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16 मार्च को पंजाब के CM बने भगवंत मान, 13 मार्च को AAP के जश्न पर हुआ खर्च भी सरकारी खजाने से दिया: ‘विजय यात्रा’ पर लगे ₹14.63 लाख, RTI से खुलासा

आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों में पंजाब पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा भी खूब उछाला था। यह सच भी है कि पंजाब गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने 25 जून को विधानसभा में श्वेत पत्र पेश कर राजकोषीय घाटों के लिए पिछली सरकारों की लापरवाह, खर्च और कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया था।

कभी सरकारी गाड़ी और बंगला नहीं लेने का दिखावा करने वाले अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की आम आदमी पार्टी (Aam Aadami Party) पंजाब में खुलकर जनता के पैसे उड़ा रही है। अपने नेताओं को गुलदस्ता से लेकर तलवार देकर सम्मानित करने से लेकर उनके होटल में ठहरने तक का खर्च पंजाब सरकार सरकारी खजाने से दे रही है।

एक RTI में खुलासा हुआ है कि अपने वरिष्ठ नेताओं को सम्मानित करने और पाँच सितारा होटलों में उनके ठहरने की व्यवस्था करने से लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत पर सड़कों को फूलों से सजाने तक में पंजाब सरकार ने 14.63 लाख रुपए खर्च किए हैं।

RTI से मिले जवाब में बताया गया है कि 13 मार्च को आम आदमी पार्टी की जीत बाद निकाले गए भव्य रोड शो के बाद अमृतसर के जिला प्रशासन को 19 बिल दिए गए, जिसकी कुल राशि 14,63,129 रुपए थी।

अमृतसर जिला प्रशासन ने पाँच सितारा होटल ताज स्वर्ण के चार बिलों के लिए 1,51,851 रुपए का भुगतान किया। ताजे फूलों से सड़कों को सजाने के लिए 4,83,800 रुपए का भुगतान किया, जबकि स्वागत द्वार तैयार करने के लिए ₹75,000 का बिल पे किया।

RTI में खुलासा हुआ कि टेंट की व्यवस्था करने के लिए 5,56,424 रुपए दिए गए। कुर्सियाँ और ढोल बजाने वालों को ₹54,500 रुपए, गुलाब के गुलदस्ते के लिए 16,800 रुपए, फुलकारी खरीदने के लिए 18,000 रुपए का भुगतान किया गया।

वहीं, सोने की परत वाली चार तलवारें खरीदने के लिए 34,000 रुपए, फ्लेक्स बोर्ड के लिए ₹45,398 रुपए, वीडियोग्राफरों-फोटोग्राफरों को 17,500 रुपए और कन्फेक्शनरी व्यवस्था के लिए 9,856 रुपए का भुगतान किया गया। वहीं, सरकारी बसों से लोगों को अमृतसर के विभिन्न हिस्सों से लाया गया।

यह शोभा यात्रा पंजाब में पार्टी की जीत के बाद निकाली गई थी। इस शोभा यात्रा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। बता दें कि इस साल हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने कुल 117 सीटों में से 92 सीटें जीती थीं। इसके बाद इस ‘विजय यात्रा’ का आयोजन किया गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि 13 मार्च तक भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उन्हें सिर्फ पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया था। RTI ऐक्टिविस्ट मानिक गोयल के अनुसार, भगवंत मान ने 16 मार्च को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था।

आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों में पंजाब पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा भी खूब उछाला था। यह सच भी है कि पंजाब गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने 25 जून को विधानसभा में श्वेत पत्र पेश कर राजकोषीय घाटों के लिए पिछली सरकारों की लापरवाह, खर्च और कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया था।

हालाँकि, भगवंत मान ने इस बात का जिक्र नहीं किया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदेश में बनी नहीं थी, तब उसके निजी शो के खर्चे के लिए पंजाब के सरकारी खजाने का इस्तेमाल कैसे किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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