Wednesday, July 17, 2024
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‘ये सत्ता के लिए बहुमत खरीदने वाले लोग, हम सिद्धांतों वाले लोग’: अमित शाह ने बताया कैसे कॉन्ग्रेस ने झामुमो को घूस देकर बचाई थी सरकार

अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने बड़े-बड़े वादे नहीं किए, लेकिन उनके जेहन में गरीबी का डंक भी था और दंश भी था। वो गरीब घर से देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुँचे, जबकि कॉन्ग्रेस ने गरीब कल्याण के लिए ढेर सारे वादे किए लेकिन काम नहीं किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के मॉनसून सत्र में विपक्षी गठबंधन द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव का जवाब दिया। बता दें कि ये प्रस्ताव कॉन्ग्रेस नेता गौरव गोगोई लेकर आए हैं। अमित शाह ने कहा कि संविधान के हिसाब से मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जिम्मेदार है, और अविश्वास प्रस्ताव रखने का प्रावधान भी है। उन्होंने जानकारी दी कि आज़ादी से लेकर अब तक 27 अविश्वास प्रस्ताव और 11 विश्वास प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि सरकारों के बहुमत जाने की स्थिति में या जनांदोलन के समय प्रजा की भावना को देख कर अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, लेकिन ये अविश्वास का प्रस्ताव ऐसा है कि अभी प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति न जनता को अविश्वास है और न सदन को। उन्होंने कहा कि जनता में भ्रान्ति खड़ी करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि चर्चा में कम से कम विपक्षी सांसदों को सरकार के विरोध में कुछ मुद्दे तो रख देने चाहिए थे, लेकिन ये अविश्वास प्रस्ताव प्रजा की इच्छाओं का प्रतिबिंब नहीं है।

उन्होंने कहा कि अब तक जिन्होंने भी अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में बोला है और जो समर्थन दिखाई पड़ा है वो बताता है कि अल्पमत का सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के 60 करोड़ गरीबों में नई आशा का संचार नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है, ऐसे में जनता में भी अविश्वास नहीं है। जनता के साथ संवादों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कहीं भी अविश्वास नहीं दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि जनता को अगर किसी में सबसे ज्यादा विश्वास है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में है।

उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 30 साल के बाद पहली बार पूर्ण बहुमत देने का कार्य देश की जनता ने लगातार 2 बार किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं, ये दुनिया भर के कई सर्वेक्षण कहते हैं। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी 24 घंटे में से 17 घंटे रोज काम करते हैं और छुट्टी नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में सबसे ज्यादा दिन प्रवास करने वाले प्रधानमंत्री भी अगर कोई है तो वो नरेंद्र मोदी हैं।

उन्होंने कहा कि 9 वर्षों में मोदी सरकार ने 50 से अधिक फैसले हैं जो ऐतिहासिक हैं। उन्होंने 9 अगस्त की महिमा बताते हुए कहा कि इस दिन ‘अंग्रेजों, भारत छोड़ो’ का नारा देते हुए ‘क्विट इंडिया’ आंदोलन शुरू किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण के नासूर से ग्रसित लोकतंत्र को हटा कर नरेंद्र मोदी ने ‘परफॉर्मेंस की राजनीति’ को तरजीह दी। उन्होंने कहा कि इसीलिए पीएम मोदी ने आज ‘भ्रष्टाचार, क्विट इंडिया’, ‘परिवारवाद, क्विट इंडिया’ और ‘तुष्टिकरण, क्विट इंडिया’ का नारा दिया।

अमित शाह ने कहा, “उद्देश्य चाहे जो भी हो, विपक्ष का अधिकार है अविश्वास प्रस्ताव लेकर आना। मैं इस दौरान 3 अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र करना चाहूँगा – 2 यूपीए काल में हम लेकर आए थे, एक एनडीए सरकार के खिलाफ लाया गया था। 1993 के जुलाई में नरसिम्हा राव की कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। कॉन्ग्रेस का मूल सिद्धांत है – किसी तरह सत्ता में बने रहना। नरसिम्हा राव की सरकार अविश्वास प्रस्ताव जीत गई और बाद में कई लोगों को जेल की सज़ा हुई।”

उन्होंने आरोप लगाया कि तब JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) को घूस देकर अविश्वास प्रस्ताव में समर्थन जुटाया गया था। उन्होंने बताया कि 2008 में मनमोहन सिंह विश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे, तब इस सदन ने उस वक्त सदन में कलंकित घटना देखी जब सांसदों को करोड़ों रुपए के घूस दिए गए और पीठ के सामने आकर ये आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए विश्वास प्रस्ताव लाया गया और सारे नियम-कानून और परंपराओं को त्याग कर सत्ता पर काबिज होने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि तब हमने हथकंडों का इस्तेमाल कर के सरकार नहीं बचाई। उन्होंने कहा कि तब भी सरकार कॉन्ग्रेस की तरह बचा सकते थे, लेकिन NDA का ये चरित्र नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीए का चरित्र भ्रष्टाचार का है, एनडीए का चरित्र सिद्धांतों का है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे तब ओडिशा के सीएम के वोट पर मामला फँसा था और एक वोट से सरकार चली गई।

उन्होंने बताया कि तब एक वोट सर सरकार गई, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी वापस बहुमत में लौटे। उन्होंने कहा कि वो करोड़ों रुपए लेकर बहुमत खरीदने वाले लोग हैं, हम सिद्धांतों के लिए सत्ता छोड़ने वाले लोग हैं। अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने बड़े-बड़े वादे नहीं किए, लेकिन उनके जेहन में गरीबी का डंक भी था और दंश भी था। वो गरीब घर से देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुँचे, जबकि कॉन्ग्रेस ने गरीब कल्याण के लिए ढेर सारे वादे किए लेकिन काम नहीं किया।

उन्होंने बताया कि 9.60 करोड़ महिलाओं के घरों में गैस सिलेंडर भेज कर उनके घरों को पीएम मोदी ने धुएँ से मुक्त किया। उन्होंने कहा कि 11 करोड़ परिवारों में शौचालय नहीं था। पीएम मोदी ने 9 साल में 11 करोड़ घरों में शौचालय दिया। उन्होंने बताया कि 12.65 लाख घरों में जल से नल पहुँचाने का काम किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे किसानों के कर्जमाफी की बात की जाती है, यूपीए के दौरान मात्र 70,000 करोड़ रुपए का कर्ज माफ़ किया गया।

उन्होंने कहा कि हम किसी का कर्ज माफ़ करने में विश्वास नहीं रखते, जबकि हमारा प्रयत्न रहता है कि कर्ज लेने की नौबत ही न आए। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने 2.40 लाख करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में डाले। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब देश के किसान तय करें कि एक ओर 70,000 करोड़ रुपए की कर्जमाफी का लॉलीपॉप देने वाली यूपीए सकरार, दूसरी तरफ सम्मान के साथ 2.40 लाख करोड़ रुपए सीधे बैंक खाते में।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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