Tuesday, June 18, 2024
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‘दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहिए’: विपक्षी जुटान से पहले मायावती ने नीयत पर उठाए सवाल, पटना में केजरीवाल को PM कैंडिडेट बनाने के पोस्टर

इस बैठक में जदयू, आरजेडी, कॉन्ग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, एनसीपी, शिवसेना-यूबीटी, झामुमो, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई, सीपीएम, डीएमके, सपा के नेता शामिल होंगे। बता दें कि विपक्षी एकता में बसपा का जिक्र नहीं है। यही कारण है कि मायावती इस बैठक को लेकर सवाल उठा रही हैं।

बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार (23 जून 2023) को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक को लेकर राजनीति के साथ-साथ पोस्टरबाजी भी तेज हो गई है। इस बैठक को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि दिल मिले ना मिले, हाथ मिलाते रहिए।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने गुरुवार (21 जून 2023) को कई ट्वीट किए। इनमें उन्होंने लिखा, “महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, अशिक्षा, जातीय द्वेष, धार्मिक उन्माद/हिंसा आदि से ग्रस्त देश में बहुजन के त्रस्त हालात से स्पष्ट है कि परमपूज्य बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी समतामूलक संविधान को सही से लागू करने की क्षमता कॉन्ग्रेस-बीजेपी जैसी पार्टियों के पास नहीं है।”

उन्होंने अगले ट्वीट में नीतीश कुमार की अगुवाई में विपक्षी दलों की बैठक को लेकर लिखा, “अब लोकसभा आम चुनाव के पूर्व विपक्षी पार्टियाँ जिन मुद्दों को मिलकर उठा रही हैं और ऐसे में श्री नीतीश कुमार द्वारा कल 23 जून की विपक्षी नेताओं की पटना बैठक ’दिल मिले न मिले हांथ मिलाते रहिए’ की कहावत को ज्यादा चरितार्थ करता है।”

मायावती ने आगे कहा, “वैसे अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर इस प्रकार के प्रयास से पहले अगर ये पार्टियाँ, जनता में उनके प्रति आम विश्वास जगाने की गज़ऱ् से, अपने गिरेबान में झाँककर अपनी नीयत को थोड़ा पाक-साफ कर लेतीं तो बेहतर होता। ’मुँह में राम बग़ल में छुरी’ आख़िर कब तक चलेगा?”

विपक्षी दलों की नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, “यूपी में लोकसभा की 80 सीट चुनावी सफलता की कुंजी कहलाती हैं, किन्तु विपक्षी पार्टियों के रवैये से ऐसा नहीं लगता है कि वे यहाँ अपने उद्देश्य के प्रति गंभीर व सही मायने में चिन्तित हैं। बिना सही प्राथमिकताओं के साथ यहाँ लोकसभा चुनाव की तैयारी क्या वाकई जरूरी बदलाव ला पाएगी?”

उधर पटना में बैठक से पहले पोस्टर वार शुरू हो गया है। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा गया है। पोस्टरों पर भारतीय जनता पार्टी लिखा हुआ है। वहीं, एक अन्य पोस्टर में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तस्वीर है। अरविंद केजरीवाल वाले पोस्टर पर लिखा है- ‘न आशा है, न विश्वास है। सम्हल कर रहना देश के लोगों, ये नीतीश कुमार है। मोदी जी का खासमखास है।’

पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साथ तस्वीर है। इस तस्वीर में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं। वहीं, उसके नीचे लिखा हुआ है कि ‘भावी प्रधानमंत्री-2024 और इसके नीचे अरविंद केजरीवाल’। इसके साथ ही पोस्टर पर झाड़ू भी बना है। हालाँकि, ये स्पष्ट नहीं है कि इस तरह के पोस्टर भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा ही लगवाए गए हैं या कोई।

इसी तरह का एक पोस्टर लगा है, जिसमें प्रधानमंत्री पद को लेकर व्यंग्य किया गया है। इस पोस्टर में आम आदमी पूछ रहा है, ‘आप में से पीएम का चेहरा कौन होगा?’ तो विपक्षी एकता जिंदाबाद का बोर्ड लिए नेताओं के आगे खड़े मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं, ‘अभी तो मन ही मन हम सब हैं, लेकिन चुनाव बाद आपसी सिर फुटव्वल करके तय कर लेंगे’।

इसके अलावा, एक पोस्टर में भाजपा ने विपक्षी दलों को ‘ठग्स’ करार दिया। एक पोस्टर में सभी विपक्षी नेताओं की तस्वीर है। जिसमें लिखा है ‘परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबी पार्टियों का महासम्मेलन’। होर्डिंग, बोर्ड और पोस्टर में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार पर वार किया गया है। भाजपा ने भ्रष्टाचार के आरोप में फँसे नेताओं की होर्डिंग का एक जगह शीर्षक दिया है- ‘खूब जमेगा रंग, जब मिल बैठेंगे ठगबंधन के भ्रष्टाचारी संग’।

बताते चलें कि इस बैठक में जदयू, आरजेडी, कॉन्ग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, एनसीपी, शिवसेना-यूबीटी, झामुमो, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई, सीपीएम, डीएमके, सपा के नेता शामिल होंगे। बता दें कि विपक्षी एकता में बसपा का जिक्र नहीं है। यही कारण है कि मायावती इस बैठक को लेकर सवाल उठा रही हैं।

बैठक में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और केसी वेणुगोपाल शामिल होंगे। वहीं, AAP के अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, संजय सिंह और राघव चड्ढा, TMC से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी, NCP से शरद पवार, शिवसेना (UBT) से उद्धव ठाकरे शिवसेना, जदयू से नीतीश कुमार और ललन सिंह, राजद से तेजस्वी यादव और लालू यादव, झामुमो से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, PDP से महबूबा मुफ्ती, NC से उमर अबदुल्ला, सपा के अखिलेश यादव, डीएमके से एमके स्टालिन, भाकपा महासचिव डी.राजा, भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य नेता भी आ रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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