Homeराजनीति'भ्रष्टाचारी नंबर-1 ही नहीं बल्कि मॉब लिंचर नंबर-1 भी थे राजीव गाँधी'

‘भ्रष्टाचारी नंबर-1 ही नहीं बल्कि मॉब लिंचर नंबर-1 भी थे राजीव गाँधी’

"उन्होंने हज़ारों बेगुनाह सिखों के घरों में क़हर ढाकर आग लगवाई, कितनी बहनों की इज़्ज़त लुटवाई, ऐसे क़ातिल के रूप में उनका अंत हुआ। इसलिए यह कहना ग़लत नहीं है कि राजीव गाँधी न केवल एक भ्रष्ट नेता थे बल्कि एक मॉब लिंचर थे।"

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता मजिंदर एस सिरसा ने पीएम मोदी द्वारा राजीव गाँधी को ‘भ्रष्टाचारी नंबर-1’ कहे जाने समर्थन किया है। उन्होंने राजीव गाँधी को ‘मॉब लिंचर नंबर-1’ भी कहा। ऐसा कहते हुए उन्होंने 1984 के सिख-विरोधी दंगों का ज़िक्र किया। उस समय राजीव गाँधी ही देश के प्रधानमंत्री थे।

इस वीडियो में आप सुन सकते हैं कि मजिंदर सिंह सिरसा ने पूर्व प्रधानमंत्री को न सिर्फ़ भ्रष्टाचारी कहा बल्कि उन्हें क़ातिल भी कहा क्योंकि उन्होंने हज़ारों बेगुनाह सिखों के घरों में क़हर ढाकर आग लगवाई, कितनी बहनों की इज़्ज़त लुटवाई, ऐसे क़ातिल के रूप में उनका अंत हुआ। इसलिए यह कहना ग़लत नहीं है कि राजीव गाँधी न केवल एक भ्रष्ट नेता थे बल्कि एक मॉब लिंचर थे जिसने देश में सबसे बड़े क़त्लेआम को अंजाम देने का हुक़्म दिया।

दरअसल, कल यानी 5 मई 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी के प्रतापगढ़ में एक रैली को संबोधित करने के दौरान राजीव गाँधी को भ्रष्टाचारी नंबर-1 कहा था। उसी के समर्थन में सिरसा ने यह टिप्पणी राजीव गाँधी के ख़िलाफ़ की है। उन्होंने एक बयान में पीएम मोदी को समर्थन देते हुए कहा कि वो (पीएम मोदी) सही कह रहे हैं क्योंकि गाँधी दुनिया के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने एक समुदाय विशेष के ख़िलाफ़ मॉब लिंचिंग की योजना बनाई थी।

पीएम मोदी ने राहुल गाँधी के पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का नाम लिए बगैर कहा था, “आपके पिता को उनके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ ‘मिस्टर क्लीन’ बना दिया था, लेकिन उनका जीवनकाल ‘भ्रष्टाचार नंबर-1’ के रूप में समाप्त हो गया।”

इसके अलावा पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष की आलोचना भी की और कहा, “नामदार को यह स्पष्ट रूप से सुनना चाहिए कि यह मोदी सोने की चम्मच के साथ पैदा नहीं हुआ था, न ही वह किसी शाही परिवार में पैदा हुआ था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -