Homeराजनीतिनई राजनीति: आत्ममुग्ध बौने ने पूछा, 'तुम होते कौन हो, तुम्हारे बाप की दिल्ली...

नई राजनीति: आत्ममुग्ध बौने ने पूछा, ‘तुम होते कौन हो, तुम्हारे बाप की दिल्ली है?’

सोशल मीडिया पर आजकल 'आत्ममुग्ध बौने' नाम से प्रचलित अरविन्द केजरीवाल ने साथ ही यह भी कह डाला कि मनोज तिवारी के पिता जी ने धरना नहीं दिया था।

अरविन्द केजरीवाल को जब उनके पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने आत्ममुग्ध बौना कहा था तो किसी ने सोचा नहीं होगा कि केजरीवाल उन्हें सच साबित करने के लिए किस हद तक जाएँगे। आज दिल्ली से सांसद और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी पर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने राजनीति के पिछले सभी कीर्तिमान ध्वस्त करते हुए गंभीर अपमानजनक टिप्पणी कर डाली।

जनता को नई वाली राजनीति का वायदा करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री बने आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने मनोज तिवारी को संबोधित करते हुए कहा, “तुम होते कौन हो, तुम्हारे बाप की दिल्ली है?”

दिल्ली में एक जनसभा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात, आंध्र, बिहार सब जगह मुख्यमंत्रियों ने धरना दिया, इन राज्यों को भी आधा बना दो। इससे आगे उन्होंने मनोज तिवारी को संबोधित करते हुए कहा, “तुम होते कौन हो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने वाले। तुम्हारे बाप की दिल्ली है?” सोशल मीडिया पर आजकल ‘आत्ममुग्ध बौने’ नाम से प्रचिलित अरविन्द केजरीवाल ने साथ ही ये भी कह डाला कि मनोज तिवारी के पिता जी ने धरना नहीं दिया था।

बता दें कि हाल ही में मनोज तिवारी ने कहा था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा होने से देश के संघीय ढांचे के लिए खतरा साबित हो सकता है।

कॉन्ग्रेस के सामने लगातार गिड़गिड़ाने के बाद भी कॉन्ग्रेस द्वारा केजरीवाल की गठबंधन की माँग स्वीकार न किए जाने के कारण बौखलाए केजरीवाल ने आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली केजरीवाल ने अगले ट्वीट में लिखा, “अमित शाह पूरी गुंडागर्दी पर उतरा हुआ है। अमित शाह के इशारे पर दिल्ली पुलिस हमारे कॉल सेंटर बंद करने की धमकी दे रही है। लाखों ज़िंदा लोगों के वोट काट दिए गए, हमने उन लोगों के वोट बनवाए, इसमें कौन सा गुनाह है? और पकड़ना है तो हमें पकड़ो, कॉल सेंटर को धमकी क्यों दे रहे हो?”

केजरीवाल ने अगले ट्वीट में लिखा, “आज सुबह हमारे दो कॉल सेंटर पर अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कीं रेड कराई। अब सारे काल सेंटर के मालिकों को थाने बुलाकर धमकाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी का काम बंद कर दो। अमित शाह, ऐसे चुनाव लड़ोगे? कॉल सेंटर वालों को क्यों तंग कर रहे हो? हिम्मत है तो हमें गिरफ़्तार करो।”

अरविन्द केजरीवाल अब चुनाव के मौसम में अपना धैर्य खोते दिखने लगे हैं। लेकिन अरविन्द केजरीवाल से पहले परेश रावल भी शब्दों की मर्यादा भूलकर कह चुके हैं कि अरविन्द केजरीवाल जूते के लायक हैं

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -