर चर्चा करने लगेंगे।

कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आग से बचाव को लेकर कई नियम कानून होते हैं। आपके पास अग्निशमन यंत्र होने चाहिए, उसकी तय समय पर चेकिंग होनी चाहिए, कर्मचारियों को इसके इस्तेमाल की जानकारी होनी चाहिए। सरकार के कर्मचारी उसका ऑडिट करते हैं, और सेफ़्टी का सर्टिफ़िकेट दिया जाता है। आप समझ सकते हैं कि भारत जैसे देश में यह काम कितनी जगहों पर सही तरीके से होता होगा, और भगवान को अगरबत्ती दिखा कर कम्पनी बचाए रखने की प्रार्थना से सारे काम होते रहते होंगे।

कई स्कूलों में इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। मेरे स्कूल में दी जाती थी। लेकिन बाकी स्कूलों के बारे में मुझे पता है कि दूसरी क्लास की किताब में लाल-पीले रंग की आग और दमकल की फोटो दिखा कर ही फायर सेफ़्टी ख़त्म हो जाती थी। सड़क की बायीं ओर चलने से लेकर, घंटी बजाने और कूड़ेदान में कूड़ादान फेंकने से लेकर आग बुझाने की बात दो पन्ने में, प्राइमरी कक्षा में पढ़ा दी जाती है। और वो भी रटा दी जाती है कि सवाल आएँ तो जवाब लिख दिया जाए। वही बच्चा सड़क की दाहिनी ओर चलता है, मम्मी के कहने पर कूड़ादान बाहर फेंक देता है, और सायकिल चलाते वक्त घंटी नहीं बजाता।

वैसा ही व्यक्ति कोचिंग संस्थान खोलता है। वैसा ही व्यक्ति सरकार चलाता है। वैसा ही व्यक्ति कोचिंग में पढ़ता है। और, वैसा ही व्यक्ति लाशों की संख्या में से एक संख्या मात्र बन कर चला जाता है। ये आपदा नहीं, हत्याकांड है। इस हत्या का ज़िम्मा सबसे ज़्यादा कोचिंग संस्थान और सरकार पर है, और फिर आधा ज़िम्मा हमारे तंत्र का है जहाँ हम तैयार नहीं करते लोगों को।

जब उस आग से बच कर मैं घर आया, तो हमारे मित्र के भाई थे उन्होंने बताया कि वो हाल ही में एक फायर ड्रिल में गए थे। धुएँ से बचने का सबसे पहला तरीक़ा है ज़मीन पर लेट जाना क्योंकि धुआँ ज़मीन पर सबसे बाद में भरता है, क्योंकि उसकी प्रवृति ऊपर रहने की होती है। उसके बाद नाक पर किसी कपड़े को रख कर साँस लेने की कोशिश करनी चाहिए। अगर कहीं पानी हो, तो रुमाल या कपड़ा भिंगाकर नाक पर रख लीजिए, जान बचने की पूरी संभावना है। आप दम घुटने से नहीं मरेंगे। अगर पानी न मिले तो जान बचाने के लिए शरीर से लिक्विड निकालिए। कपड़े पर थूकिए, या फिर मूत्र का प्रयोग कीजिए। बचे रहने की संभावना बढ़ जाएगी

ये बातें मैं जानता था, लेकिन स्कूल के बाद भूल गया था। क्योंकि स्कूल में भी ड्रिल हमेशा नहीं होती थी। हो सकता है कि ये बातें आग लगने के वक्त याद न रहे, लेकिन अगर सबने वही पढ़ाई की होती, हर स्कूल में आपदा को लेकर तैयारी का चैप्टर प्रैक्टिकल के तौर पर पढ़ाया जा रहा होता, तो आपका सहकर्मी, आपका सहपाठी, आपका मित्र, आपकी बहन, आपकी बेटी आपको उस समय सलाह देकर बचाने की कोशिश कर सकते थे।

लेकिन, हमने कहीं नहीं पढ़ा। पढ़ा भी तो परीक्षा पास करने के लिए, जान बचाने के लिए नहीं। सरकारों ने नियम बनाए लेकिन यह याद नहीं कि ऑडिट किया कि नहीं। हो सकता है कि यह आपदा एक दुर्घटना हो, संस्थान ने ऑडिट भी कर रखा हो, उसके पास सेफ़्टी का सर्टिफ़िकेट भी हो। सर्टिफ़िकेट तो बन जाते हैं, लेकिन कई खबरें बताती हैं कि वहाँ अग्निशमन यंत्र थे ही नहीं! बीस जानें गईं। क्या सरकार कोचिंग वालों के ऊपर एक्शन लेकर अपना पल्ला झाड़ सकती है? अगर सरकार दोषी हुई तो क्या उस सबसे बड़े अफसर पर हत्या का मुकदमा चलेगा जिसके कार्यक्षेत्र में यह विभाग आता है?

नौकरशाहों, जनप्रतिनिधियों और वकीलों ने सारे कानून अपने हिसाब के कर रखे हैं। ज़िम्मेदारी सबसे निचले व्यक्ति पर थोपी जाती है, वो सस्पैंड होता है, बाकी लोगों पर असर नहीं होता। मोदी जी ने आज कहा है कि विश्व भारत की तरफ देख रहा है। रवीश जी ने कहा कि भारत में अब राजनीति का युग बदल गया है। भाजपा के समर्थक खुश हैं कि अब स्पष्ट बहुमत फिर से मिला है।

क्या हमारे तरीके बदलेंगे? क्या सरकार इन बातों पर गम्भीर होगी कि कोटा में बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं तो उसके लिए कुछ किया जाए? क्या स्कूलों के पाठ्यक्रम से लेकर पैरेंटल काउन्सलिंग जैसी चीज़ों पर बातें होंगी? क्या शिक्षा में किताबों की भागीदारी की बराबरी में लाइफ स्किल्स यानी जीवन जीने के लिए ज़रूरी बातों पर बच्चों को तैयार किया जाएगा? या फिर आपदाएँ नाम बदल कर आती रहेंगी, सरकारें चलती रहेंगी, सिस्टम भी चलता रहेगा?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हंसा रिसर्च ने ET की रिपोर्ट का नकारा, कहा- रिपब्लिक के साथ कोई बिजनेस डील नहीं, मुंबई पुलिस द्वारा फैलाया गया ‘सफेद झूठ’

“हंसा रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के साथ इसका कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं हुआ है और न ही चैनल को कोई भुगतान किया गया है और न ही इसे चैनल से प्राप्त किया गया है।"

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौसीफ बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौसीफ लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

प्रचलित ख़बरें

अपहरण के प्रयास में तौसीफ ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौसीफ ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौसीफ ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौसीफ बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौसीफ लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।
- विज्ञापन -

हंसा रिसर्च ने ET की रिपोर्ट का नकारा, कहा- रिपब्लिक के साथ कोई बिजनेस डील नहीं, मुंबई पुलिस द्वारा फैलाया गया ‘सफेद झूठ’

“हंसा रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के साथ इसका कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं हुआ है और न ही चैनल को कोई भुगतान किया गया है और न ही इसे चैनल से प्राप्त किया गया है।"

चाय स्टॉल पर शिवसेना नेता राहुल शेट्टी की 3 गोली मारकर हत्या, 30 साल पहले पिता के साथ भी यही हुआ था

वारदात से कुछ टाइम पहले राहुल शेट्टी ने लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में अपनी जान को खतरा होने की जानकारी पुलिस को दी थी।

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

महिलाओं की ही तरह अकेले पुरुष अभिभावकों को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव: केंद्र सरकार का फैसला

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि जो पुरुष सरकारी कर्मचारी हैं और बच्चे का पालन अकेले कर रहे हैं, उन्हें अब चाइल्डकेयर लीव दी जाएगी।

फेक TRP स्कैम में मुंबई पुलिस द्वारा गवाहों पर दबाव बनाने वाले ऑपइंडिया के ऑडियो टेप स्टोरी पर CBI ने दी प्रतिक्रिया

कॉल पर पड़ोसी से बात करते हुए व्यक्ति बेहद घबराया हुआ प्रतीत होता है और बार-बार कहता है कि 10-12 पुलिस वाले आए थे, अगर ऐसे ही आते रहे तो.....

हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई धमाकों के आरोपितों तक: केंद्र ने UAPA के तहत 18 को घोषित किया आतंकी

सरकार द्वारा जारी इस सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी भी शामिल हैं। इसमें 26/11 मुंबई हमले में आरोपित आतंकी संगठन लश्कर का यूसुफ मुजम्मिल, लश्कर चीफ हाफिज सईद का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की...

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में अब कोई भी खरीद सकेगा जमीन, नहीं छिनेगा बेटियों का हक़: मोदी सरकार का बड़ा फैसला

जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहाँ पर बस सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इसके तहत नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,357FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe