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‘तुम अपने पिताजी से पैसे लेकर बनवाए थे?’: केशव मौर्य के साथ ‘तुम-तड़ाक’ पर उतरे अखिलेश यादव, CM योगी ने दिया करारा जवाब

"तुम अपने घर से, अपने पिताजी से पैसा लाते हो बनाने के लिए? (सड़कें, पुल वगैरह) तुमने राशन बाँटा तो पिताजी से लेकर? चुप, हट, क्या बात है।"

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सेशन के दौरान सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से ‘तुम-तड़ाक’ कर के बात करनी शुरू कर दी। दरअसल, समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान सैफई में हुए आयोजनों पर निशाना साधते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने पूछा कि क्या वो इसके लिए पैसे सैफई की जमीनें भेज कर लाते थे? डिप्टी सीएम ने पूछा कि क्या इसके लिए पैसे आपने सैफई की जमीन बेच कर लाए थे?

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भड़क गए और केशव प्रसाद मौर्य को ‘तुम’ कह कर सम्बोधित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “हम नहीं लाए थे, तो क्या तुम लेकर आए थे? केशव प्रसाद मौर्य दूसरों की चिंता करते रहे, इसीलिए चुनाव हार गए। तुम अपने घर से, अपने पिताजी से पैसा लाते हो बनाने के लिए? (सड़कें, पुल वगैरह) तुमने राशन बाँटा तो पिताजी से लेकर? चुप, हट, क्या बात है।” इसके बाद सदन में जोरों का हंगामा होने लगा।

हालाँकि, इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हस्तक्षेप किया और याद दिलाया कि कैसे पूरा सदन काफी देर तक अखिलेश यादव को सुनता रहा और अब जब डिप्टी सीएम बोल रहे हैं तो इस तरह ‘रनिंग कमेंट्री’ का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि एक सम्मानित नेता के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी सही नहीं है और सरकार विकास कार्य कराती है तो इसकी उपलब्धियाँ गिनाना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि उप-मुख्यमंत्री के प्रति इस तरह की भाषा सदन के गरिमा के अनुरूप नहीं है।

सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह का आचरण करेंगे, उसी तरह की प्रतिक्रिया मिलनी तय है। उन्होंने कहा कि सहमति-असहमति हो सकती है, लेकिन असभ्य भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की काफी बातों पर हम भी आपत्ति जता सकते थे, लेकिन हमने सदन की गरिमा का ध्यान रखा। अखिलेश यादव ने एक घंटे के भाषण में योगी सरकार पर लगातार हमले किए, लेकिन जवाब मिलने पर तिलमिला गए।

डिप्टी सीएम मौर्य ने इस दौरान कह दिया कि 2027 में भी कमल खिलेगा। पिछली सरकार में मौर्य के पास पीडब्ल्यूडी विभाग था। अखिलेश यादव ने उन पर तंज कसते हुए कहा था कि वो भूल गए हैं कि उनके जिला मुख्यालय की सड़कें किसने बनवाई और फोरलेन किसने बनवाई। बता दें कि गुरुवार (26 मई, 2022) को यूपी सरकार अपना बजट पेश करेगी, जो 6.5 लाख करोड़ रुपयों का हो सकता है। ये बजट सेशन 6 दिनों का है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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