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महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने छोड़ी पार्टी, 4 पीढ़ियाँ पार्टी में खपी थी: असम में ‘हाथ’ के घाव और गहरे

सुष्मिता देव के पिता संतोष मोहन देव 7 बार सांसद रहे थे और यूपीए काल में केंद्रीय मंत्री भी थे। उनकी माँ भी विधायक रही हैं। उनके दादा भी कॉन्ग्रेस में सक्रिय थे। उनके दादा के पिता भी कॉन्ग्रेस में थे।

‘ऑल इंडिया महिला कॉन्ग्रेस (AIMC)’ की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने ट्विटर बायो में ‘कॉन्ग्रेस की पूर्व सदस्य’ और ‘महिला कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष’ लिख दिया है। सुष्मिता देव उन नेताओं में शामिल थीं, जिनके खिलाफ ट्विटर ने हाल ही में कार्रवाई की थी। दिल्ली की 9 वर्षीय रेप पीड़िता के माता-पिता की तस्वीर शेयर करने पर पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी सहित कई नेताओं का ट्वीट डिलीट कर दिया गया था और उनके हैंडल्स लॉक कर दिए गए थे।

सुष्मिता देव के बारे में बता दें कि वो कॉन्ग्रेस के दिवंगत दिग्गज नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। संतोष मोहन देव 5 बार असम के सिल्चर और 2 बार त्रिपुरा वेस्ट से सांसद रहे थे। वो राजीव गाँधी के सबसे विश्वस्त सिपहसालारों में से एक थे। यूपीए काल में भी वो केंद्रीय मंत्री थे। उनके पिता सतीन्द्र मोहन देव पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता सेनानी थे। उनके दादा काली मोहन देव भी कॉन्ग्रेस के सक्रिय सदस्य थे। इस तरह सुष्मिता देव चौथी पीढ़ी की कॉन्ग्रेसी थीं।

सुष्मिता देव ने भी अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए असम के सिल्चर को ही अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया। वो 2011 में यहाँ से विधायक चुनी गईं। 2014 में मोदी लहर के बीच वो जीत कर सांसद बनीं। हालाँकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर राजदीप रॉय के हाथों हार झेलनी पड़ी। सुष्मिता देव की माँ भीतिका देव भी सिल्चर से 2006 में विधायक रही हैं।

महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने सोनिया गाँधी को सौंपा अपना इस्तीफा

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सुष्मिता देव के TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) में शामिल होने की संभावना है और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में वो पार्टी जॉइन करेंगी। पिछले 30 वर्षों से कॉन्ग्रेस से जुड़ीं सुष्मिता देव ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भेजे गए इस्तीफे में कोई कारण नहीं बताया है। वो फ़िलहाल कोलकाता में हैं। ट्विटर ने हाल ही में सुष्मिता देव का हैंडल भी लॉक किया था।

असम में कॉन्ग्रेस पार्टी की बुरी हार को भी सुष्मिता देव के इस्तीफे का कारण बताया जा रहा है। इस चुनाव में कॉन्ग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल की AIUDF, BPF, CPI, CPI(M), बोडोलैंड डेमोक्रेटिक फ्रंट (BDF) और आंचलिक गण मोर्चा (AGM) के साथ एक बड़ा गठबंधन तैयार किया था। राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने भी चुनाव प्रचार किया था। कॉन्ग्रेस को 29 सीटें मिलीं और भाजपा ने 60 सीटें जीत कर सरकार बनाई।

कपिल सिब्बल ने सुष्मिता देव के कॉन्ग्रेस छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सुष्मिता देव ने कॉन्ग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। जहाँ एक तरफ युवा नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हम बुजुर्गों पर आरोप मढ़े जाते हैं कि हम पार्टी को मजबूत करने के लिए कुछ नहीं कर रहे। और पार्टी अपनी आँखें पूरी तरह बंद किए चल रही है।” असम में कॉन्ग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका लगा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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