Sunday, October 2, 2022
Homeराजनीति'सामना' में रानी अहिल्या बाई की तुलना ममता बनर्जी से देख भड़के परिजन, CM...

‘सामना’ में रानी अहिल्या बाई की तुलना ममता बनर्जी से देख भड़के परिजन, CM उद्धव को पत्र लिख जताई नाराजगी

पत्र में राउत की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये बेहद शर्मनाक है कि एक राष्ट्रीय नेता की तुलना आजकल के राजनेताओं से की जाए, वो भी टुच्चे फायदों के लिए। होलकर ने बताया कि अहिल्याबाई ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और जनता की सेवा में लगाया, उनकी तुलना एक ऐसी नेत्री से नहीं हो सकती जो राजनीति के लिए अपने लोगों पर अत्याचार करे।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना ‘महान महिला शासक’ रानी अहिल्या बाई होलकर से किए जाने के बाद रानी के वंशजों में गुस्सा है। लेख को पढ़ने के बाद उनके एक परिजन श्रीमंत भूषण सिंह राजे होलकर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भी लिखा है।

पत्र में राउत की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये बेहद शर्मनाक है कि एक राष्ट्रीय नेता की तुलना आजकल के राजनेताओं से की जाए, वो भी टुच्चे फायदों के लिए। होलकर ने बताया कि अहिल्याबाई ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और जनता की सेवा में लगाया, उनकी तुलना एक ऐसी नेत्री से नहीं हो सकती जो राजनीति के लिए अपने लोगों पर अत्याचार करे।

पत्र में उन्होंने लिखा की ऐसी तुलना सिर्फ और सिर्फ वैचारिक क्षमता उजागर करती है। किसी को भी पहले अपनी योग्यता साबित करनी चाहिए और बाद में लोगों को उसका मूल्य तय करने देना चाहिए। 

संजय राउत का विश्लेषण

संजय राउत ने अपने संपादकीय में ममता बनर्जी को अहिल्याबाई होलकर के समतुल्य रखकर कॉन्ग्रेस के विपक्षी पार्टी होने पर कई सवाल उठाए थे। ऐसी तुलना करके राउत ने बताना चाहा था कि ममता बनर्जी एक उभरती हुई विपक्षी नेता है। 

बता दें कि इससे पहले संजय राउत विपक्षी नेता के तौर पर शरद पवार का नाम ले चुके हैं। उनका कहना था कि यूपीए को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार अच्छे से दिशा दिखा पाएँगे।

अहिल्या बाई होलकर

उल्लेखनीय है कि शिवसेना के मुखपत्र में जिन अहिल्याबाई होलकर की तुलना तृणमूल कॉन्ग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से की गई, वो एक महिला शासक थीं। उन्हें राजमाता या महारानी अहिल्याबाई होलकर भी कहा जाता था। वह न केवल एक योद्धा थीं, बल्कि पढ़ी लिखी, कई भाषा की जानकार और बोलियों में निपुण थीं। महेश्वर में 30 साल रहते हुए उन्होंने खुद को जनसेवा में समर्पित कर दिया था। इसके अलावा औद्योगीकरण को बढ़ावा और  धर्म शब्द का प्रसार करने का काम भी रानी अहिल्या द्वारा किया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान, जारी हुआ वॉरंट

20 अगस्त को इस्लामाबाद में आयोजित एक रैली में इमरान खान ने अपने भाषण में कई आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

दुर्गा पूजा कार्यक्रम में गरबा करता दिखा मुनव्वर फारूकी, सेल्फी लेने के लिए होड़: वीडियो आया सामने, लोगों ने पूछा – हिन्दू धर्म का...

कॉमेडी के नाम पर हिन्दू देवी-देवताओं को गाली देकर शो करने वाला मुनव्वर फारुकी गरबा के कार्यक्रम में देखा गया, जिसके बाद लोग आक्रोशित हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
225,628FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe