जामिया में लगे ‘हिंदुओं से आजादी’ के नारे; AAP विधायक अमानतुल्लाह कर रहा था हिंसक भीड़ की अगुवाई

अमानतुल्लाह ख़ान ने दावा किया है कि वो वारदात वाली जगह पर नहीं थे। लेकिन वीडियो में उन्हें इस प्रदर्शन के दौरान देखा जा सकता है। प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया था कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले दागने पड़े।

जामिया मिलिया इस्लामिया में नागरिकता संसोधन क़ानून के ख़िलाफ़ चल रहा विरोध-प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। आपत्तिजनक नारों से लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में एक नया वीडियो आया है। इसमें जामिया के छात्र हिन्दुओं के ख़िलाफ़ नारेबाजी कर रहे हैं। घृणा फैलाने वाले नारे लगा रहे हैं। इस वीडियो में जामिया के छात्रों को ‘हिन्दुओं से आज़ादी’ के नारे लगाते देखा जा सकता है। हालाँकि, नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध-प्रदर्शन में उन्होंने हिन्दुओं के प्रति घृणास्पद नारे क्यों लगाए, ये चर्चा का विषय है।

जामिया में लगा ‘हिन्दुओं से आज़ादी’ का नारा

जामिया के छात्रों ने ‘हिन्दुओं से लेकर रहेंगे आज़ादी’ का नारा लगाया। इससे पता चलता है कि इन विरोध-प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध नहीं, बल्कि कुछ और है। अगर एक यूनिवर्सिटी में पढ़े-लिखे छात्र इस तरह की नारेबाजी कर सकते हैं तो फिर बंगाल में हजारों की संख्या में मस्जिद से निकल कर सार्वजनिक संपत्ति को तहस-नहस करने वाले मुस्लिम दंगाइयों के मन में क्या सब चल रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पूरे बंगाल में कई रेलवे स्टेशनों में तोड़-फोड़ कर के यात्रियों को घंटों बंधक बनाए रखे जाने की ख़बरें आ रही हैं।

नागरिकता संशोधन क़ानून के नाम पर जामिया नगर में कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। डीटीसी की 3 बसों को फूँक डाला गया। बसें काफ़ी देर तक धू-धू कर जलीं और दमकलकर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। जिस जगह पर यह घटना हुई, वहाँ जामिया के छात्र ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। हालाँकि, छात्रों ने इस वारदात को आंदोलन को बदनाम किए जाने की साज़िश करार दिया।

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अब पता चला है कि जहाँ ये घटना हुई, वहाँ आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान भी मौजूद थे। जहाँ एक तरफ केजरीवाल ऐसी घटना को अस्वीकार्य बता रहे हैं, दूसरी तरफ उनके विधायक पर पर हिंसक भीड़ की अगुवाई करने का आरोप लग रहा है।

हालाँकि, अमानतुल्लाह ख़ान ने दावा किया है कि वो वारदात वाली जगह पर न तो विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे और न ही उसका हिस्सा थे। उन्होंने भले ही आरोपों से इनकार किया हो लेकिन वीडियो में उन्हें उस विरोध प्रदर्शन में देखा जा सकता है, जो बाद में इतना हिंसक हो उठा कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने कहा है कि इस पूरे मामले की जाँच की जा रही है।

ख़ान ने भाजपा के मत्थे पूरा दोष मढ़ते हुए कहा कि पार्टी उन्हें बदनाम करने पर तुली हुई है और अफवाह फैला रही है। उन्होंने कहा कि वो दूसरे प्रदर्शन में थे और वहाँ सबकुछ लोकतान्त्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से साबित हो जाएगा कि वो वहाँ पर नहीं थे।

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